सीकर नगर परिषद चुनाव में नामांकन वापसी के बाद 263 प्रत्याशी मैदान में रह गए हैं। BJP और कांग्रेस के 64-64 उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे। 65 वार्डों में से 64 में मतदान होगा, जबकि वार्ड 65 से कांग्रेस की माया देवी निर्विरोध चुनी गई हैं।
सीकर: राजस्थान के सीकर नगर परिषद चुनाव को लेकर नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। नगर परिषद के 65 वार्डों में से 64 वार्डों में अब चुनाव होगा, जबकि वार्ड संख्या 65 से कांग्रेस प्रत्याशी माया देवी निर्विरोध निर्वाचित हो चुकी हैं। नामांकन वापसी के दो दिनों में कुल 68 प्रत्याशियों ने अपना नाम वापस लिया, जिसके बाद अब 263 उम्मीदवार चुनावी मैदान में रह गए हैं।
331 नामांकन हुए थे स्वीकार
सीकर नगर परिषद चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुल 331 नामांकन पत्र स्वीकार किए गए थे। नामांकन वापसी के लिए निर्धारित अवधि के दौरान प्रत्याशियों को चुनावी मैदान से हटने का मौका दिया गया। सीकर एसडीएम सुभाष चंद्र के अनुसार, दो दिनों में कुल 68 प्रत्याशियों ने अपने नामांकन वापस ले लिए।
नामांकन वापसी की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अब नगर परिषद चुनाव में कुल 263 प्रत्याशी मुकाबले में हैं। इनमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के 64-64 उम्मीदवार शामिल हैं, जबकि बाकी प्रत्याशी निर्दलीय हैं। इस तरह कई वार्डों में मुकाबला सीधे राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों के बीच होगा, वहीं कुछ वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनावी समीकरण को प्रभावित कर सकते हैं।
65 में से 64 वार्डों में होगा चुनाव
सीकर नगर परिषद में कुल 65 वार्ड हैं, लेकिन वार्ड संख्या 65 में चुनाव की स्थिति नामांकन वापसी के बाद बदल गई। इस वार्ड से कांग्रेस प्रत्याशी माया देवी निर्विरोध निर्वाचित हो गई हैं। माया देवी के सामने मैदान में मौजूद BJP और निर्दलीय प्रत्याशियों ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद इस वार्ड में चुनाव की जरूरत नहीं रह गई और माया देवी को निर्विरोध विजेता घोषित किया गया। परिणामस्वरूप अब नगर परिषद के 64 वार्डों में ही मतदान होगा।
वार्ड 65 का निर्विरोध परिणाम कांग्रेस के लिए चुनाव से पहले महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। वहीं, बाकी वार्डों में उम्मीदवारों की अंतिम स्थिति सामने आने के बाद राजनीतिक दलों ने अपने चुनावी अभियान को तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है।
BJP प्रत्याशी यश जलधारी के सामने मुकाबला हुआ आसान
नामांकन वापसी के दौरान वार्ड संख्या 11 में भी महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला। BJP ने इस वार्ड से पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी के पोते यश जलधारी को अपना प्रत्याशी बनाया है। यश जलधारी के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल करने वाले प्रतीक खंडेलवाल ने अपना नामांकन वापस ले लिया। उनके मैदान से हटने के बाद इस वार्ड का चुनावी मुकाबला बदल गया है।
स्थानीय स्तर पर राजनीतिक परिवारों से जुड़े उम्मीदवारों की मौजूदगी अक्सर चुनाव को अतिरिक्त चर्चा में ला देती है। ऐसे में यश जलधारी की उम्मीदवारी भी सीकर नगर परिषद चुनाव के प्रमुख स्थानीय राजनीतिक घटनाक्रमों में शामिल है।
तीन बार पार्षद रहे अब्दुल जब्बार ने नाम वापस लिया
वार्ड संख्या 23 में भी नामांकन वापसी का असर चुनावी समीकरण पर पड़ा है। निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल करने वाले अब्दुल जब्बार ने अपना नामांकन वापस ले लिया।
अब्दुल जब्बार इससे पहले तीन बार पार्षद रह चुके हैं। उन्होंने इस बार कांग्रेस से टिकट की मांग की थी, लेकिन पार्टी की ओर से टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया था।
अब नामांकन वापस लेने के बाद उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी का समर्थन करने की बात कही है। उनके इस फैसले से वार्ड 23 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को स्थानीय स्तर पर फायदा मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, चुनाव परिणाम पर इसका वास्तविक प्रभाव मतदान और मतदाताओं के रुख के बाद ही स्पष्ट होगा।
वार्ड 30 में भी निर्दलीय प्रत्याशी ने बदला समीकरण
नामांकन वापसी के दौरान वार्ड संख्या 30 में भी एक दिलचस्प घटनाक्रम सामने आया। निर्दलीय प्रत्याशी इरशाद ने दूसरे निर्दलीय उम्मीदवार असलम के समर्थन में अपना नामांकन वापस ले लिया।
स्थानीय निकाय चुनावों में निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच इस तरह के फैसले कई बार मुकाबले को प्रभावित करते हैं। एक प्रत्याशी के मैदान से हटकर दूसरे उम्मीदवार का समर्थन करने से वोटों के बंटवारे की स्थिति बदल सकती है। वार्ड 30 में भी अब मतदाताओं के सामने उम्मीदवारों की संख्या और चुनावी मुकाबले की तस्वीर पहले की तुलना में अलग होगी।
नामांकन वापसी के बाद साफ हुई चुनावी तस्वीर
नामांकन वापसी की प्रक्रिया नगर परिषद चुनाव में बेहद महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। नामांकन दाखिल होने के बाद कई उम्मीदवार चुनावी मैदान में बने रहते हैं, लेकिन अंतिम चरण में राजनीतिक दलों, समर्थकों और स्थानीय नेताओं के बीच सहमति बनने पर कुछ प्रत्याशी अपना नाम वापस ले लेते हैं।
सीकर में भी पिछले दो दिनों के दौरान बड़ी संख्या में नामांकन वापस लिए गए। कुल 68 नामांकन वापस होने के बाद अब 263 उम्मीदवार मैदान में रह गए हैं। इससे प्रत्येक वार्ड में चुनावी मुकाबले की वास्तविक स्थिति सामने आ गई है।
BJP और कांग्रेस के 64-64 उम्मीदवारों के अलावा बड़ी संख्या में निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी चुनाव को बहुकोणीय बना सकती है। स्थानीय निकाय चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी कई वार्डों में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं, क्योंकि स्थानीय मुद्दे, व्यक्तिगत संपर्क और उम्मीदवार की क्षेत्रीय पकड़ अक्सर पार्टी के चुनाव चिह्न के साथ-साथ महत्वपूर्ण कारक बन जाते हैं।
शुक्रवार को प्रत्याशियों को मिलेंगे चुनाव चिह्न
नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगला महत्वपूर्ण चरण चुनाव चिह्न आवंटन का है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को चुनाव मैदान में बचे प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे।
चुनाव चिह्न मिलने के बाद प्रत्याशी आधिकारिक रूप से अपने प्रचार अभियान को तेज कर सकेंगे। इसके साथ ही मतदाताओं के बीच प्रचार, जनसंपर्क और स्थानीय मुद्दों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।
प्रत्याशियों के लिए चुनाव चिह्न महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि नगर परिषद जैसे स्थानीय चुनावों में बड़ी संख्या में मतदाता उम्मीदवार की पहचान के साथ-साथ चुनाव चिह्न के आधार पर भी मतदान करते हैं। इसलिए राजनीतिक दल और निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव चिह्न मिलने के बाद अपने प्रचार को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश करेंगे।
स्थानीय मुद्दों पर रहेगा जोर
सीकर नगर परिषद चुनाव में अब 64 वार्डों के लिए मुकाबला होना है। ऐसे में चुनाव प्रचार के दौरान स्थानीय विकास, सड़क, सफाई, पेयजल, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, यातायात और अन्य नागरिक सुविधाएं प्रमुख मुद्दे बन सकती हैं।
नगर परिषद का चुनाव सीधे तौर पर शहर की रोजमर्रा की सुविधाओं से जुड़ा होता है। इसलिए प्रत्याशी अपने-अपने वार्ड में मतदाताओं की स्थानीय समस्याओं को चुनावी मुद्दा बनाकर समर्थन जुटाने की कोशिश करेंगे।
राजनीतिक दलों के साथ निर्दलीय उम्मीदवार भी अपने व्यक्तिगत जनसंपर्क और स्थानीय प्रभाव के आधार पर मतदाताओं तक पहुंचेंगे। अब नामांकन वापसी की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद चुनावी मुकाबले की दिशा स्पष्ट हो गई है।
अब मतदान और परिणाम का इंतजार
सीकर नगर परिषद चुनाव में 263 उम्मीदवारों के मैदान में रहने और 64 वार्डों में मतदान होने से चुनावी गतिविधियां तेज होने की संभावना है। वार्ड 65 में कांग्रेस की माया देवी का निर्विरोध निर्वाचन पहले ही हो चुका है।
अब सभी की नजरें बाकी 64 वार्डों में होने वाले मुकाबले पर हैं। नामांकन वापसी के दौरान सामने आए राजनीतिक फैसलों ने कई वार्डों में समीकरण बदले हैं। BJP और कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवारों के साथ निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी चुनाव को दिलचस्प बना रही है।
अंतिम रूप से चुनाव का परिणाम मतदाताओं के फैसले से तय होगा। फिलहाल नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सीकर नगर परिषद चुनाव पूरी तरह से चुनावी मोड में आ गया है और प्रत्याशी अपने-अपने वार्ड में प्रचार की तैयारियों में जुटने लगे हैं।









