सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर अमेरिकी वायुसेना के पांच रिफ्यूलिंग विमानों पर ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों के हमले में ये विमान क्षतिग्रस्त हो गए। इस हमले की जानकारी वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दी।
World News: सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर अमेरिकी वायुसेना के पांच रिफ्यूलिंग विमानों को हाल ही में हुए हमले में क्षति पहुँच गई है। यह जानकारी वॉल स्ट्रीट जर्नल ने शुक्रवार को दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दी। रिपोर्ट के अनुसार, हाल के दिनों में ईरानी मिसाइल हमलों के दौरान बेस पर मौजूद विमानों को निशाना बनाया गया था। इन हमलों में विमानों को नुकसान तो हुआ, लेकिन वे पूरी तरह नष्ट नहीं हुए और वर्तमान में उनकी मरम्मत की जा रही है। इन घटनाओं में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई।
ईरान-यूएस तनाव और मध्य-पूर्व में सैन्य तैयारियां
हाल के महीनों में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में कहा कि अमेरिका मध्य-पूर्व में अपने ऑपरेशन्स को जारी रखेगा और ईरान के खिलाफ अभियान में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। पेंटागन में पत्रकारों से बात करते हुए अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा, "युद्ध एक नरक है। यह अफरा-तफरी और जोखिम भरा होता है।" उन्होंने KC-135 टैंकर विमान की हालिया दुर्घटना का जिक्र करते हुए कहा कि युद्ध में अप्रत्याशित घटनाएं होती रहती हैं।
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ संचालन के लिए मध्य-पूर्व में बड़ी संख्या में विमान तैनात किए हैं। इन विमानों में विशेष रूप से KC-135 रिफ्यूलिंग विमान शामिल हैं, जो अन्य लड़ाकू विमानों को हवा में ईंधन प्रदान करने का काम करते हैं।
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ईराक में अमेरिकी रिफ्यूलिंग विमान की दुर्घटना
सऊदी अरब के हमले की खबर के कुछ ही समय बाद, पश्चिमी ईराक में एक अमेरिकी KC-135 रिफ्यूलिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अमेरिकी सेना ने पुष्टि की कि विमान में सवार सभी छह क्रू मेंबर्स की मौत हो गई है। सेना ने कहा कि इस दुर्घटना में कोई दुश्मन गोलीबारी या मित्र पक्ष की कार्रवाई शामिल नहीं थी।साथ ही, एक अन्य अमेरिकी विमान, जो इस दुर्घटना में शामिल था, सुरक्षित रूप से लैंड कर गया। इस घटना ने न केवल अमेरिकी ऑपरेशन्स की जटिलता को उजागर किया, बल्कि हवा में विमानों को ईंधन देने के दौरान होने वाले जोखिम को भी सामने लाया।
28 फरवरी को ईरान के खिलाफ शुरू हुए अमेरिकी अभियान के दौरान अब तक सात अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं। पेंटागन और अमेरिकी सेंट्रल कमांड के बयानों के अनुसार, KC-135 विमान दुर्घटना से जुड़े हालात की जांच जारी है। सऊदी अरब और ईरान के बीच इस तरह के घटनाक्रम ने वैश्विक सुरक्षा और मध्य-पूर्व की रणनीतिक स्थिति को और जटिल बना दिया है।
रिफ्यूलिंग विमानों पर हमला इस बात को स्पष्ट करता है कि किसी भी सैन्य अभियान में न केवल हवाई हमले, बल्कि लॉजिस्टिक और सपोर्ट ऑपरेशन्स भी खतरे में रहते हैं।








