Share Market Outlook: अगले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में रिकवरी की संभावना, निफ्टी और सेंसेक्स पर नजर

भारतीय शेयर बाजार में 2 अप्रैल को मामूली तेजी, निफ्टी 22,713 और सेंसेक्स 73,319 पर बंद, कच्चे तेल और ईरान तनाव के बावजूद रिकवरी, निवेशको की निगाह अगले सप्ताह पर

2 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती गिरावट के बाद मामूली तेजी दर्ज की गई। निफ्टी 22,713 और सेंसेक्स 73,319 पर बंद हुए। कच्चे तेल की बढ़ती कीमत और ईरान तनाव के बावजूद निवेशकों ने रिकवरी दिखाई।

Stock Market Outlook: भारतीय शेयर बाजार में 2 अप्रैल को उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद मामूली बढ़त दर्ज की गई। दिन की शुरुआत बाजार में बड़ी गिरावट के साथ हुई थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की ईरान के बिजली ढांचे पर हमले की चेतावनी से निवेशकों में चिंता बढ़ी, जिससे कच्चे तेल की कीमत 106 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई और एशियाई बाजारों में कमजोरी दिखी। हालांकि, दिन के दौरान माहौल सुधरा और निफ्टी ने अपने निचले स्तर से 500 से अधिक अंकों की रिकवरी करते हुए कारोबार को बढ़त में बंद किया।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 185.23 अंक यानी 0.25 प्रतिशत बढ़कर 73,319.55 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 33.70 अंक यानी 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,713.10 पर बंद हुआ। ब्रॉडर मार्केट में कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.3 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत गिर गया।

साप्ताहिक प्रदर्शन

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच भारतीय शेयर बाजार की गिरावट लगातार छठे हफ़्ते तक जारी रही। साप्ताहिक आधार पर निफ्टी 50 0.5 प्रतिशत और सेंसेक्स 0.4 प्रतिशत गिर गए। ट्रंप प्रशासन द्वारा ईरान पर आक्रामक रुख अपनाने की चेतावनी ने ब्रेंट क्रूड की कीमत 109 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचा दी, जिसका नेगेटिव असर बाजार पर देखा गया।

इस सप्ताह 16 में से 12 प्रमुख सेक्टरों में गिरावट रही। स्मॉलकैप इंडेक्स 0.2 प्रतिशत बढ़ा, जबकि मिडकैप सूचकांक 0.8 प्रतिशत गिर गया। बैंकिंग शेयर 1.4 प्रतिशत गिर गए और लगातार छठे सप्ताह नुकसान में रहे। इसका मुख्य कारण विदेशी मुद्रा सट्टेबाजी पर संभावित नियंत्रण और ट्रेडिंग घाटे की आशंका रही। फार्मा शेयर 3.4 प्रतिशत गिर गए, क्योंकि ट्रंप प्रशासन उन दवा कंपनियों पर शुल्क लगा सकता है जिन्होंने अमेरिका में कीमतें कम करने पर सहमति नहीं दी।

दूसरी ओर, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर 4.2 प्रतिशत चढ़े, जिससे रक्षा क्षेत्र के शेयर 2.4 प्रतिशत तक मजबूत हुए। यह तेजी भारत द्वारा 25 अरब डॉलर के सैन्य खरीद प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद आई।

अगले सप्ताह का बाजार Outlook

अगले सप्ताह भी भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। निवेशकों का रुख पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और इसके परिणामों पर निर्भर रहेगा। मोतीलाल ओसवाल के अनुसार, अमेरिका ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर संभावित कार्रवाई की रणनीति का आकलन कर रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप के हालिया बयान अधिक आक्रामक रुख का संकेत देते हैं, लेकिन कूटनीतिक समाधान की संभावना भी बनी हुई है।

ब्रोकरेज ने कहा कि चौथी तिमाही के नतीजों के सीजन की शुरुआत से बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। मार्च तिमाही में मुद्रा कमजोर होने, कच्चे तेल की ऊंची लागत और वैश्विक मांग में असमानता का असर पड़ा। इसका मतलब है कि अलग-अलग सेक्टरों का प्रदर्शन अलग-अलग रह सकता है और शेयरों में चुनिंदा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) 9 अप्रैल को अपने नतीजे घोषित करेगी, जो आईटी सेक्टर और पूरे नतीजा सीजन की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।

निफ्टी का टेक्निकल विश्लेषण

बजाज ब्रोकिंग के अनुसार, निफ्टी ने गैप डाउन ओपनिंग के बाद काउंटर अटैक बुलिश कैंडल बनाई। यह मजबूत रिकवरी का संकेत देती है। इंडेक्स ने ओवरसोल्ड स्तर से खरीदारी का समर्थन लेते हुए दिन के निचले स्तर से 500 से ज्यादा अंकों की वापसी की और 22,700 के ऊपर बंद हुआ।

निकट अवधि में भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, जो सेंटीमेंट पर दबाव बनाए हुए हैं। ब्रोकरेज का मानना है कि हालिया तेज गिरावट के बाद निफ्टी शॉर्ट-टर्म चार्ट पर ओवरसोल्ड जोन में पहुंच गया है। इसलिए रिकवरी की संभावना बनी हुई है। अगर इंडेक्स पिछले हफ्ते के उच्च स्तर 22,941 के ऊपर जाता है, तो 23,450 तक तेजी की संभावना बन सकती है। वहीं अगर यह स्तर पार नहीं कर पाता, तो इंडेक्स 22,200 से 22,900 के दायरे में कंसोलिडेशन कर सकता है।

प्रमुख सपोर्ट और रेसिस्टेंस स्तर

शॉर्ट टर्म के लिए निफ्टी का प्रमुख सपोर्ट 22,100 से 21,800 के दायरे में है, जो पिछले दो साल के निचले स्तरों को जोड़ने वाली ट्रेंडलाइन और 200 सप्ताह के EMA के आसपास स्थित है। वहीं, अगर इंडेक्स 23,465 के ऊपर बंद होता है, तो बाजार में ठहराव और तेजी दोनों के संकेत मिल सकते हैं।

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