Airtel और Google ने भारत में RCS मैसेजिंग के लिए AI-पावर्ड स्पैम प्रोटेक्शन लॉन्च किया है। नई सुविधा Android यूजर्स को Google Messages ऐप पर फर्जी मैसेज, धोखाधड़ी लिंक और संदिग्ध बिजनेस कम्युनिकेशन से सुरक्षा प्रदान करेगी। AI और नेटवर्क इंटेलिजेंस मिलकर रियल-टाइम वेरिफिकेशन और मल्टी-लेयर फिल्टरिंग सुनिश्चित करेंगे, जिससे डिजिटल मैसेजिंग अधिक भरोसेमंद बनेगी।
RCS Messaging Security: Airtel और Google ने भारत में RCS मैसेजिंग सुरक्षा को मजबूत करने के लिए AI-पावर्ड स्पैम प्रोटेक्शन शुरू किया है। इस पहल के तहत Android यूजर्स को Google Messages ऐप पर संदिग्ध या फर्जी मैसेज और धोखाधड़ी वाले लिंक से बचाया जाएगा। यह सुविधा रियल-टाइम सेंडर वेरिफिकेशन और मल्टी-लेयर फिल्टरिंग के माध्यम से काम करेगी। भारत में डिजिटल मैसेजिंग इकोसिस्टम को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए दोनों कंपनियों का यह कदम महत्वपूर्ण साबित होगा।
नई सुरक्षा सुविधा से यूजर्स होंगे सुरक्षित
Airtel और Google ने भारत में RCS मैसेजिंग को AI-पावर्ड स्पैम प्रोटेक्शन के साथ लॉन्च किया है। इस नई सुविधा के तहत Android यूजर्स को Google Messages ऐप पर संदिग्ध और फर्जी मैसेज से सुरक्षा मिलेगी। सिस्टम रियल-टाइम में सेंडर वेरिफिकेशन और मल्टी-लेयर फिल्टरिंग करेगा, जिससे यूजर्स को वित्तीय नुकसान या धोखाधड़ी वाले लिंक से बचाया जा सकेगा।
AI और नेटवर्क इंटेलिजेंस का कॉम्बिनेशन
Airtel अपनी टेलीकॉम नेटवर्क इंटेलिजेंस को Google के RCS प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ रहा है। AI-पावर्ड स्पैम डिटेक्शन टूल्स सीधे RCS फ्रेमवर्क में एम्बेड होंगे, जो बिजनेस कम्युनिकेशन की रियल-टाइम जांच करेंगे। इससे सेंडर ऑथेंटिकेशन मजबूत होगा और फर्जी या हानिकारक मैसेज फिल्टर किए जाएंगे। हाई-रेज फोटो-वीडियो शेयरिंग, टाइपिंग इंडिकेटर और रीड रिसीट जैसी सुविधाएं सामान्य रूप से बनी रहेंगी, लेकिन अब अतिरिक्त सुरक्षा के साथ।

स्पैम और फ्रॉड पर नियंत्रण
Airtel का AI एंटी-स्पैम सिस्टम पिछले 18 महीनों में 71 अरब स्पैम कॉल और 2.9 अरब स्पैम SMS ब्लॉक कर चुका है। नई RCS व्यवस्था में बिजनेस सेंडर की टेलीकॉम-लेवल वेरिफिकेशन, Do Not Disturb नियमों का पालन, प्रमोशनल और ट्रांजैक्शनल मैसेज की पहचान और मल्टी-लेयर थ्रेट डिटेक्शन शामिल हैं। इससे भारत में डिजिटल मैसेजिंग का भरोसा बढ़ेगा और यूजर्स को फर्जी ऑफर या धोखाधड़ी वाले लिंक से बेहतर सुरक्षा मिलेगी।
भारत में डिजिटल कम्युनिकेशन को नया मानक
दोनों कंपनियों का कहना है कि यह साझेदारी यह दिखाती है कि टेलीकॉम ऑपरेटर और टेक प्लेटफॉर्म मिलकर यूजर सुरक्षा को नई ऊंचाई पर ले जा सकते हैं। खासकर ओटीटी मैसेजिंग सर्विस की तुलना में यह कदम यूजर्स के लिए भरोसेमंद विकल्प साबित होगा। आने वाले समय में यह AI-पावर्ड सुरक्षा मॉडल पूरे डिजिटल कम्युनिकेशन इकोसिस्टम के लिए नया मानक बन सकता है।











