प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में बजट सत्र की शुरुआत की। उन्होंने Developed India 2047 के विजन, आर्थिक विकास, युवाओं के लिए अवसर और दीर्घकालिक नीतियों पर जोर दिया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी।
Parliament Budget Session 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज संसद में बजट सत्र की शुरुआत की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि यह सत्र केवल वार्षिक वित्तीय लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि विकसित भारत 2047 के विजन की दिशा में अगले 25 साल के लिए निर्णायक कदम है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के कल के भाषण ने 140 करोड़ भारतीयों के भरोसे, उनकी क्षमताओं और विशेषकर युवाओं की आकांक्षाओं को दर्शाया है। यह भाषण सांसदों के लिए मार्गदर्शन का काम करेगा।
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह समय 21वीं सदी के पहले चौथाई हिस्से के खत्म होने के बाद अगले चौथाई हिस्से की शुरुआत का है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पाने के लिए अगले 25 साल का यह चरण बेहद महत्वपूर्ण है। इस सत्र का बजट सत्र इस नए चरण का पहला बजट पेश करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश की पहली महिला वित्त मंत्री हैं, जो लगातार नौवीं बार संसद में बजट पेश कर रही हैं। यह संसदीय इतिहास का गौरवशाली क्षण है।
दीर्घकालिक विजन और नीति प्राथमिकताएँ
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि सरकार का दृष्टिकोण दीर्घकालिक है। उनका मानना है कि बजट केवल आर्थिक आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि विकास, निवेश और रोजगार को बढ़ाने का उपकरण है। उन्होंने कहा कि अब सभी की निगाहें वित्त मंत्री पर हैं कि वह कैसे विकसित भारत 2047 के इस दूसरे चरण की नींव रखती हैं।
प्रधानमंत्री ने सांसदों से अपील की कि वे राष्ट्रपति द्वारा बताए गए लक्ष्यों को गंभीरता से लें और नीति निर्माण में इसे प्राथमिकता दें। उन्होंने जोर दिया कि यह बजट सत्र देश के युवाओं और आने वाली पीढ़ियों के लिए भविष्य की दिशा तय करेगा।
आर्थिक वृद्धि का अनुमान

प्रधानमंत्री ने आर्थिक प्रगति का आंकड़ा साझा करते हुए कहा कि भारत की वास्तविक वृद्धि अक्सर आर्थिक सर्वेक्षण के अनुमानों से अधिक रही है। 2025-26 में देश की GDP में 7.4 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है। यह बजट पेश होने से पहले अनुमानित 6.3-6.8 प्रतिशत से अधिक है। 2023-24 में अर्थव्यवस्था ने 9.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की थी, जो सर्वेक्षण के 6-6.8 प्रतिशत पूर्वानुमान से कहीं अधिक थी। 2024-25 में वृद्धि 6.5 प्रतिशत रही, जो अनुमानित सीमा के करीब थी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वृद्धि से दिखता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने वैश्विक चुनौतियों के बावजूद मजबूती दिखाई है और बजट में नीतियों का ध्यान इसी स्थिरता और विकास को बनाए रखने पर होगा।
बजट में बीमा क्षेत्र की भूमिका
प्रधानमंत्री ने बीमा उद्योग की दीर्घकालिक प्राथमिकताओं पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि बजट में सिर्फ अल्पकालिक आवंटन या कर प्रोत्साहन पर्याप्त नहीं हैं। बीमा क्षेत्र संरचनात्मक सुधारों के माध्यम से स्थायी विकास चाहता है।
इंडस्ट्री के हितधारक जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा और MSME-संबंधित उत्पादों में जोखिम सुरक्षा बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं। उनका उद्देश्य बीमा पैठ बढ़ाना, सेवानिवृत्ति सुरक्षा को मजबूत करना और देश की वित्तीय सुरक्षा को मजबूत बनाना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बजट में इस क्षेत्र को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित हो।
वित्त मंत्री के पिटारे की प्रतीक्षा
प्रधानमंत्री ने संकेत दिया कि अब वित्त मंत्री के पिटारे पर सबकी निगाहें हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बजट में न केवल वार्षिक वित्तीय योजना पेश करेंगी, बल्कि विकसित भारत 2047 के विजन के लिए नीति और निवेश की दिशा भी तय करेंगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बजट के जरिए देश की उत्पादन क्षमता, रोजगार सृजन और निवेश के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि नीति निर्धारण में दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाया जाएगा और सभी सेक्टर्स में समग्र विकास सुनिश्चित किया जाएगा।
युवाओं और नई पीढ़ी के लिए संदेश
प्रधानमंत्री ने युवाओं पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के भाषण ने युवाओं की आकांक्षाओं को उजागर किया है। बजट में युवाओं के लिए अवसर सृजन, कौशल विकास और रोजगार की दिशा में नीति बनाई जाएगी। प्रधानमंत्री ने सांसदों से अपील की कि वे नीतियों में युवाओं के हितों को प्राथमिकता दें और उनकी ऊर्जा और क्षमताओं का लाभ लें।











