नैनीताल: भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय के प्रधानाचार्य बिशन सिंह मेहता को शिक्षा, खेल और उत्तराखंड की लोक संस्कृति के संरक्षण में योगदान के लिए शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया।
नैनीताल: भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय के प्रधानाचार्य बिशन सिंह मेहता को शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया है। देहरादून में राज्यपाल ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। मेहता को विद्यालय में शैक्षणिक और खेल सुविधाओं के विकास, स्मार्ट कक्षाओं, पुस्तकालय व्यवस्था को मजबूत करने तथा उत्तराखंड की पारंपरिक लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए किए गए कार्यों के लिए पुरस्कार दिया गया।
शिक्षा और खेल सुविधाओं को किया बेहतर
बिशन सिंह मेहता के नेतृत्व में भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था और भौतिक संसाधनों को विकसित करने पर जोर दिया गया। विद्यालय में स्मार्ट कक्षाओं के माध्यम से अध्यापन को बेहतर बनाया गया। विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए पुस्तकालय व्यवस्था को भी मजबूत किया गया।
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राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत स्कूल में सफाई अभियान चलाए गए। इसके साथ ही विद्यार्थियों और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने के प्रयास किए गए।
उत्तराखंड की लोक संस्कृति के संरक्षण पर जोर
मेहता ने विद्यालय के विद्यार्थियों को उत्तराखंड की पारंपरिक लोक संस्कृति से जोड़ने के लिए भी काम किया। विलुप्त होती लोक परंपराओं और वाद्य यंत्रों को बढ़ावा देने के लिए ढोल, दमाऊं, मशकबीन, रणसिंघा और तूतरी जैसे पारंपरिक वाद्यों को विद्यालय की गतिविधियों का हिस्सा बनाया गया।
इन वाद्य यंत्रों को राष्ट्रीय कला उत्सव तक पहुंचाया गया। इसके अलावा विद्यार्थियों का छोलिया दल भी तैयार किया गया, जिससे नई पीढ़ी को राज्य की लोक संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया गया।
विद्यालय में पढ़ते हैं एक हजार से अधिक विद्यार्थी
भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय नैनीताल में एक हजार से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यालय में सांस्कृतिक गतिविधियों और खेल सुविधाओं के विकास के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर भी ध्यान दिया गया है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद बिशन सिंह मेहता ने इसका श्रेय विद्यालय के संस्थापक प्रबंधक प्रताप भैया, संस्थापक प्रधानाचार्य कला बिष्ट, प्रबंध समिति के सदस्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को दिया।








