SBI Report: छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड में न्यूनतम वेतन उल्लंघन सबसे ज्यादा, मजदूरों को कम भुगतान

SBI Report के मुताबिक छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड में न्यूनतम वेतन उल्लंघन सबसे ज्यादा है। 25% श्रमिकों को तय वेतन से कम भुगतान मिला।

State Bank of India की नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि भारत के लगभग 25 प्रतिशत अस्थायी श्रमिकों को कानूनी न्यूनतम वेतन से कम भुगतान किया जा रहा है। छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड में सबसे अधिक वेतन उल्लंघन दर्ज किए गए हैं।

New Delhi:State Bank of India की रिसर्च रिपोर्ट ने देश में न्यूनतम वेतन व्यवस्था को लेकर गंभीर तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के मुताबिक बड़ी संख्या में अस्थायी श्रमिकों को तय कानूनी वेतन से कम भुगतान मिल रहा है। खासतौर पर Chhattisgarh, Odisha और Jharkhand में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक बताई गई है।

देश के 25% अस्थायी श्रमिकों को नहीं मिल रहा न्यूनतम वेतन

एसबीआई की यह रिपोर्ट पीरियडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) 2025 के आंकड़ों पर आधारित है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के लगभग एक चौथाई अस्थायी श्रमिकों को कानूनी रूप से तय न्यूनतम वेतन से कम भुगतान किया जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार यह स्थिति बताती है कि श्रम कानून अभी भी देश के कमजोर आर्थिक वर्गों तक प्रभावी तरीके से नहीं पहुंच पा रहे हैं। खासकर असंगठित और अस्थायी क्षेत्र में काम करने वाले मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड में सबसे ज्यादा उल्लंघन

रिपोर्ट में Chhattisgarh को सबसे खराब स्थिति वाला राज्य बताया गया है। यहां लगभग 70 प्रतिशत अस्थायी श्रमिकों को न्यूनतम वेतन से कम भुगतान किया जा रहा है।

इसके बाद:

  • Odisha में 66 प्रतिशत
  • Jharkhand में 65 प्रतिशत

अस्थायी श्रमिक तय वेतन से कम कमाई कर रहे हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इन राज्यों में बड़ी संख्या में मजदूर बिना पर्याप्त आर्थिक सुरक्षा के काम करने को मजबूर हैं।

महिला श्रमिकों की स्थिति ज्यादा चिंताजनक

रिपोर्ट के मुताबिक कम वेतन पाने वाले अस्थायी श्रमिकों में महिलाओं की हिस्सेदारी काफी अधिक है। कुल अस्थायी कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी 25 प्रतिशत है, लेकिन कम वेतन पाने वाले श्रमिकों में उनका हिस्सा 45 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंकड़ा श्रम बाजार में मौजूद लैंगिक असमानता और वेतन भेदभाव को भी दर्शाता है।

बड़े राज्यों में भी कमजोर दिखा अनुपालन

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि आर्थिक रूप से मजबूत माने जाने वाले राज्यों में भी न्यूनतम वेतन लागू कराने में चुनौतियां बनी हुई हैं।

Maharashtra और West Bengal जैसे राज्यों में करीब एक-तिहाई अस्थायी श्रमिकों को तय न्यूनतम वेतन से कम भुगतान मिला।

वहीं Punjab में लगभग 37.19 प्रतिशत श्रमिक न्यूनतम वेतन स्तर से नीचे कमाई करते पाए गए।

दक्षिणी राज्यों का प्रदर्शन बेहतर

रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में न्यूनतम वेतन अनुपालन बेहतर देखने को मिला।

Tamil Nadu में केवल 4.58 प्रतिशत और Telangana में सिर्फ 0.36 प्रतिशत उल्लंघन दर्ज किए गए।

वहीं Andhra Pradesh ऐसा राज्य रहा, जहां रिपोर्ट के अनुसार न्यूनतम वेतन उल्लंघन का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ।

राज्यों को सख्ती बढ़ाने की सलाह

एसबीआई की रिपोर्ट में राज्यों को न्यूनतम वेतन अधिनियम को सख्ती से लागू करने की सलाह दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि श्रमिकों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और श्रम कानूनों के पालन को मजबूत करना जरूरी है।

विशेषज्ञों के मुताबिक यदि न्यूनतम वेतन नियमों का सही तरीके से पालन नहीं हुआ, तो असंगठित क्षेत्र के करोड़ों श्रमिक आर्थिक असुरक्षा और शोषण का सामना करते रहेंगे।

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