Share Market Today: शेयर बाजार में बड़ी गिरावट! तेल कीमतों में उछाल से सेंसेक्स 600 अंक गिरा, निफ्टी 23,500 के नीचे

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला। सेंसेक्स 600 अंक टूटा और निफ्टी 23,500 के नीचे फिसल गया।

तेल कीमतों में तेजी और वैश्विक तनाव के कारण शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला। सेंसेक्स करीब 600 अंक गिर गया जबकि निफ्टी 23,500 से नीचे आ गया। निवेशकों में सतर्कता बढ़ी।

Share Market: शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत एक बार फिर गिरावट के साथ हुई। वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेत और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसी कारण बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव देखने को मिला और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार करने लगे। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 600 अंक तक लुढ़क गया जबकि निफ्टी भी अपने महत्वपूर्ण स्तर 23,500 से नीचे फिसल गया। बाजार में यह गिरावट निवेशकों की सतर्कता और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के असर को साफ दिखाती है।

कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक तनाव का असर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। इसके पीछे भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई से जुड़ी चिंताएं बड़ी वजह मानी जा रही हैं। तेल की कीमतों में तेजी का असर सीधे तौर पर भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर पड़ता है क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। 

ऐसे में जब तेल महंगा होता है तो महंगाई बढ़ने और कंपनियों की लागत बढ़ने की आशंका रहती है। यही कारण है कि शुक्रवार को बाजार खुलते ही निवेशकों ने सावधानी बरतते हुए बिकवाली को प्राथमिकता दी।

सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआती चाल

शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 644.58 अंक गिरकर 75,389.84 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं एनएसई निफ्टी 50 भी 163.30 अंक की गिरावट के साथ 23,475.85 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में शुरुआती गिरावट से साफ संकेत मिला कि निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं और वैश्विक संकेतों का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां स्थिर नहीं होतीं तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को ऐसे समय में सोच-समझकर निवेश करने की जरूरत होती है।

गिरावट के बीच कुछ शेयरों में खरीदारी

हालांकि बाजार में कुल मिलाकर दबाव देखने को मिला लेकिन कुछ शेयरों में खरीदारी भी दिखाई दी। निफ्टी में कोल इंडिया, एनटीपीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज और बजाज फाइनेंस जैसे शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। इन कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही और गिरते बाजार में भी इन स्टॉक्स ने सकारात्मक प्रदर्शन किया।

दूसरी ओर कुछ बड़े और भारीभरकम शेयरों में गिरावट देखने को मिली। एचडीएफसी बैंक, लार्सन एंड टुब्रो, टाटा स्टील, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टेक महिंद्रा जैसे शेयरों में बिकवाली दर्ज की गई। इन कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट ने भी बाजार के कुल प्रदर्शन पर दबाव बनाया।

बाजार में मिला-जुला रुख

शुक्रवार के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। करीब 837 शेयरों में तेजी दर्ज की गई जबकि 1,264 शेयर गिरावट में कारोबार कर रहे थे। इसके अलावा 162 शेयर ऐसे रहे जिनमें कोई खास बदलाव नहीं हुआ।

इन आंकड़ों से यह साफ होता है कि बाजार में फिलहाल निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं। कुछ निवेशक गिरावट का फायदा उठाकर चुनिंदा शेयरों में खरीदारी कर रहे हैं जबकि कई निवेशक जोखिम से बचने के लिए इंतजार की रणनीति अपना रहे हैं।

जेके लक्ष्मी सीमेंट पर निवेशकों की नजर

कॉरपोरेट खबरों के कारण भी कुछ कंपनियों के शेयर निवेशकों के फोकस में हैं। जेके लक्ष्मी सीमेंट को असम में जुइपहार न्यू उमरंगसो लाइमस्टोन ब्लॉक के लिए प्रेफर्ड बिडर घोषित किया गया है। यह कंपनी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है क्योंकि इससे भविष्य में उत्पादन क्षमता और कच्चे माल की उपलब्धता बेहतर हो सकती है।

इसके अलावा कंपनी ने NECEM सिमेंट्स में लगभग 77.96 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने को भी मंजूरी दी है। इस फैसले से कंपनी अपने कारोबार का विस्तार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है और इसका असर आने वाले समय में स्टॉक के प्रदर्शन पर दिखाई दे सकता है।

फाइनेंशियल कंपनियों की फंड जुटाने की योजना

मैक्स फाइनेंशियल सर्विसेस ने 2,000 करोड़ रुपये तक फंड जुटाने की योजना को मंजूरी दी है। कंपनी इस फंड का उपयोग मुख्य रूप से Axis Max Life Insurance के विस्तार और विकास योजनाओं के लिए करेगी। इसके अलावा कुछ राशि सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए भी इस्तेमाल की जाएगी।

इसी तरह मनोरमा इंडस्ट्रीज ने भी 500 करोड़ रुपये तक फंड जुटाने की योजना को मंजूरी दी है। यह राशि कंपनी अपने कारोबार के विस्तार और भविष्य की परियोजनाओं के लिए इस्तेमाल करेगी।

वहीं नेक्टर लाइफसाइंस ने अपनी सहयोगी कंपनी एवेन्सिस एक्सपोर्ट्स के साथ 100 करोड़ रुपये तक का इंटर-कॉरपोरेट लोन एग्रीमेंट किया है। इस फैसले से कंपनी की वित्तीय गतिविधियों और कारोबार संचालन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

बैंकिंग और एनर्जी सेक्टर में हलचल

बैंकिंग और एनर्जी सेक्टर से भी महत्वपूर्ण खबरें सामने आई हैं। इंडियन ओवरसीज बैंक ने एक महीने की एमसीएलआर दर में 10 बेसिस पॉइंट की कटौती की है। यह नई दर 15 मार्च से लागू होगी। हालांकि अन्य अवधियों के लिए एमसीएलआर दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

एमसीएलआर दर में कटौती से लोन की लागत पर असर पड़ सकता है और इससे बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।

दूसरी ओर KPI ग्रीन एनर्जी ने अतिरिक्त 35 मेगावाट सोलर क्षमता शुरू करने की घोषणा की है। इस विस्तार के बाद कंपनी की कुल परिचालन क्षमता बढ़कर 589 मेगावाट हो गई है। अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ते निवेश को देखते हुए इस तरह की घोषणाएं निवेशकों के लिए अहम मानी जाती हैं।

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