कंगना रनौत की फिल्म ‘क्वीन फॉरएवर’ को बॉम्बे हाई कोर्ट से राहत, रिलीज पर रोक लगाने से किया इनकार

कंगना रनौत की फिल्म ‘क्वीन फॉरएवर’ को बॉम्बे हाई कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। जानिए फिल्म से जुड़े विवाद और

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत की अपकमिंग फिल्म ‘क्वीन फॉरएवर’ की रिलीज पर रोक लगाने की मांग को बॉम्बे हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। फैंटम स्टूडियोज ने फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगाने के लिए अदालत में याचिका दायर की थी, लेकिन कोर्ट ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत की आगामी फिल्म ‘क्वीन फॉरएवर’ को लेकर चल रहा कानूनी विवाद चर्चा में है। फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग के साथ फैंटम स्टूडियोज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया था। हालांकि, अदालत ने फिल्म पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। इस फैसले से फिलहाल फिल्म की रिलीज के रास्ते में तत्काल कानूनी बाधा नहीं आई है। हालांकि, इसे पूरे विवाद का अंतिम निपटारा नहीं माना जाना चाहिए।

यह विवाद साल 2014 में रिलीज हुई कंगना रनौत की चर्चित फिल्म ‘क्वीन’ के बौद्धिक संपदा अधिकारों से जुड़ा है। फैंटम स्टूडियोज का दावा है कि मूल फिल्म से संबंधित कुछ अधिकारों में उसकी हिस्सेदारी है और उसकी अनुमति के बिना नई फिल्म पर काम शुरू किया गया। वहीं, जियोस्टार की ओर से कहा गया है कि ‘क्वीन फॉरएवर’ मूल फिल्म का सीक्वल नहीं, बल्कि एक अलग कहानी है।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने क्या फैसला दिया?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामले की सुनवाई बॉम्बे हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति संदीप मार्ने की एकल पीठ ने की। फैंटम स्टूडियोज ने अदालत से अनुरोध किया था कि कंगना रनौत और जियोस्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की फिल्म ‘क्वीन फॉरएवर’ की रिलीज पर अंतरिम रोक लगाई जाए। हालांकि, अदालत ने इस स्तर पर फिल्म की रिलीज रोकने की मांग स्वीकार नहीं की। 

इससे फिल्म निर्माताओं को फिलहाल राहत मिली है। लेकिन अंतरिम रोक से इनकार किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि अदालत ने बौद्धिक संपदा अधिकारों से जुड़े सभी सवालों पर अंतिम फैसला सुना दिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही और संबंधित पक्षों के दावों का महत्व बना रहेगा।

क्या है ‘क्वीन फॉरएवर’ और ‘क्वीन’ के बीच विवाद?

कंगना रनौत की फिल्म ‘क्वीन’ वर्ष 2014 में रिलीज हुई थी। फिल्म में कंगना ने रानी नाम की युवती का किरदार निभाया था, जो अपनी शादी टूटने के बाद अकेले विदेश यात्रा पर निकलती है और इस सफर के दौरान अपने आत्मविश्वास तथा स्वतंत्र पहचान को नए सिरे से तलाशती है। फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी।

फैंटम स्टूडियोज इस फिल्म के निर्माण से जुड़ा रहा है। उसका दावा है कि ‘क्वीन’ से संबंधित बौद्धिक संपदा अधिकारों में उसकी 50 प्रतिशत हिस्सेदारी है। स्टूडियो के अनुसार, कंगना रनौत और जियोस्टार इंडिया ने उसकी सहमति के बिना ‘क्वीन फॉरएवर’ की घोषणा की और इस पर काम शुरू कर दिया। फैंटम स्टूडियोज का कहना है कि उसने मूल फिल्म के सीक्वल, उसके रूपांतरण या संबंधित किसी अन्य परियोजना के लिए अपनी अनुमति नहीं दी थी। इसी आधार पर उसने नई फिल्म को लेकर कानूनी आपत्ति जताई।

जियोस्टार ने क्या दी सफाई?

दूसरी ओर, जियोस्टार इंडिया ने अपने बयान में स्पष्ट किया था कि ‘क्वीन फॉरएवर’ को मूल फिल्म का सीक्वल नहीं माना जाना चाहिए। कंपनी के मुताबिक, यह एक नई और स्वतंत्र कहानी है, जिसका ‘क्वीन’ से सीधा संबंध नहीं है। इस अंतर का महत्व इसलिए भी है क्योंकि किसी फिल्म के नाम, कहानी, पात्रों और अन्य रचनात्मक तत्वों से जुड़े अधिकारों का निर्धारण कानूनी समझौतों तथा संबंधित बौद्धिक संपदा नियमों के आधार पर किया जाता है। 

किसी परियोजना का नाम समान या मिलता-जुलता होने भर से अधिकारों का सवाल अपने आप तय नहीं हो जाता। इस विवाद में दोनों पक्षों के दावों का अंतिम मूल्यांकन कानूनी प्रक्रिया के तहत होना बाकी है।

250 करोड़ रुपये के मुकदमे का भी मामला

रिपोर्ट्स के अनुसार, अप्रैल 2026 में फैंटम स्टूडियोज ने इस विवाद को लेकर जियोस्टार को नोटिस भेजे थे। इसके बाद कंपनी के खिलाफ कथित तौर पर 250 करोड़ रुपये का मुकदमा भी दायर किया गया और फिल्म की रिलीज रोकने की मांग की गई। इस कानूनी विवाद ने फिल्म के भविष्य को लेकर सवाल खड़े किए थे। अब बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा अंतरिम रोक लगाने से इनकार किए जाने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की गुंजाइश बनी हुई है। हालांकि, मुकदमे के अंतिम परिणाम और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अभी स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

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