सिक्किम में 17 हजार से अधिक ड्रग कैप्सूल-टैबलेट और ब्राउन शुगर नष्ट

सिक्किम के गंगटोक में 17,446 स्पास्मो प्रॉक्सीवॉन कैप्सूल, 1,048 नाइट्रोसन-10 टैबलेट, 401 कफ सिरप बोतले और 100.16 ग्राम ब्राउन शुगर नष्ट की गई। अदालत की अनुमति

सिक्किम के गंगटोक में 17,446 स्पास्मो प्रॉक्सीवॉन कैप्सूल, 1,048 नाइट्रोसन-10 टैबलेट, 401 कफ सिरप बोतलें और 100.16 ग्राम ब्राउन शुगर नष्ट की गई। कार्रवाई अदालत की अनुमति, प्रदूषण नियंत्रण मंजूरी और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई।

गंगटोक: सिक्किम की राजधानी गंगटोक में जब्त किए गए बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों और साइकोट्रॉपिक पदार्थों को कानूनी प्रक्रिया के तहत नष्ट किया गया। न्यू एसटीएनएम अस्पताल, सोकेथांग में आयोजित इस कार्रवाई के दौरान 17,446 स्पास्मो प्रॉक्सीवॉन कैप्सूल, 1,048 नाइट्रोसन-10 टैबलेट, 401 बोतल कफ सिरप और 100.16 ग्राम ब्राउन शुगर का निपटान किया गया।

यह कार्रवाई जिला नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन कमेटी (NCORD) की निगरानी में हुई। संबंधित मामलों में सक्षम अदालत से अनुमति मिलने और सिक्किम राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (SPCB-Sikkim) से आवश्यक मंजूरी प्राप्त होने के बाद जब्त पदार्थों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नष्ट किया गया।

अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई उन मामलों से संबंधित जब्त सामग्री के निपटान का हिस्सा थी, जिनका सक्षम अदालत द्वारा निपटारा किया जा चुका है। पूरी प्रक्रिया के दौरान जब्त पदार्थों का मिलान संबंधित जब्ती रिकॉर्ड और न्यायालय के आदेशों से किया गया।

17,446 कैप्सूल और 1,048 टैबलेट का निपटान

गंगटोक में आयोजित इस दूसरे तिमाही के ड्रग डिस्पोजल अभियान में बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित और नियंत्रित पदार्थों का निपटान किया गया। आधिकारिक विवरण के अनुसार, सबसे अधिक संख्या स्पास्मो प्रॉक्सीवॉन कैप्सूल की थी।

इस अभियान के दौरान कुल 17,446 स्पास्मो प्रॉक्सीवॉन कैप्सूल नष्ट किए गए। इसके अलावा 1,048 नाइट्रोसन-10 टैबलेट भी नष्ट की गईं। इन पदार्थों को सामान्य कचरे के रूप में नहीं फेंका गया, बल्कि निर्धारित सुरक्षित प्रक्रिया के तहत नष्ट किया गया।

अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि नष्ट की जाने वाली सामग्री वही हो जो संबंधित मामलों में जब्त की गई थी। इसके लिए पदार्थों का मिलान जब्ती रिकॉर्ड और अदालत के आदेशों के साथ किया गया।

100.16 ग्राम ब्राउन शुगर भी नष्ट

कार्रवाई के दौरान 100.16 ग्राम ब्राउन शुगर का भी निपटान किया गया। इसके साथ 401 बोतल कफ सिरप को भी निर्धारित पर्यावरणीय प्रक्रिया के तहत नष्ट किया गया।

अधिकारियों के मुताबिक, अलग-अलग प्रकार के जब्त पदार्थों के लिए उनकी प्रकृति के अनुरूप निपटान की अलग प्रक्रिया अपनाई गई। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि नष्ट किए जाने वाले पदार्थों से स्वास्थ्य या पर्यावरण को अनावश्यक नुकसान न पहुंचे।

ब्राउन शुगर, कैप्सूल और टैबलेट को न्यू एसटीएनएम अस्पताल में मौजूद थर्मल इन्सिनरेटर के माध्यम से नष्ट किया गया। वहीं कफ सिरप का निपटान अधिकृत एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए किया गया।

पर्यावरणीय मानकों का भी रखा गया ध्यान

जब्त मादक पदार्थों का निपटान केवल कानूनी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसके दौरान पर्यावरणीय सुरक्षा का पालन करना भी आवश्यक होता है। गंगटोक में हुई इस कार्रवाई में सिक्किम राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मंजूरी के बाद निर्धारित प्रक्रिया अपनाई गई।

कफ सिरप को अधिकृत Effluent Treatment Plant के माध्यम से नष्ट किया गया। वहीं कैप्सूल, टैबलेट और ब्राउन शुगर को नियंत्रित तरीके से थर्मल इन्सिनरेटर में नष्ट किया गया।

अधिकारियों के अनुसार, पूरी प्रक्रिया में आवश्यक सुरक्षा उपाय और दस्तावेजी रिकॉर्ड बनाए रखे गए। इसका उद्देश्य जब्त सामग्री के निपटान की प्रक्रिया को पारदर्शी और कानूनी मानकों के अनुरूप बनाए रखना था।

अदालत की अनुमति के बाद हुई कार्रवाई

जब्त मादक पदार्थों को नष्ट करने की प्रक्रिया संबंधित कानूनी मामलों के निपटारे के बाद शुरू की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिन मामलों की सामग्री का निपटान किया गया, उनमें सक्षम अदालत से आवश्यक अनुमति प्राप्त की गई थी।

निपटान से पहले संबंधित जब्ती रिकॉर्ड और न्यायालय के आदेशों के साथ सामग्री का सत्यापन किया गया। इससे यह सुनिश्चित किया गया कि केवल उन्हीं पदार्थों को नष्ट किया जाए, जिनके संबंध में कानूनी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जिनके निपटान की अनुमति प्राप्त है।

यह प्रक्रिया इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जब्त मादक पदार्थ किसी आपराधिक मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं। अदालत की अनुमति और रिकॉर्ड के सत्यापन के बाद ही उनका अंतिम निपटान किया जाता है।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी

ड्रग डिस्पोजल की पूरी कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा दो स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में प्रक्रिया को पूरा किया गया।

स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी और आधिकारिक दस्तावेजीकरण का उद्देश्य निपटान प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। जब्त पदार्थों की पहचान, मात्रा और नष्ट किए जाने की प्रक्रिया को रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।

अधिकारियों ने आवश्यक सुरक्षा उपायों के साथ पूरी कार्रवाई को निर्धारित नियमों के अनुसार पूरा किया।

किन कानूनों के तहत हुई कार्रवाई?

सिक्किम में जब्त मादक पदार्थों के निपटान की यह प्रक्रिया कई कानूनी प्रावधानों के तहत की गई। इसमें Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act, 1985 यानी NDPS Act प्रमुख है।

इसके अलावा कार्रवाई में Sikkim Anti-Drugs Act, 2006 और जब्त मादक एवं साइकोट्रॉपिक पदार्थों के निपटान से संबंधित प्रासंगिक दिशानिर्देशों का पालन किया गया।

NDPS Act भारत में मादक पदार्थों और साइकोट्रॉपिक पदार्थों के अवैध उत्पादन, कब्जे, परिवहन, बिक्री और तस्करी को नियंत्रित करने वाला प्रमुख कानून है। जब्त सामग्री के निपटान की प्रक्रिया भी इसी व्यापक कानूनी ढांचे के तहत निर्धारित नियमों के अनुसार की जाती है।

NCORD के तहत जारी है अभियान

गंगटोक में हुआ यह अभियान National Coordination Committee for Combating Illicit Trafficking in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances यानी NCORD के व्यापक ढांचे का हिस्सा है।

NCORD व्यवस्था का उद्देश्य विभिन्न सरकारी और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करके मादक पदार्थों की अवैध तस्करी और दुरुपयोग के खिलाफ कार्रवाई को मजबूत करना है।

जब्त पदार्थों का समयबद्ध और सुरक्षित निपटान भी इसी प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे लंबे समय तक जब्त सामग्री को भंडारण में रखने की जरूरत कम होती है और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसका सुरक्षित निपटान सुनिश्चित किया जा सकता है।

सिक्किम में नशे के खिलाफ कार्रवाई पर जोर

सिक्किम में मादक पदार्थों की तस्करी और दुरुपयोग को नियंत्रित करना प्रशासन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है। राज्य की भौगोलिक स्थिति और अंतरराज्यीय तथा अंतरराष्ट्रीय संपर्कों को देखते हुए मादक पदार्थों की आवाजाही पर निगरानी बढ़ाना सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकताओं में शामिल है।

ऐसे में जब्त पदार्थों का सुरक्षित निपटान केवल पुराने मामलों को बंद करने की प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि अवैध ड्रग नेटवर्क के खिलाफ व्यापक कार्रवाई का हिस्सा भी माना जाता है।

गंगटोक में हुई इस कार्रवाई के जरिए अधिकारियों ने यह संदेश दिया है कि अदालतों में मामलों के निपटारे के बाद जब्त मादक पदार्थों को निर्धारित कानूनी और पर्यावरणीय प्रक्रिया के तहत सुरक्षित तरीके से नष्ट किया जाएगा।

सुरक्षित और व्यवस्थित निपटान पर जोर

इस दूसरे तिमाही के ड्रग डिस्पोजल अभियान में बड़ी मात्रा में कैप्सूल, टैबलेट, कफ सिरप और ब्राउन शुगर का निपटान किया गया। पूरी प्रक्रिया में न्यायालय की अनुमति, जब्ती रिकॉर्ड का सत्यापन, प्रदूषण नियंत्रण मंजूरी और निर्धारित निपटान तकनीक का इस्तेमाल किया गया।

अधिकारियों और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई को दस्तावेजित किया गया। सिक्किम प्रशासन के लिए यह प्रक्रिया अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ कानून, पर्यावरण और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मानकों के पालन का उदाहरण भी है।

NCORD के तहत इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहने की उम्मीद है, जिससे अदालतों में निपट चुके मामलों से जुड़ी जब्त सामग्री का सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से अंतिम निपटान किया जा सके।

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