सिक्किम में आधी रात के बाद लगातार भूकंप के झटकों से दहशत फैल गई। ग्यालशिंग में 4.5 तीव्रता का सबसे तेज झटका दर्ज किया गया। अब तक किसी जानमाल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
Earthquake: सिक्किम में शुक्रवार तड़के भूकंप के लगातार झटकों से लोगों की नींद उड़ गई। आधी रात के बाद धरती बार-बार हिलने लगी, जिससे पहाड़ी राज्य के कई इलाकों में दहशत का माहौल बन गया। सबसे ज्यादा असर ग्यालशिंग जिले में देखा गया, जहां भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.5 मापी गई। ठंड और अंधेरे के बीच लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और लंबे समय तक खुले में खड़े रहे।
ग्यालशिंग में सबसे तेज झटका
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, सबसे शक्तिशाली झटका सुबह 1 बजकर 9 मिनट पर दर्ज किया गया। इसका केंद्र ग्यालशिंग क्षेत्र में जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई में था। यह झटका इतना तेज था कि कई घरों के दरवाजे और खिड़कियां हिलने लगीं। कुछ इलाकों में बर्तन गिरने की भी सूचना मिली, हालांकि किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
आधी रात के बाद 12 बार हिली धरती
अधिकारियों के मुताबिक, सुबह 1 बजे से तड़के तक सिक्किम में कुल 12 भूकंपीय झटके महसूस किए गए। इन झटकों की तीव्रता 2 से 4.5 के बीच रही। लगातार आ रहे झटकों ने लोगों में डर बढ़ा दिया। कई परिवार संभावित aftershocks के डर से घर लौटने की हिम्मत नहीं जुटा पाए और बाहर ही इंतजार करते रहे।
गंगटोक और अन्य जिलों में भी असर
भूकंप के झटके सिर्फ ग्यालशिंग तक सीमित नहीं रहे। राजधानी गंगटोक, मंगन और नामची जैसे इलाकों में भी धरती हिलने का एहसास हुआ। हालांकि इन क्षेत्रों में तीव्रता कम थी, लेकिन पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोग सतर्क हो गए। सोशल मीडिया पर लोगों ने झटकों के अनुभव साझा किए, जिससे पूरे राज्य में चिंता का माहौल बन गया।
जानमाल के नुकसान की कोई पुष्टि नहीं
अब तक किसी बड़े नुकसान या जानमाल के हताहत होने की कोई आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। राहत की बात यह रही कि भूकंप के बावजूद किसी इमारत के गिरने या सड़क के धंसने की खबर नहीं मिली।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन अलर्ट मोड में
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट मोड पर हैं। अधिकारियों ने बताया कि सभी संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस और जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी emergency स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखें। ग्रामीण इलाकों में भी स्थानीय अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा गया है।
लगातार झटकों के कारण लोगों में डर और कन्फ्यूजन बना रहा। खासकर बुजुर्ग और बच्चों वाले परिवारों में चिंता ज्यादा देखी गई। कई लोगों ने बताया कि तेज ठंड के बावजूद वे बाहर निकल आए क्योंकि घर के अंदर रहना उन्हें सुरक्षित नहीं लगा। कुछ इलाकों में लोग पूरी रात जागते रहे।
भूकंप संभावित क्षेत्र में है सिक्किम
सिक्किम भूकंपीय रूप से संवेदनशील zone में आता है। यह इलाका Himalayan seismic belt का हिस्सा है, जहां अक्सर हल्के से मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस क्षेत्र में tectonic plates की सक्रियता के कारण भूकंपीय गतिविधियां सामान्य हैं, लेकिन लगातार झटके चिंता जरूर बढ़ाते हैं।
म्यांमार में भी आया तेज भूकंप
सिक्किम के झटकों के कुछ घंटों बाद भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में भी भूकंप दर्ज किया गया। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, म्यांमार में सुबह 6 बजकर 3 मिनट पर 4.9 तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र जमीन से लगभग 96 किलोमीटर की गहराई में था।
म्यांमार का भूकंपीय इतिहास
म्यांमार भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील देश रहा है। यहां पहले भी कई विनाशकारी भूकंप आ चुके हैं। साल 2025 में आए एक बड़े भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी, जिसमें 5,000 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी। इसी वजह से वहां किसी भी नए भूकंप की खबर चिंता बढ़ा देती है।









