Somnath Temple की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर भारतीय वायुसेना की Surya Kiran Aerobatic Team अपने हैरतअंगेज हवाई करतबों का प्रदर्शन करेगी। इस विशेष एयर शो में छह हॉक एमके-132 विमान ऐतिहासिक मंदिर परिसर के ऊपर एरोबेटिक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे।
नई दिल्ली: भारत के सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में शामिल Somnath Temple अपनी पुनर्स्थापना और उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ में देशभर से श्रद्धालु और गणमान्य लोग शामिल होंगे। समारोह में भारत के प्रधानमंत्री भी उपस्थित रहेंगे। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था बल्कि भारत की सांस्कृतिक और सभ्यतागत विरासत का प्रतीक माना जा रहा है।
इस खास अवसर को यादगार बनाने के लिए Indian Air Force की प्रसिद्ध Surya Kiran Aerobatic Team (एसकेएटी) सोमनाथ मंदिर परिसर के ऊपर शानदार एयर शो प्रस्तुत करेगी। यह पहली बार होगा जब मंदिर के ऊपर इस स्तर का एरोबेटिक प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
छह हॉक एमके-132 विमान दिखाएंगे हवाई करतब
भारतीय वायुसेना के अधिकारियों के अनुसार, इस एयर शो में छह BAE Systems Hawk Mk 132 विमान हिस्सा लेंगे। ये विमान अत्याधुनिक एरोबेटिक फॉर्मेशन में उड़ान भरते हुए दर्शकों को रोमांचक अनुभव देंगे। कार्यक्रम आज,11 मई को आयोजित किया जाएगा। विंग कमांडर जनमीत शर्मा ने जानकारी दी कि सूर्य किरण टीम का यह प्रदर्शन सटीक समन्वय, अनुशासन और पेशेवर कौशल का प्रदर्शन होगा। एयर शो के दौरान विमान 800 से 900 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरेंगे और कई जटिल हवाई करतब दिखाएंगे।
अनुभवी पायलटों की टीम करेगी नेतृत्व

टीम की कमेंटेटर फ्लाइट लेफ्टिनेंट कंवल संधू ने बताया कि इस विशेष प्रदर्शन का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी करेंगे, जो अनुभवी Sukhoi Su-30MKI पायलट हैं। टीम में कुल 13 प्रशिक्षित पायलट शामिल हैं, जबकि विंग कमांडर तेजेश्वर सिंह टीम के डिप्टी लीडर की भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि सूर्य किरण टीम का आदर्श वाक्य “सदैव सर्वोत्तम” है, जिसका अर्थ है “हमेशा सर्वश्रेष्ठ”। यही भावना टीम के हर प्रदर्शन में दिखाई देती है। पायलटों को हॉक विमानों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वे कठिन परिस्थितियों और आपातकालीन हालात में भी सटीक उड़ान संचालन कर सकें।
सोमनाथ मंदिर के ऊपर होने वाला यह एयर शो कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है। प्रदर्शन की शुरुआत सभी छह विमानों के एक साथ उड़ान भरने से होगी। इसके बाद विमान अलग-अलग फॉर्मेशन में विभाजित होकर हवा में समन्वित करतब दिखाएंगे। इस दौरान स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल जमीन से संचालन और सुरक्षा समन्वय संभालेंगे। वे पायलटों को मौसम, हवा की दिशा, विमानों की दूरी और अन्य तकनीकी जानकारियां लगातार उपलब्ध कराते रहेंगे।
सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम
एयर शो के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। खासतौर पर पक्षियों की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए ‘बर्ड हैजर्ड कंट्रोल यूनिट’ को पूरी तरह अलर्ट पर रखा जाएगा। यह यूनिट कार्यक्रम स्थल के आसपास पक्षियों की मौजूदगी पर नजर रखेगी ताकि विमानों की उड़ान सुरक्षित बनी रहे। अधिकारियों ने बताया कि हॉक विमान बेहद करीबी फॉर्मेशन में उड़ान भरते हैं। कई बार दो विमानों के बीच की दूरी केवल पांच मीटर से भी कम होती है। ऐसे में उच्च स्तर की सटीकता और तालमेल की आवश्यकता होती है।
1996 में स्थापित सूर्य किरण एरोबेटिक टीम भारतीय वायुसेना की सबसे प्रतिष्ठित प्रदर्शन टीमों में से एक मानी जाती है। टीम द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले हॉक एमके-132 विमानों का निर्माण Hindustan Aeronautics Limited ने भारत में किया है। एसकेएटी अब तक भारत और विदेशों में 800 से अधिक एयर शो में हिस्सा ले चुकी है। टीम चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों में भी अपने प्रदर्शन से दर्शकों को प्रभावित कर चुकी है।









