असम में आदिवासियों के विकास के लिए PM Modi-Himanta का रोडमैप जारी, अमित शाह ने किया ऐलान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम में आदिवासी कल्याण और घुसपैठ रोकथाम के लिए पीएम मोदी और CM हिमंत बिस्वा सरमा के रोडमैप का ऐलान किया।

असम में आदिवासियों के विकास और सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का रोडमैप तैयार है। अमित शाह ने घुसपैठ रोकने और स्थानीय आदिवासियों के अधिकार सुरक्षित रखने का आश्वासन दिया।

Assam: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम में आदिवासी कल्याण और राज्य में घुसपैठ रोधी कदमों को लेकर बड़ा ऐलान किया है। शाह ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने असम को घुसपैठियों के हाथों में छोड़ दिया, जबकि भाजपा सरकार इसे पूरी तरह से नियंत्रित कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के पास आदिवासियों के विकास के लिए एक स्पष्ट रोडमैप है, और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) से आदिवासी क्षेत्र हमेशा बाहर रहेंगे।

कांग्रेस पर घुसपैठ को बढ़ावा देने का आरोप

अमित शाह ने कामपुर और पलाशबारी में आयोजित जनसभाओं को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस की नीतियों के कारण घुसपैठिए गरीबों की जमीन हड़प रहे हैं, काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान सहित वन क्षेत्रों पर अतिक्रमण कर रहे हैं और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसरों से वंचित कर रहे हैं। शाह ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने पिछले दस वर्षों में असम भर में कथित अतिक्रमण से लगभग 1.5 लाख एकड़ जमीन मुक्त कराई है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि भाजपा को फिर से चुनें, ताकि पूरा असम घुसपैठियों से मुक्त किया जा सके।

हिमंता सरमा के नेतृत्व में विकास का रोडमैप

शाह ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का समर्थन करते हुए कहा कि राज्य में आदिवासियों के विकास के लिए मोदी और सरमा के पास एक रोडमैप तैयार है। उन्होंने कहा कि अगर लोग भाजपा को लगातार तीसरी बार जनादेश देते हैं, तो इस रोडमैप को और तेजी से लागू किया जाएगा। शाह ने जोर देकर कहा कि आदिवासी क्षेत्र समान नागरिक संहिता के दायरे में नहीं आएंगे और कांग्रेस द्वारा फैलाई जा रही अफवाहें पूरी तरह झूठी हैं।

आदिवासियों के लिए केंद्र सरकार की पहल

अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने कभी आदिवासी कल्याण की गंभीर योजना नहीं बनाई, जबकि स्वतंत्रता के बाद से कांग्रेस सरकारों ने आदिवासियों के लिए केवल 25,000 करोड़ रुपये खर्च किए। इसके विपरीत प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 11 वर्षों में आदिवासियों के लिए 1.38 लाख करोड़ रुपये की राशि प्रदान की।

शाह ने ग्वालपाड़ा को ‘मिनी असम’ करार दिया, क्योंकि वहां राभा, बोडो, हाजोंग, कोच और चाय बागान श्रमिकों सहित कई आदिवासी जनजातियां रहती हैं। उन्होंने कहा कि केवल भाजपा ही इन लोगों का विकास सुनिश्चित कर सकती है।

आदिवासी कल्याण के विशेष उपाय

शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आदिवासियों की कला, संस्कृति, भोजन, वस्त्र, संगीत और नृत्य को वैश्विक मंच पर पहुंचाया। इसके अलावा उन्होंने घोषणा की कि हर आदिवासी परिवार को एक गाय और एक भैंस दी जाएगी। शाह ने यह भी कहा कि यह सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है कि सहकारिता मंत्री के रूप में इन सब उपायों को लागू किया जाए।

भाजपा का घुसपैठ विरोधी रुख

शाह ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार राज्य में घुसपैठ रोकने के प्रयासों को जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि घुसपैठ गरीबों के अधिकारों को प्रभावित कर रही है और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सीमित कर रही है। भाजपा की सरकार ने पिछले दस वर्षों में ऐसे कई कदम उठाए हैं, जिनसे जमीनों को मुक्त कराया गया और वन क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई।

आदिवासियों के लिए योजनाओं का विस्तार

शाह ने कहा कि मोदी और सरमा के नेतृत्व में आदिवासियों के लिए योजनाओं का विस्तार किया जाएगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यवसाय के क्षेत्र में विशेष पहल की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा की सरकार आदिवासियों के लिए विशेष योजनाओं को लागू करने में सक्रिय रही है, और भविष्य में इसे और मजबूत किया जाएगा।

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) से सुरक्षा

केंद्रीय गृह मंत्री ने दोहराया कि आदिवासी क्षेत्र समान नागरिक संहिता के दायरे में नहीं आएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अफवाहें फैला रही है कि आदिवासी यूसीसी के अंतर्गत आएंगे, लेकिन यह पूरी तरह गलत है। भाजपा सरकार आदिवासियों की पहचान और अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

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