मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। इराक में अमेरिकी दूतावास हाई अलर्ट पर, इजराइल पर ईरानी मिसाइल हमले जारी, और खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा खतरे बढ़ गए हैं।
Iran-US War: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। यह टकराव अब सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहा बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर इसके असर दिखने लगे हैं। हालात इतने नाजुक हो गए हैं कि कई देशों ने अपनी सुरक्षा बढ़ा दी है और युद्ध का खतरा बढ़ गया है। ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है, वहीं इराक में अमेरिकी दूतावास ने हाई अलर्ट जारी किया है।
ईरान के वरिष्ठ सैन्य कमांडर अली जहांशाही ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अमेरिका हमला करता है, तो उसके सैनिक पाषाण युग से भी पहले के दौर में लौट जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान की जमीन हमलावरों की कब्र है और उनकी सेना पूरी तरह से तैयार है। यह बयान मिडिल ईस्ट में तनाव को और बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
इराक में हाई अलर्ट
इराक के बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। दूतावास ने चेतावनी दी है कि ईरान समर्थित मिलिशिया अगले 24 से 48 घंटों में किसी भी समय हमला कर सकते हैं। इसके साथ ही अमेरिकी नागरिकों को इराक तुरंत छोड़ने का निर्देश दिया गया है। इस कदम से स्पष्ट है कि अमेरिका ईरान की किसी भी संभावित कार्रवाई के प्रति सतर्क है और अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।
इजराइल पर ईरान के लगातार मिसाइल हमले
इसी बीच ईरान की ओर से इजराइल पर लगातार मिसाइल हमले जारी हैं। इजराइली सेना के अनुसार, छह घंटे के भीतर चार बार मिसाइलें दागी गईं, जो अलग-अलग इलाकों को निशाना बना रही थीं। इजराइल के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, लेकिन कुछ हमले देश के मध्य हिस्सों में गिरे। इन हमलों में कुछ लोगों को हल्की चोटें आई हैं और नागरिकों में डर बढ़ गया है।

हिजबुल्लाह और लेबनान की एंट्री
स्थिति और बिगड़ गई जब ईरान समर्थित लेबनान का संगठन हिजबुल्लाह भी इसमें शामिल हो गया। संगठन ने उत्तरी इजराइल में रॉकेट और ड्रोन हमला किया। इन हमलों के बाद कई इलाकों में सायरन बजाए गए और नागरिकों को बंकरों में शरण लेनी पड़ी। इससे यह डर और बढ़ गया है कि यह संघर्ष अब पूरे क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है।
खाड़ी क्षेत्र में तनाव
खाड़ी क्षेत्र में भी इस संघर्ष का असर देखने को मिला। अबू धाबी में खलीफा इकोनॉमिक जोन के पास एक मिसाइल को हवा में ही मार गिराया गया। हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन यह घटना इस बात का संकेत है कि संघर्ष अब अहम आर्थिक क्षेत्रों तक फैलने लगा है। इस तरह की घटनाओं से वैश्विक बाजार और निवेश के लिए भी खतरा बढ़ गया है।
अमेरिका का सख्त रुख
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगले दो से तीन हफ्तों में ईरान पर हमले और तेज किए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका पहले ही ईरान की सैन्य ताकत को काफी कमजोर कर चुका है। इसके अलावा अमेरिका ने इराक और इजराइल में अपने सुरक्षा उपायों को भी और कड़ा कर दिया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उनका लक्ष्य क्षेत्र में स्थिरता बनाना और ईरान के हमले रोकना है।









