सात्विक-चिराग ने जीता चाइना मास्टर्स सुपर 750 खिताब, चीनी जोड़ी को हराकर रचा इतिहास

सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने चाइना मास्टर्स सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट का खिताब जीत लिया। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में चीन के हे जी टिंग

सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने चाइना मास्टर्स सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट का खिताब जीत लिया। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में चीन के हे जी टिंग और रेन शियांग यू को 11-21, 21-13, 21-17 से हराकर शानदार वापसी की।

China Master Final 2026: भारत की स्टार पुरुष डबल्स जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने चाइना मास्टर्स सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम कर लिया है। रविवार को खेले गए फाइनल में विश्व नंबर-5 भारतीय जोड़ी ने चीन के हे जी टिंग और रेन शियांग यू को तीन गेम तक चले रोमांचक मुकाबले में 11-21, 21-13, 21-17 से हराया। करीब 1 घंटे 10 मिनट चले फाइनल में भारतीय जोड़ी ने पहला गेम गंवाने के बाद शानदार वापसी की। सात्विक और चिराग ने दूसरे गेम में अपनी रणनीति बदली और निर्णायक गेम में दबाव के बावजूद धैर्य बनाए रखते हुए मुकाबला अपने नाम किया।

यह चाइना मास्टर्स में भारतीय जोड़ी का पहला खिताब है। इस जीत के साथ सात्विक और चिराग ने आगामी बड़े टूर्नामेंट से पहले अपनी तैयारी और फॉर्म का मजबूत संकेत भी दिया है।

पहला गेम चीन के नाम, भारतीय जोड़ी दबाव में दिखी

फाइनल की शुरुआत सात्विक और चिराग के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। चीनी जोड़ी ने शुरुआत से ही तेज और आक्रामक खेल अपनाया और भारतीय खिलाड़ियों को रैलियों पर नियंत्रण बनाने का मौका नहीं दिया। हे जी टिंग और रेन शियांग यू ने शुरुआती दौर में लगातार अंक हासिल करते हुए 5-0 की बढ़त बना ली। सात्विक और चिराग ने चीनी खिलाड़ियों के डिफेंस को तोड़ने की कोशिश की, लेकिन उन्हें लगातार दबाव का सामना करना पड़ा।

इंटरवल तक चीनी जोड़ी ने छह अंकों की बढ़त कायम कर ली। इसके बाद भी भारतीय खिलाड़ियों के लिए स्थिति नहीं बदली। चिराग की सर्विस में हुई गलती के बाद चीन की बढ़त 17-9 हो गई। इसके तुरंत बाद चिराग का एक और शॉट बाहर चला गया और चीनी जोड़ी ने पहला गेम 21-11 से जीतकर मैच में शुरुआती बढ़त हासिल कर ली।

दूसरे गेम में सात्विक-चिराग ने बदली रणनीति

पहला गेम हारने के बाद भारतीय जोड़ी ने दूसरे गेम में अपने खेल में महत्वपूर्ण बदलाव किया। सात्विक और चिराग ने डिफेंस को मजबूत करने के साथ रैलियों को लंबा खींचना शुरू किया।

सात्विक ने फ्लिक सर्विस का प्रभावी इस्तेमाल किया। इससे चीनी खिलाड़ी कई मौकों पर असमंजस में नजर आए और उन्हें अपनी आक्रामक रणनीति लागू करने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला।

भारतीय जोड़ी ने लंबे रैलियों के जरिए चीन के खिलाड़ियों को हर अंक के लिए संघर्ष करने पर मजबूर किया। इसी रणनीति का फायदा उन्हें स्कोर में भी मिला।

सात्विक और चिराग ने 45 शॉट की लंबी रैली अपने नाम की और स्कोर को 12-8 तक पहुंचाया। इसके बाद चीनी खिलाड़ियों की कुछ गलतियों ने भारतीय जोड़ी की स्थिति और मजबूत कर दी।

भारत को गेम प्वाइंट के सात मौके मिले। सात्विक ने आक्रामक रिटर्न के जरिए दबाव बनाए रखा और भारतीय जोड़ी ने दूसरा गेम 21-13 से जीत लिया।

इस जीत के साथ फाइनल का फैसला तीसरे और निर्णायक गेम में होना तय हुआ।

निर्णायक गेम में भी चीन ने बनाई शुरुआती बढ़त

तीसरे गेम में हे जी टिंग और रेन शियांग यू ने एक बार फिर तेज शुरुआत की। चीनी जोड़ी ने लगातार चार अंक हासिल करते हुए 4-0 की बढ़त बना ली।

स्कोर 7-3 होने के बाद चिराग ने शानदार स्मैश लगाया। इसके बाद हे जी टिंग की गलती का भारतीय जोड़ी ने फायदा उठाया और अंतर घटाकर 5-7 कर दिया।

सात्विक और चिराग ने इसके बाद लगातार चौथा अंक जीतकर स्कोर 7-7 से बराबर कर दिया। मुकाबला यहां से बेहद करीबी हो गया।

कुछ फ्लैट रैलियों के बाद चीनी जोड़ी ने इंटरवल तक दो अंकों की बढ़त बनाए रखी। इंटरवल के बाद भारतीय खिलाड़ी अपने पसंदीदा कोर्ट साइड पर लौटे और 11-13 से पिछड़ने के बावजूद मुकाबले में बने रहे।

सात्विक-चिराग ने जीता चाइना मास्टर्स सुपर 750 खिताब, चीनी जोड़ी को हराकर रचा इतिहास

16-16 की बराबरी के बाद भारत ने पलटा मैच

निर्णायक गेम के अंतिम चरण में दोनों जोड़ियों के बीच एक-एक अंक के लिए कड़ा मुकाबला हुआ। भारतीय जोड़ी ने दबाव के बीच अपनी रफ्तार और आक्रामकता बनाए रखी।

एक समय स्कोर 16-16 से बराबर हो गया। इसके बाद मुकाबला पूरी तरह खुल गया और दोनों जोड़ियां खिताब के बेहद करीब थीं।

हे जी टिंग के नेट में शॉट मारने से सात्विक और चिराग को 18-17 की बढ़त मिल गई। इसके बाद नेट कॉर्ड से मिले एक भाग्यशाली अंक ने भारत की स्थिति और मजबूत कर दी।

भारतीय जोड़ी को मैच प्वाइंट के तीन मौके मिले। चिराग ने निर्णायक क्षण में शानदार स्मैश लगाकर मैच समाप्त किया और तीसरा गेम 21-17 से अपने नाम कर लिया।

इसके साथ ही सात्विक और चिराग ने चाइना मास्टर्स सुपर 750 का खिताब जीत लिया।

भारतीय जोड़ी को मिली करीब 87 लाख रुपये की इनामी राशि

चाइना मास्टर्स का खिताब जीतने के साथ सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को 92 हजार अमेरिकी डॉलर की इनामी राशि मिली। यह भारतीय मुद्रा में करीब 87 लाख रुपये है।

फाइनल में हार के बावजूद चीन की हे जी टिंग और रेन शियांग यू की जोड़ी ने भारतीय खिलाड़ियों को कड़ी चुनौती दी। मुकाबले में पहला गेम जीतने के बाद चीनी जोड़ी खिताब की मजबूत दावेदार नजर आ रही थी, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार दो गेम जीतकर मैच का रुख बदल दिया।

एशियन गेम्स से पहले मिली बड़ी जीत

चाइना मास्टर्स का खिताब सात्विक और चिराग के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों खिलाड़ी 19 सितंबर से जापान में होने वाले एशियन गेम्स में अपने गोल्ड मेडल का बचाव करने उतरेंगे।

ऐसे में सुपर 750 स्तर के टूर्नामेंट में यह जीत भारतीय जोड़ी के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली है। खास तौर पर फाइनल में पहला गेम हारने के बाद वापसी करना उनके मानसिक धैर्य और रणनीतिक क्षमता को दर्शाता है।

सात्विक और चिराग ने पिछले कुछ वर्षों में भारतीय बैडमिंटन को पुरुष डबल्स में नई पहचान दिलाई है। चाइना मास्टर्स का यह खिताब उनके करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में जुड़ गया है।

खिताबी जीत से भारतीय बैडमिंटन को बढ़ावा

चाइना मास्टर्स सुपर 750 जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारतीय पुरुष डबल्स जोड़ी की जीत देश के बैडमिंटन के लिए भी बड़ी उपलब्धि है। सात्विक और चिराग ने फाइनल में कठिन परिस्थितियों से बाहर निकलकर दिखाया कि वे दबाव वाले मुकाबलों में अपनी रणनीति बदलने और वापसी करने में सक्षम हैं।

अब उनकी नजर एशियन गेम्स में अपने खिताब का बचाव करने पर होगी। चाइना मास्टर्स की यह जीत उस अभियान से पहले भारतीय जोड़ी को जरूरी आत्मविश्वास देगी।

फाइनल का परिणाम यह भी दिखाता है कि सात्विक-चिराग की जोड़ी सिर्फ आक्रामक खेल पर निर्भर नहीं है। दूसरे गेम में बेहतर डिफेंस, लंबी रैलियां और तीसरे गेम में दबाव के बीच आक्रामक शॉट्स ने उन्हें खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

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