साउथैम्पटन में हेनरी नॉवाक हत्या के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई। पुलिस पर पथराव में 11 पुलिसकर्मी और एक डॉग घायल हुए। दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और मामले की जांच जारी है।
साउथैम्प्टन: ब्रिटेन के साउथैम्प्टन शहर में 18 वर्षीय छात्र हेनरी नोवाक की हत्या को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन मंगलवार रात हिंसक झड़पों में बदल गया। यह घटना उस समय और गंभीर हो गई जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव बढ़ गया और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। पुलिस के अनुसार इस पूरी घटना में 11 पुलिसकर्मी और एक पुलिस डॉग घायल हुए हैं, जबकि दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
हेनरी नोवाक की हत्या
हेनरी नोवाक, जो मात्र 18 वर्ष के छात्र थे, की दिसंबर में चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में विक्रम डिगवा को दोषी ठहराया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार हत्या से पहले आरोपी ने नोवाक पर झूठा नस्लवाद का आरोप लगाया था, जिसके बाद यह मामला और अधिक संवेदनशील और विवादित बन गया। सबसे अधिक चर्चा इस बात को लेकर है कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद नोवाक को पुलिस द्वारा कथित रूप से गिरफ्तार कर हथकड़ी पहनाई गई थी, जिससे पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन से हिंसा तक पहुंचा माहौल
शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, जहां सैकड़ों लोग साउथैम्प्टन सेंट्रल पुलिस स्टेशन के बाहर एकत्र होकर न्याय की मांग कर रहे थे। लोग पुलिस कार्रवाई की आलोचना कर रहे थे और मामले की पारदर्शी जांच की मांग कर रहे थे। लेकिन जैसे-जैसे रात बढ़ी, भीड़ का व्यवहार बदलने लगा और कुछ लोग मास्क पहनकर उग्र गतिविधियों में शामिल हो गए।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव
स्थिति उस समय गंभीर हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की और पुलिस पर पत्थर, बोतलें, ईंटें और अन्य वस्तुएं फेंकनी शुरू कर दीं। रिपोर्ट्स के अनुसार एक पुलिस अधिकारी पर ई-स्कूटर भी फेंका गया, जिससे वह बाल-बाल बचा। इलाके में अफरा-तफरी फैल गई और पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा।
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संवेदनशील इलाके में तनाव और स्थानीय लोगों में डर
हिंसा उस इलाके तक पहुंच गई जहां हेनरी नोवाक के कथित हत्यारे के परिवार के रहने की बात कही जाती है। इस क्षेत्र में सुरक्षा घेरा होने के बावजूद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें जारी रहीं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि उन्होंने ऐसी हिंसा पहले कभी नहीं देखी और पूरा इलाका डर और तनाव में डूब गया।
पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और कार्रवाई
हैम्पशायर पुलिस के चीफ कॉन्स्टेबल एलेक्सिस बून ने इस हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान कई लोगों ने जानबूझकर अराजकता फैलाने की कोशिश की। उनके अनुसार पुलिस पर संगठित तरीके से हमला किया गया, जिसमें बोतलें, हथियार जैसे वस्तुएं और अन्य प्रोजेक्टाइल का इस्तेमाल हुआ। उन्होंने पुष्टि की कि 11 पुलिसकर्मी और एक पुलिस डॉग घायल हुए हैं और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि जांच आगे बढ़ने के साथ गिरफ्तारियों की संख्या बढ़ सकती है।
सरकार और राजनीतिक प्रतिक्रिया
ब्रिटेन की गृह मंत्री शबाना महमूद ने इस हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अराजकता स्वीकार्य नहीं है। वहीं पुलिस मंत्रालय की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि एंटी-रेसिज्म पुलिसिंग गाइडेंस में बदलाव पर विचार किया जा सकता है, जिससे इस घटना ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
पुलिस सुधार और नीति पर उठते सवाल
इस मामले के बाद पुलिस की “एंटी-रेसिज्म कमिटमेंट” और जांच प्रक्रिया पर भी बहस शुरू हो गई है। आलोचकों का कहना है कि मौजूदा नीति और प्रक्रियाओं की समीक्षा जरूरी है, जबकि समर्थकों का मानना है कि यह नीति पुलिसिंग में समानता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।
स्थानीय समुदाय और सामाजिक प्रभाव
इस घटना ने साउथैम्प्टन के शांत माने जाने वाले इलाकों में गहरा डर और चिंता पैदा कर दी है। लोग अपने घरों में सुरक्षित रहने को मजबूर हुए और कई परिवारों ने इस हिंसा को लेकर चिंता जताई। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर तीखी बहस देखने को मिल रही है, जहां लोग न्याय, पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शन के तरीके पर अलग-अलग राय रख रहे हैं।
जांच जारी और आगे की संभावनाएं
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच जारी है और बॉडी-वॉर्न कैमरा फुटेज सहित सभी सबूतों की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।










