सीकर पुलिस ने 5 महीने से फरार चल रहे दो इनामी आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर जमीन कब्जा और लूट जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। दादिया थाना पुलिस ने उन्हें सीकर में आने पर दबोच लिया और पूछताछ जारी है।
सीकर: राजस्थान के सीकर जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 25-25 पैसे के इनामी दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी पिछले लगभग पांच महीनों से पुलिस से बचते हुए अलग-अलग स्थानों पर फरारी काट रहे थे। जैसे ही दोनों सीकर जिले के दादिया थाना क्षेत्र में पहुंचे, पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर उन्हें घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई दादिया थाना पुलिस की सतर्कता और लगातार निगरानी के चलते संभव हो सकी। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनके नेटवर्क तथा आपराधिक गतिविधियों से जुड़े कई अहम खुलासे होने की संभावना है।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
पुलिस ने जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार की गई है:
- सुमित कुमार (26), पुत्र श्रीचंद जाट, निवासी अजीतपुरा
- अजय उर्फ अज्जू (25), निवासी कूदन
दोनों आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से पकड़ा गया। एक आरोपी को फतेहपुर क्षेत्र से दबोचा गया, जबकि दूसरे को दादिया थाना पुलिस की गश्त टीम ने नियमित जांच अभियान के दौरान गिरफ्तार किया।
पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी लंबे समय से फरार थे और गिरफ्तारी से बचने के लिए राजस्थान सहित पड़ोसी राज्यों में लगातार अपना ठिकाना बदल रहे थे।
गैंग से जुड़े होने का आरोप और आपराधिक पृष्ठभूमि
दादिया थाना पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार दोनों आरोपी एक संगठित आपराधिक गिरोह “एसपी ग्रुप” से जुड़े बताए जा रहे हैं। इस गैंग के खिलाफ दादिया थाने में पहले से ही गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह मामला केवल व्यक्तिगत अपराध तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संगठित गिरोह से जुड़ा हुआ है, जो लंबे समय से क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है।
गैंगवार और संगठित अपराध का नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि झुंझुनूं जिले में दो गुटों—रविंद्र कटेवा गैंग और श्रवण भादवासी गैंग—के बीच पुरानी रंजिश के चलते गैंगवार हुई थी। इसके बाद इस विवाद ने सीकर जिले तक अपना प्रभाव बढ़ाया।
इसी विवाद के बाद दादिया थाना पुलिस ने रविंद्र कटेवा और एसपी ग्रुप से जुड़े करीब 10 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। यह मामला भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 111 के तहत दर्ज किया गया है, जो संगठित अपराध और गंभीर आपराधिक गतिविधियों से संबंधित है।
जमीन कब्जा, फिरौती और डर फैलाने की गतिविधियां
पुलिस के अनुसार, एसपी ग्रुप और रविंद्र कटेवा गैंग पहले एक ही नेटवर्क का हिस्सा थे, लेकिन बाद में आपसी विवाद के कारण दो अलग-अलग गुटों में बंट गए। इसके बाद दोनों गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो गई।

इन गैंगों पर आरोप है कि वे निम्नलिखित आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं:
- जमीन पर अवैध कब्जा
- फिरौती वसूली
- धमकी और डर का माहौल बनाना
- संगठित रूप से लूट और जबरन वसूली
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह गैंग स्थानीय स्तर पर लोगों में डर पैदा करने के लिए सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल करता था। आरोपी रील और वीडियो के माध्यम से अपनी दहशत फैलाने की कोशिश करते थे।
सोशल मीडिया के जरिए दहशत फैलाने का आरोप
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी और उनके सहयोगी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वीडियो और रील्स डालकर अपनी आपराधिक छवि को बढ़ावा देते थे। इन पोस्ट्स का उद्देश्य आम जनता में भय का माहौल बनाना और क्षेत्र में अपना दबदबा कायम करना था।
पुलिस का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां आधुनिक संगठित अपराध के नए रूप को दर्शाती हैं, जहां डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग अपराधी अपनी पहचान और प्रभाव बढ़ाने के लिए करते हैं।
पुलिस की रणनीति और गिरफ्तारी अभियान
दादिया थाना पुलिस लंबे समय से इस गिरोह के सदस्यों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र के जरिए पुलिस को जानकारी मिली कि दोनों आरोपी सीकर जिले में प्रवेश कर चुके हैं।
इसके बाद अलग-अलग टीमों को सक्रिय किया गया और संभावित ठिकानों पर निगरानी बढ़ाई गई। गश्त के दौरान संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में हो सकते हैं बड़े खुलासे
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। उनसे यह जानने की कोशिश की जा रही है कि:
गिरोह में और कौन-कौन शामिल है
- जमीन कब्जाने और फिरौती के मामलों का पूरा नेटवर्क क्या है
- सोशल मीडिया के जरिए डर फैलाने की रणनीति किसने बनाई
- अन्य जिलों में कितनी वारदातें की गई हैं
अधिकारियों को उम्मीद है कि इस पूछताछ से पूरे गैंग नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आएंगी।
संगठित अपराध के खिलाफ सख्ती बढ़ी
सीकर पुलिस का कहना है कि जिले में संगठित अपराध और गैंग गतिविधियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। हाल के महीनों में कई वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी की गई है और आपराधिक नेटवर्क को कमजोर करने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस प्रशासन का लक्ष्य है कि ऐसे गैंगों की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जाए, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत बनी रहे।










