भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार चौथे कारोबारी दिन गिरावट का सिलसिला जारी रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 417 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी भी 23,900 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया।
बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में बढ़त के संकेत देने के बावजूद घरेलू बाजार दिन खत्म होते-होते दबाव में आ गया। BSE Sensex 417 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि NSE Nifty 23,900 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया।
वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलने के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली हावी रही। खासतौर पर IT, FMCG, फार्मा और ऑटोमोबाइल शेयरों में दबाव ने प्रमुख सूचकांकों की चाल कमजोर की। निवेशकों की मुनाफावसूली और घरेलू स्तर पर मौजूद चिंताओं को बाजार में लगातार चौथे दिन की गिरावट की प्रमुख वजहों में गिना जा रहा है।
सुबह बढ़त के बाद बाजार में आया बदलाव
गुरुवार के कारोबारी सत्र की शुरुआत अपेक्षाकृत मजबूत रही। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 0.45 फीसदी तक की तेजी देखी गई। इससे निवेशकों को उम्मीद थी कि पिछली लगातार गिरावट के बाद बाजार में सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि, यह बढ़त ज्यादा देर कायम नहीं रह सकी। जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, बिकवाली का दबाव बढ़ता गया और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में चले गए। कारोबार के अंतिम हिस्से में गिरावट और तेज हुई, जिसके बाद सेंसेक्स 417 अंक टूटकर बंद हुआ और निफ्टी 23,900 के स्तर के नीचे आ गया।
लगातार चार सत्रों की गिरावट से बाजार के निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ी है। हालांकि, अलग-अलग सेक्टर में प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा और कुछ क्षेत्रों में खरीदारी देखने को मिली।
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Bajaj Auto और Tech Mahindra के शेयरों पर दबाव
गुरुवार के कारोबार में Bajaj Auto और Tech Mahindra प्रमुख दबाव वाले शेयरों में रहे। दोनों कंपनियों के शेयरों में करीब 2 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा IT, FMCG, फार्मा और ऑटो सेक्टर के कई शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। इन क्षेत्रों में कमजोरी का असर व्यापक बाजार के प्रदर्शन पर भी पड़ा।
दूसरी ओर, रियल्टी, सरकारी क्षेत्र के बैंक और केमिकल शेयरों में मजबूत खरीदारी रही। निजी बैंक और वित्तीय सेवा कंपनियों के शेयर भी सकारात्मक रुख में कारोबार करते नजर आए। तेल एवं गैस, सीमेंट और हेल्थकेयर से जुड़े शेयरों में भी मामूली तेजी दर्ज की गई। यह सेक्टोरल प्रदर्शन बताता है कि बाजार में निवेशकों की रणनीति पूरी तरह जोखिम से बाहर निकलने की नहीं थी, बल्कि वे कमजोर क्षेत्रों से पैसा निकालकर चुनिंदा सेक्टरों में निवेश कर रहे थे।
ग्लोबल मार्केट में दिखी मजबूती
भारतीय बाजार के विपरीत गुरुवार को प्रमुख वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल रहा। यूरोपीय बाजारों में Stoxx Europe 600 में करीब 0.3 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। अमेरिका में भी प्रमुख शेयर सूचकांकों के फ्यूचर्स सकारात्मक संकेत दे रहे थे। S&P 500 Futures में करीब 0.1 फीसदी और Nasdaq 100 Futures में भी लगभग 0.1 फीसदी की बढ़त रही। वहीं, Dow Jones Industrial Average Futures करीब 0.2 फीसदी ऊपर रहा।
एशियाई बाजारों में भी तेजी का रुख देखने को मिला। MSCI Asia Pacific Index में लगभग 0.7 फीसदी की मजबूती रही, जबकि MSCI Emerging Markets Index करीब 0.2 फीसदी ऊपर रहा।









