इंग्लैंड की मिडफील्डर जॉर्जिया स्टैनवे ने ग्रीस के खिलाफ महिला विश्व कप क्वालीफाइंग प्लेऑफ के दोनों मुकाबलों में गोल किया। इंग्लैंड ने दूसरे मैच में 5-0 से जीत दर्ज कर कुल 8-1 के अंतर से अगले दौर में जगह बनाई।
स्पोर्ट्स न्यूज़: इंग्लैंड की महिला फुटबॉल टीम की मिडफील्डर जॉर्जिया स्टैनवे ने ग्रीस के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर अपनी गोल करने की क्षमता साबित की। महिला विश्व कप क्वालीफाइंग प्लेऑफ के दूसरे चरण में इंग्लैंड ने 5-0 से जीत दर्ज की और दो मुकाबलों के कुल स्कोर में 8-1 की बढ़त के साथ अगले दौर में जगह बना ली। इंग्लैंड की मुख्य कोच सरीना वीगमैन ने स्टैनवे की तारीफ करते हुए उन्हें 'योद्धा' बताया। 27 वर्षीय स्टैनवे ने ग्रीस के खिलाफ दोनों मुकाबलों में गोल किया। पहले मैच में उन्होंने क्रीट में गोल कर इंग्लैंड को 3-1 की जीत दिलाने में योगदान दिया था। दूसरे मुकाबले में टीम की आक्रामकता बढ़ाने की जरूरत थी और स्टैनवे ने एक बार फिर गोल करके अपना प्रभाव दिखाया। हालांकि, लीसेस्टर में खेले गए दूसरे मैच में उनका एक और शानदार प्रयास ऑफसाइड के कारण रद्द कर दिया गया।
लगातार गोल से बढ़ी स्टैनवे की अहमियत
स्टैनवे ने पिछले पांच दिनों में ग्रीस के खिलाफ दोनों मैचों में गोल किए। इस प्रदर्शन के बाद इंग्लैंड के लिए उनके पिछले 11 मुकाबलों में गोल की संख्या 11 हो गई। यूरो 2025 के बाद अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में गोल करने वाली यूरोपीय खिलाड़ियों की सूची में भी वह शीर्ष तीन में शामिल हैं।
स्टैनवे का योगदान केवल गोल तक सीमित नहीं है। वह मिडफील्ड में आक्रामकता, गेंद पर नियंत्रण, पासिंग और विरोधी टीम के हमलों को रोकने की क्षमता के लिए भी जानी जाती हैं। ग्रीस के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने अलग-अलग भूमिकाओं में खेलकर टीम को संतुलन देने में मदद की।
इंग्लैंड की कोच वीगमैन ने कहा कि स्टैनवे हमेशा गोल की ओर बढ़ने के लिए उत्सुक रहती हैं और उनमें विशेष दृढ़ता है। उनके मुताबिक, स्टैनवे गेंद के कब्जे में होने और उसके बिना, दोनों स्थितियों में आक्रामक रवैया अपनाती हैं।
ऑफसाइड के कारण रद्द हुआ शानदार गोल
लीसेस्टर में इंग्लैंड की जीत के दौरान एलेसिया रूसो और लॉरेन जेम्स ने दो-दो गोल किए। स्टैनवे भी एक और गोल करने के करीब पहुंच गई थीं। उन्होंने एलेक्स ग्रीनवुड की ओर से भेजी गई लंबी गेंद को पेनल्टी बॉक्स के भीतर शानदार स्पर्श से नियंत्रित किया और अगले ही टच पर गेंद को ताकत के साथ निचले कोने में पहुंचा दिया।
यह गोल उनके पिछले कुछ दिनों के प्रभावशाली प्रदर्शन को और खास बना सकता था, लेकिन ऑफसाइड के कारण इसे मान्यता नहीं मिली। वीगमैन ने इस फैसले पर निराशा जताई, हालांकि उन्होंने स्टैनवे के नियंत्रण, फुर्ती और एथलेटिक क्षमता की प्रशंसा की।
कोच के अनुसार, ग्रीनवुड की गेंद को नियंत्रित करने और उसके बाद शॉट लगाने में स्टैनवे ने बेहतरीन संयोजन दिखाया। उन्होंने यह भी कहा कि फुटबॉल में गोल करना अहम है, लेकिन गेंद को अपने कब्जे में रखना, दूसरे खिलाड़ियों के साथ तालमेल बनाना और मैदान के बीच खाली जगहों का सही इस्तेमाल करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। वीगमैन ने इन पहलुओं में स्टैनवे के प्रदर्शन पर संतोष जताया।
'वह कई मौकों पर रोक पाना मुश्किल था'
इंग्लैंड की पूर्व गोलकीपर रेचल ब्राउन-फिनिस ने BBC Radio 5 Live पर स्टैनवे के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा कि मंगलवार रात ग्रीस के खिलाफ वह कई मौकों पर ऐसी खिलाड़ी थीं, जिन्हें रोकना मुश्किल था।
मैच में स्टैनवे ने अपने सभी टैकल जीते, उनकी पासिंग सटीकता 90 प्रतिशत रही और उन्होंने चार शॉट लिए। इनमें से एक शॉट गोल में बदला, जबकि एक अन्य प्रयास ऑफसाइड के कारण रद्द हो गया।
उनके आंकड़े बताते हैं कि वह आक्रमण में योगदान देने के साथ-साथ गेंद वापस हासिल करने और टीम की रक्षात्मक गतिविधियों में भी सक्रिय रहीं। हालांकि, उपलब्ध विवरण में उनके सभी टैकल जीतने का आंकड़ा इसी मुकाबले के संदर्भ में दिया गया है।
बदली भूमिका में भी दिखाया प्रभाव
ग्रीस के खिलाफ मुकाबले के अधिकांश हिस्से में स्टैनवे ने अपनी सामान्य मिडफील्ड भूमिका से कुछ अलग अंदाज में खेला। मिडफील्ड में बदलाव किए जाने के बाद वह अधिक समय तक दाएं विंग की भूमिका में नजर आईं।
भूमिका में इस बदलाव के बावजूद उनकी आक्रामकता और गोल की तलाश में कोई कमी नहीं दिखी। वीगमैन ने कहा कि स्टैनवे में ऐसी विशेषताएं हैं, जो उन्हें दूसरी खिलाड़ियों से अलग बनाती हैं। उन्होंने उनकी गोल पर नजर, शक्तिशाली शॉट और रद्द किए गए गोल के दौरान दिखाई गई गतिशीलता का उल्लेख किया।
कोच के अनुसार, जब टीम को मुकाबले में संघर्ष करना हो, किसी द्वंद्व में जीत हासिल करनी हो या विरोधी टीम के जवाबी हमले को रोकना हो, तब भी स्टैनवे उपयोगी साबित होती हैं। वीगमैन ने कहा कि वह ऐसी खिलाड़ी हैं, जिनके साथ गेंद पर कब्जा बनाए रखने वाली शैली में भी खेला जा सकता है।
इंग्लैंड की क्वालीफाइंग मुहिम को मजबूती
ग्रीस के खिलाफ दो चरणों वाले मुकाबले में इंग्लैंड ने कुल 8-1 के अंतर से जीत दर्ज की। पहले मैच में 3-1 की जीत के बाद टीम ने दूसरे मुकाबले में 5-0 से दबदबा बनाया। इस तरह इंग्लैंड ने महिला विश्व कप क्वालीफाइंग प्लेऑफ के दूसरे दौर में जगह बना ली।
स्टैनवे का दोनों मुकाबलों में गोल करना इंग्लैंड के लिए खास रहा। टीम की जीत में रूसो और जेम्स के दो-दो गोल भी निर्णायक रहे, जबकि स्टैनवे ने अपनी निरंतरता और बहुआयामी खेल से अलग पहचान बनाई।
उनके पिछले 11 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 11 गोल का रिकॉर्ड यह दर्शाता है कि वह इंग्लैंड के आक्रमण में लगातार योगदान दे रही हैं। हालांकि, उनकी भूमिका केवल स्कोर करने तक सीमित नहीं है। गेंद पर नियंत्रण, पासिंग, विरोधियों पर दबाव और जवाबी हमलों को रोकने की क्षमता उन्हें टीम के लिए उपयोगी बनाती है।
स्टैनवे की निरंतरता पर कोच का भरोसा
वीगमैन की टिप्पणियां इस बात को रेखांकित करती हैं कि इंग्लैंड की टीम स्टैनवे को केवल गोल करने वाली मिडफील्डर के रूप में नहीं देखती। उनकी ऊर्जा, दृढ़ता और अलग-अलग परिस्थितियों में योगदान देने की क्षमता भी टीम की रणनीति का हिस्सा है।
ग्रीस के खिलाफ मुकाबलों में स्टैनवे ने गोल करके अपनी आक्रामक क्षमता दिखाई, जबकि रद्द हुए गोल ने उनकी फुर्ती और तकनीकी कौशल की झलक भी दी। इंग्लैंड ने कुल 8-1 की जीत के साथ अगले दौर में प्रवेश किया और स्टैनवे का प्रदर्शन इस अभियान के प्रमुख पहलुओं में शामिल रहा।









