राजस्थान के Sikar में पुलिस ने एक बड़े सर्च ऑपरेशन को अंजाम देते हुए नवलगढ़ रोड स्थित कृष्णा रेजिडेंसी के फ्लैटों में अचानक छापेमारी की। इस कार्रवाई में 100 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल रहे, जिन्होंने सुबह-सुबह कई फ्लैट्स की तलाशी ली और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की।
सीकर: नवलगढ़ रोड पर स्थित कृष्णा रेजिडेंसी के फ्लैटों में सीकर पुलिस ने अचानक रेड डाली। इस दौरान एडिशनल एसपी डॉ. तेजपाल सिंह, सीओ सिटी संदीप चौधरी, गोकुलपुरा थानाधिकारी विजयपाल यादव (ट्रेनी आरपीएस), उद्योग नगर थाना प्रभारी राजेश कुमार बुडानिया और कोतवाली थाना प्रभारी सुनील कुमार जांगिड़ समेत पुलिस की टीम मौजूद रही।
कार्रवाई को लेकर एडिशनल एसपी डॉ. तेजपाल सिंह ने बताया कि राजस्थान पुलिस के नियमों के अनुसार किराएदारों का सत्यापन अनिवार्य है। पुलिस के अनुसार, इस रेजिडेंसी में बड़ी संख्या में लोग किराए पर रहते हैं और पिछले कुछ समय से यहां किरायेदारों के वेरिफिकेशन न होने की शिकायतें मिल रही थीं। इसी के आधार पर यह विशेष अभियान चलाया गया।
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वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
इस सर्च ऑपरेशन में पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। इनमें एडिशनल एसपी डॉ. तेजपाल सिंह, सीओ सिटी संदीप चौधरी, गोकुलपुरा थाना प्रभारी विजयपाल यादव, उद्योग नगर थाना प्रभारी राजेश कुमार बुडानिया और कोतवाली थाना प्रभारी सुनील कुमार जांगिड़ शामिल थे।
पुलिस टीम ने सुनियोजित तरीके से बिल्डिंग के अलग-अलग फ्लैट्स में प्रवेश कर जांच की और वहां रहने वाले लोगों के दस्तावेजों की जांच की।
कई फ्लैट्स में बिना वेरिफिकेशन रह रहे लोग मिले
रेड के दौरान पुलिस को कई फ्लैट्स में अनियमितताएं मिलीं। कुछ फ्लैट्स में जहां एक या दो लोगों के नाम पर किरायेदारी दर्ज थी, वहीं अंदर 5-6 युवक एक साथ रह रहे थे।
इनमें से कई लोगों के पास कोई वैध पहचान या किरायेदारी दस्तावेज नहीं पाए गए। पुलिस ने सभी से पूछताछ कर उनके पहचान पत्रों की जांच की और आवश्यक जानकारी एकत्र की।
15-20 दिन में वेरिफिकेशन पूरा करने के निर्देश
एडिशनल एसपी डॉ. तेजपाल सिंह ने बताया कि राजस्थान पुलिस के नियमों के अनुसार, हर मकान मालिक के लिए किरायेदार का पुलिस वेरिफिकेशन करवाना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि कृष्णा रेजिडेंसी जैसे बड़े आवासीय परिसरों में यह नियम और भी जरूरी हो जाता है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में बाहरी लोग रहते हैं।
पुलिस ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अगले 15 से 20 दिनों के भीतर सभी किरायेदारों का वेरिफिकेशन पूरा करवा लें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सख्ती
पुलिस का यह अभियान शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के उद्देश्य से चलाया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े शहरों और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में किरायेदारों का वेरिफिकेशन अपराध नियंत्रण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
सीकर जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में बाहरी आबादी और किरायेदारों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में बिना वेरिफिकेशन के लोगों का रहना सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय बन सकता है।
पुलिस प्रशासन अब इस दिशा में व्यापक अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है, ताकि शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके और संभावित अपराधों को रोका जा सके।
आगे भी जारी रहेंगे ऐसे अभियान
पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि इस तरह के सर्च ऑपरेशन और वेरिफिकेशन अभियान आगे भी जारी रहेंगे। शहर के अन्य बड़े आवासीय क्षेत्रों और किराए के मकानों की भी जांच की जाएगी।









