शनिदेव की कृपा पाने का सरल उपाय; जानें पूजा विधि और 108 नामों का महत्व

शनिदेव की पूजा से शनि दोष दूर करें और सफलता पाएं। जानें 108 नामों का जाप, शनिवार के उपाय, पीपल पूजन और दान के विशेष लाभ।

शनिवार का दिन हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। यह दिन न्याय के देवता शनिदेव की पूजा-अर्चना के लिए शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि शनिदेव की पूजा से व्यक्ति के जीवन के कष्ट दूर हो जाते हैं और कुंडली में मौजूद शनि दोष का प्रभाव कम होता है। विशेष रूप से, शनिदेव के 108 नामों का जाप करने से उनकी कृपा शीघ्र प्राप्त होती है। आइए जानते हैं शनिदेव की पूजा की विधि और उनके 108 नामों के महत्व के बारे में।

शनिदेव की पूजा का महत्व

शनिदेव की कृपा पाने का सरल उपाय; जानें पूजा विधि और 108 नामों का महत्व

शनिदेव को कर्मफल दाता कहा जाता है। उनकी पूजा व्यक्ति को जीवन में अनुशासन और न्यायप्रियता का मार्ग दिखाती है। शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा करने से न केवल शनि दोष का प्रभाव कम होता है, बल्कि व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता का संचार भी होता है।

शनिदेव की पूजा कैसे करें?

शनिदेव की पूजा के लिए शनिवार का दिन सबसे उपयुक्त माना जाता है। पूजा करते समय निम्नलिखित विधि का पालन करें।

सुबह की पूजा विधि

शनिदेव की कृपा पाने का सरल उपाय; जानें पूजा विधि और 108 नामों का महत्व

• सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ कपड़े पहनें।

• शनिदेव के समक्ष तेल का दीपक जलाएं।

• अगर संभव हो, शनिदेव की कथा का पाठ करें।

• व्रत रख रहे हैं तो दिन भर केवल फलाहार करें।

शाम की पूजा विधि

शनिदेव की कृपा पाने का सरल उपाय; जानें पूजा विधि और 108 नामों का महत्व

• शाम को किसी शनि मंदिर जाएं और वहां उनकी प्रतिमा पर सरसों का तेल चढ़ाएं।

• पीपल वृक्ष के सामने दीपक जलाएं और उनकी आरती करें।

• शनिदेव के 108 नामों का जाप करें।

• जरूरतमंदों की सहायता करें, जैसे गरीबों को भोजन, कपड़े या दान देना।

।।शनिदेव के 108 नाम ।।

• ऊँ शनैश्चराय नमः

• ऊँ शान्ताय नमः

• ऊँ सर्वाभीष्टप्रदायिने नमः

• ऊँ शरण्याय नमः

• ऊँ वरेण्याय नमः

• ऊँ सर्वेशाय नमः

• ऊँ सौम्याय नमः

• ऊँ सुरवन्द्याय नमः

• ऊँ सुरलोकविहारिणे नमः

• ऊँ सुखासनोपविष्टाय नमः

• ऊँ सुन्दराय नमः

• ऊँ घनाय नमः

• ऊँ घनरूपाय नमः

• ऊँ घनाभरणधारिणे नमः

• ऊँ घनसारविलेपाय नमः

• ऊँ खद्योताय नमः

• ऊँ मन्दाय नमः

• ऊँ मन्दचेष्टाय नमः

• ऊँ महनीयगुणात्मने नमः

• ऊँ मर्त्यपावनपदाय नमः

• ऊँ महेशाय नमः

• ऊँ छायापुत्राय नमः

• ऊँ शर्वाय नमः

• ऊँ शततूणीरधारिणे नमः

• ऊँ चरस्थिरस्वभा वाय नमः

• ऊँ अचञ्चलाय नमः

• ऊँ नीलवर्णाय नम:

• ऊँ नित्याय नमः

• ऊँ नीलाञ्जननिभाय नमः

• ऊँ नीलाम्बरविभूशणाय नमः

• ऊँ निश्चलाय नमः

• ऊँ वेद्याय नमः

• ऊँ विधिरूपाय नमः

• ऊँ विरोधाधारभूमये नमः

• ऊँ भेदास्पदस्वभावाय नमः

• ऊँ वज्रदेहाय नमः

• ऊँ वैराग्यदाय नमः

• ऊँ वीराय नमः

• ऊँ वीतरोगभयाय नमः

• ऊँ विपत्परम्परेशाय नमः

• ऊँ विश्ववन्द्याय नमः

• ऊँ गृध्नवाहाय नमः

• ऊँ गूढाय नमः

• ऊँ कूर्माङ्गाय नमः

• ऊँ कुरूपिणे नमः

• ऊँ कुत्सिताय नमः

• ऊँ गुणाढ्याय नमः

• ऊँ गोचराय नमः

• ऊँ अविद्यामूलनाशाय नमः

• ऊँ विद्याविद्यास्वरूपिणे नमः

• ऊँ आयुष्यकारणाय नमः

• ऊँ आपदुद्धर्त्रे नमः

• ऊँ विष्णुभक्ताय नमः

• ऊँ वशिने नमः

• ऊँ विविधागमवेदिने नमः

• ऊँ विधिस्तुत्याय नमः

• ऊँ वन्द्याय नमः

• ऊँ विरूपाक्षाय नमः

• ऊँ वरिष्ठाय नमः

• ऊँ गरिष्ठाय नमः

• ऊँ वज्राङ्कुशधराय नमः

• ऊँ वरदाभयहस्ताय नमः

• ऊँ वामनाय नमः

• ऊँ ज्येष्ठापत्नीसमेताय नमः

• ऊँ श्रेष्ठाय नमः

• ऊँ मितभाषिणे नमः

• ऊँ कष्टौघनाशकर्त्रे नमः

• ऊँ पुष्टिदाय नमः

• ऊँ स्तुत्याय नमः

• ऊँ स्तोत्रगम्याय नमः

• ऊँ भक्तिवश्याय नमः

• ऊँ भानवे नमः

• ऊँ भानुपुत्राय नमः

• ऊँ भव्याय नमः

• ऊँ पावनाय नमः

• ऊँ धनुर्मण्डलसंस्थाय नमः

• ऊँ धनदाय नमः

• ऊँ धनुष्मते नमः

• ऊँ तनुप्रकाशदेहाय नमः

• ऊँ तामसाय नमः

• ऊँ अशेषजनवन्द्याय नमः

• ऊँ विशेशफलदायिने नमः

• ऊँ वशीकृतजनेशाय नमः

• ऊँ पशूनां पतये नमः

• ऊँ खेचराय नमः

• ऊँ खगेशाय नमः

• ऊँ घननीलाम्बराय नमः

• ऊँ काठिन्यमानसाय नमः

• ऊँ आर्यगणस्तुत्याय नमः

• ऊँ नीलच्छत्राय नमः

• ऊँ नित्याय नमः

• ऊँ निर्गुणाय नमः

• ऊँ गुणात्मने नमः

• ऊँ निरामयाय नमः

• ऊँ निन्द्याय नमः

• ऊँ वन्दनीयाय नमः

• ऊँ धीराय नमः

• ऊँ दिव्यदेहाय नमः

• ऊँ दीनार्तिहरणाय नमः

• ऊँ दैन्यनाशकराय नमः

• ऊँ आर्यजनगण्याय नमः

• ऊँ क्रूराय नमः

• ऊँ क्रूरचेष्टाय नमः

• ऊँ कामक्रोधकराय नमः

• ऊँ कलत्रपुत्रशत्रुत्वकारणाय नमः

• ऊँ परिपोषितभक्ताय नमः

• ऊँ परभीतिहराय नमः

• ऊँ भक्तसंघमनोऽभीष्टफलदाय नमः

शनिदेव की कृपा पाने के अन्य उपाय

शनिदेव की कृपा पाने का सरल उपाय; जानें पूजा विधि और 108 नामों का महत्व

• शनिवार को काले तिल, सरसों का तेल, और काले कपड़ों का दान करें।

• पीपल के पेड़ की पूजा करें और उसमें जल अर्पित करें।

• गरीबों और असहायों की मदद करें।

• हनुमान चालीसा का पाठ करें, क्योंकि हनुमान जी शनिदेव के प्रभाव को कम करने में सहायक माने जाते हैं।

शनिदेव की पूजा से लाभ

• जीवन में आने वाले कष्ट कम होते हैं।

• कुंडली से शनि दोष का प्रभाव समाप्त होता है।

• व्यक्ति को मानसिक और आर्थिक समस्याओं से राहत मिलती है।

• शनिदेव की कृपा से सफलता के नए रास्ते खुलते हैं।

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