FY27 निवेश रणनीति: domestic investors का भरोसा बढ़ा, विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच बाजार में अवसर

FY27 में निवेशकों के लिए एक्सपर्ट सुझाव: पोर्टफोलियो में कोर-सैटेलाइट अलोकेशन, SIP, डायवर्सिफिकेशन और स्टेबल फंड चुनें, वैश्विक अनिश्चितता में सुरक्षित निवेश।

FY27 में निवेश करते समय एक्सपर्ट्स कोर-सैटेलाइट अलोकेशन, SIP और डायवर्सिफिकेशन अपनाने की सलाह देते हैं। flexi cap, multi-asset और large cap फंड को पोर्टफोलियो का आधार बनाकर जोखिम कम और रिटर्न बढ़ाया जा सकता है।

Mutual Funds: नए वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) की शुरुआत ऐसे समय में हुई है, जब वैश्विक बाजार में भारी अनिश्चितता है। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है और भारतीय शेयर बाजार भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे समय में निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे अपनी निवेश रणनीति सोच-समझकर बनाएं। सिर्फ रिटर्न के पीछे भागने के बजाय पोर्टफोलियो में विविधता और संतुलन (diversification और asset allocation) बनाए रखना ज्यादा जरूरी है।

इंडस्ट्री के एक्सपर्ट मानते हैं कि वैश्विक उठापटक वाले माहौल में निवेशकों को निवेश को एकमुश्त करने की बजाय चरणबद्ध तरीके से करना चाहिए। इसके अलावा, अलग-अलग एसेट क्लास जैसे equity, debt और hybrid में निवेश करना सुरक्षित विकल्प साबित हो सकता है।

घरेलू निवेशक बन रहे मजबूत

हालांकि मार्च 2026 में विदेशी निवेशकों (FPIs) ने 1.12 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली की, जो किसी भी महीने में अब तक का रिकॉर्ड है, घरेलू Mutual Funds ने करीब 90,000 करोड़ रुपये बाजार में लगाया। यह अक्टूबर 2024 के बाद सबसे ज्यादा है। इसका मतलब है कि भारतीय निवेशक बाजार में भरोसा बनाए हुए हैं। ऐसे समय में रिटेल निवेशकों के लिए सही योजना और रणनीति बनाना अहम है।

FY27 में निवेश की एक्सपर्ट रणनीति

मनीफ्रंट के को-फाउंडर और CEO मोहित गांग का कहना है कि नए वित्त वर्ष में निवेश करते समय पोर्टफोलियो को अलग-अलग एसेट क्लास में बांटना चाहिए। केवल रिटर्न के पीछे भागने से नुकसान का जोखिम बढ़ सकता है। उनका सुझाव है कि पोर्टफोलियो में large cap, flexi cap और multi-asset फंड को कोर हिस्सा बनाएं और मिड/स्मॉल कैप्स या sectoral/thematic funds को सैटेलाइट हिस्से में रखें।

बीपीएन फिनकैप के डायरेक्टर एके निगम का कहना है कि FY27 में निवेश के लिए "बैलेंस्ड और चरणबद्ध" रणनीति अपनाना बेहतर है। FY26 में बाजार में करेक्शन देखने को मिला और रिटर्न कमजोर रहे। FY27 में consumption और credit growth से रिकवरी की संभावना है, लेकिन वैश्विक जोखिम जैसे तेल की कीमत, भू-राजनीति और FII outflow अभी भी मौजूद हैं।

निगम का सुझाव है कि निवेशक SIP या STP जारी रखें और कोर और सैटेलाइट अलोकेशन पर ध्यान दें। कोर में large cap या flexi cap रखें, जबकि सैटेलाइट में mid cap, small cap या sectoral funds रखें। इसके अलावा, portfolio में stability के लिए multi-asset और hybrid फंड का रुझान बढ़ा है। उनका मानना है कि FY27 में अनुशासित अलोकेशन और डायवर्सिफिकेशन से अधिक लाभ मिलेगा।

ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के फाउंडर पंकज मठपाल का कहना है कि अनिश्चित माहौल में निवेश करते समय डर या लालच से बचना चाहिए। चरणबद्ध निवेश ही सुरक्षित और लाभकारी रणनीति साबित हो सकती है।

FY27 में प्रमुख सेक्टर

एके निगम के अनुसार, FY27 में कुछ चुनिंदा सेक्टर निवेशकों के लिए बेहतर अवसर दे सकते हैं। इनमें financials (banking और NBFCs), consumption, consumer discretionary, auto, retail और manufacturing शामिल हैं।

फाइनेंशियल सेक्टर को बेहतर credit growth और asset quality सुधार से लाभ मिलने की संभावना है। Consumption sector को rural demand, income growth और मजबूत earnings season से बूस्ट मिलेगा। Consumer discretionary sector में auto और retail बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। Manufacturing सेक्टर को सरकार के capex और Make in India पहल से समर्थन मिलेगा।

हालांकि, पंकज मठपाल का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता के समय sectoral bets लेने से बचना चाहिए। डायवर्सिफाइड categories में निवेश करना ज्यादा सुरक्षित है।

Mutual Funds के लिए सही विकल्प

मोहित गांग के अनुसार, उतार-चढ़ाव वाले बाजार में flexi cap और multi-asset allocation फंड बेहतर साबित होंगे। valuation के नजरिए से banking और financial services फंड आकर्षक हैं। फार्मा सेक्टर एक defensive विकल्प होने के कारण भी निवेशकों को आकर्षित कर सकता है।

निवेशक को अपने portfolio में core और satellite allocation पर ध्यान देना चाहिए। Core में stable और बड़े फंड, satellite में growth oriented और thematic फंड शामिल करें। SIP आधारित निवेश और सही diversification ही FY27 में रिटर्न के प्रमुख ड्राइवर होंगे।

इक्विटी Mutual Funds इनफ्लो ट्रेंड

पिछले पांच वित्त वर्षों में Mutual Funds के AUM और net inflow में बदलाव रहा है। FY21 में AUM 4.01 लाख करोड़ रुपये था, net flow -0.32 लाख करोड़ रुपये। FY22 में AUM 3.86 लाख करोड़ रुपये, net flow 1.64 लाख करोड़। FY23 में AUM 1.52 लाख करोड़, net flow 1.47 लाख करोड़। FY24 में AUM 8.32 लाख करोड़, net flow 1.84 लाख करोड़। FY25 में AUM 5.96 लाख करोड़, net flow 4.17 लाख करोड़। यह दिखाता है कि लंबी अवधि में Mutual Funds में निवेश का रुझान लगातार बढ़ रहा है।

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