UGC रेगुलेशन-2026 के विरोध में उदयपुर में विप्र सेना ने प्रदर्शन किया। नारेबाजी को लेकर कार्यकर्ताओं में विवाद हुआ। संगठन ने नियमों में संशोधन या उन्हें वापस लेने की मांग की और आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
Rajasthan: बुधवार को उदयपुर में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के रेगुलेशन-2026 के विरोध में विप्र सेना ने जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ता जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि केंद्र सरकार इस अधिसूचना को तुरंत वापस ले या इसमें जरूरी संशोधन करे।
विप्र सेना का कहना है कि यह नया नियम 15 जनवरी 2026 से देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में लागू कर दिया गया है, जो शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के हितों के लिए संतुलित नहीं है।
नारेबाजी पर हुआ विवाद
प्रदर्शन के दौरान उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब जनता सेना से जुड़े पंकज सुखवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए। इस पर वहां मौजूद भाजपा नेता अर्चना शर्मा ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे अनुचित बताया।

अर्चना शर्मा ने कहा कि किसी भी विरोध का उद्देश्य नीतियों और नियमों पर चर्चा होना चाहिए, न कि प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर व्यक्तिगत टिप्पणी करना। नारेबाजी को लेकर दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई, हालांकि अन्य पदाधिकारियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाल लिया।
नियमों को बताया असंतुलित
विप्र सेना के संरक्षक मांगीलाल जोशी और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष घनश्याम मेनारिया ने कहा कि संगठन किसी भी प्रकार के शोषण के खिलाफ है, लेकिन झूठी शिकायतों के मामलों में भी उचित कार्रवाई का प्रावधान होना चाहिए।
उनका कहना है कि UGC के नए नियम छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए भ्रम और असंतुलन पैदा कर सकते हैं। इसलिए सरकार को नियमों पर दोबारा विचार करना चाहिए।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदेश अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने UGC रेगुलेशन-2026 को वापस नहीं लिया या संशोधन नहीं किया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदेश महामंत्री गोविंद दीक्षित ने बताया कि विरोध प्रदर्शन को पांच चरणों में आगे बढ़ाया जाएगा।
इस मौके पर प्रदेश मंत्री गिरीश दवे, जिला अध्यक्ष अंबालाल नागदा, पूर्व जिला अध्यक्ष प्रदीप श्रीमाली, यशवंत पालीवाल, संभाग महामंत्री परमानंद नागदा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।










