सत्य निकेतन हादसे पर केजरीवाल ने सरकार को घेरा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

Satya Niketan Building Collapse: सत्य निकेतन हादसे पर अरविंद केजरीवाल ने सरकार को घेरा और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रशासन की लापरवाही पर भी

आम आदमी पार्टी (AAP) ने सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के लिए सरकारी लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज समेत कई नेताओं ने हादसे पर दुख और चिंता जताई।

Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने की घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने हादसे के लिए कथित सरकारी लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए राजधानी में इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घटना पर चिंता जताते हुए नागरिकों की सुरक्षा के लिए बड़े स्तर पर कार्रवाई की मांग की है।

हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान को लेकर भी चिंता जताई गई। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने मलबे में फंसे लोगों के जल्द और सुरक्षित बाहर निकाले जाने की कामना की। पार्टी का कहना है कि राजधानी में इमारतों की सुरक्षा से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेने और संभावित रूप से खतरनाक संरचनाओं की पहचान करने की जरूरत है।

केजरीवाल ने सरकार पर साधा निशाना

अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना को बेहद दुखद और चिंताजनक बताया। उन्होंने मलबे में फंसे लोगों के सुरक्षित रेस्क्यू की उम्मीद जताते हुए दिल्ली सरकार पर भी निशाना साधा। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि दिल्ली में सरकारी स्तर पर लापरवाही के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे मामलों से सबक लेते हुए व्यापक स्तर पर कदम उठाने चाहिए, ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

AAP नेता ने अपने बयान में इमारतों की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना है कि केवल हादसे के बाद प्रतिक्रिया देने के बजाय पहले से ऐसी संरचनाओं की पहचान की जानी चाहिए, जिनसे लोगों की जान को खतरा हो सकता है।

सौरभ भारद्वाज भी पहुंचे घटनास्थल

सत्य निकेतन हादसे पर केजरीवाल ने सरकार को घेरा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी घटनास्थल का दौरा किया। वहां स्थानीय लोगों से बातचीत के बाद उन्होंने मलबे में बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका जताई। भारद्वाज के मुताबिक, आसपास रहने वाले लोगों ने उन्हें बताया कि इमारत में चल रहे पीजी में करीब 30 से 40 युवा मौजूद हो सकते थे। 

हालांकि, इस संख्या की स्वतंत्र पुष्टि आधिकारिक आंकड़ों से होना बाकी है। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद भारद्वाज ने दिल्ली में इमारतों की सुरक्षा को लेकर पहले किए गए सरकारी दावों का भी जिक्र किया।

पुराने हादसों का दिया उदाहरण

सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली के सैदुलाजाब इलाके में साकेत के पास हुए एक पुराने इमारत हादसे का उल्लेख करते हुए कहा कि उस घटना के बाद राजधानी की इमारतों का सुरक्षा ऑडिट कराने की बात कही गई थी। उन्होंने मालवीय नगर के एक होटल में हुई आग की घटना का भी जिक्र किया, जिसमें उनके अनुसार 22 लोगों की मौत हुई थी। भारद्वाज का दावा है कि उस हादसे के बाद भी इमारतों के ऑडिट और खतरनाक संरचनाओं के खिलाफ कार्रवाई की बात दोहराई गई थी।

AAP नेता ने सवाल उठाया कि यदि ऐसे हादसों के बाद सुरक्षा ऑडिट और कार्रवाई की घोषणाएं की गई थीं, तो इसके बावजूद सत्य निकेतन में इस तरह की घटना कैसे हुई।

इमारतों की सुरक्षा पर फिर बहस

सत्य निकेतन हादसे ने दिल्ली में पुरानी और असुरक्षित इमारतों की निगरानी तथा सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है। राजधानी के कई इलाकों में बड़ी संख्या में आवासीय और व्यावसायिक इमारतों का इस्तेमाल किया जाता है, जिनमें कुछ स्थानों पर पीजी और किराये के आवास भी संचालित होते हैं।

ऐसी घटनाओं के बाद विशेषज्ञ आम तौर पर नियमित संरचनात्मक जांच, निर्माण मानकों के पालन और खतरनाक इमारतों की समय पर पहचान को महत्वपूर्ण मानते हैं।

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