ऐप्पल ने हाल ही में अपने यूजर्स को स्पाईवेयर अलर्ट भेजा, जिसके बाद केंद्र सरकार ने कंपनी को नोटिस जारी कर मामले से जुड़ी जानकारी मांगी है। CERT-In ने यूजर्स को डिवाइस अपडेट करने, लॉकडाउन मोड इनेबल करने और असामान्य प्रॉम्प्ट पर सतर्क रहने की सलाह दी है। इस कदम से आईफोन यूजर्स की सुरक्षा बढ़ाने और संभावित साइबर खतरे कम करने का उद्देश्य है।
Spyware Alert: हाल ही में 2-3 दिसंबर 2025 को ऐप्पल और गूगल ने अपने यूजर्स को स्पाईवेयर से संबंधित नोटिस भेजा था, जिसके बाद केंद्र सरकार ने ऐप्पल को नोटिस जारी कर मामले की विस्तृत जानकारी मांगी है। भारत में CERT-In ने यूजर्स को अपने डिवाइस अपडेट करने, लॉकडाउन मोड इनेबल करने और किसी भी असामान्य प्रॉम्प्ट से सावधान रहने की सलाह दी है, ताकि आईफोन यूजर्स संभावित साइबर हमलों से सुरक्षित रह सकें।
सरकार ने मांगी स्पाईवेयर से जुड़ी जानकारी
बीते हफ्ते ऐप्पल ने अपने यूजर्स को स्पाईवेयर अलर्ट भेजा था, जिसमें कहा गया कि कुछ यूजर्स निशाने पर हो सकते हैं। इस अलर्ट के बाद केंद्र सरकार ने ऐप्पल को नोटिस भेजकर मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी है। सरकार जानना चाहती है कि किस प्रकार के थ्रेट का पता चला, इसका पता कैसे लगाया गया और कितने यूजर्स प्रभावित हो सकते हैं।
CERT-In ने भी पब्लिक एडवायजरी जारी की है। एजेंसी ने सलाह दी कि प्रभावित यूजर टेक्निकल मदद के लिए उनसे संपर्क कर सकते हैं। साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे स्पाईवेयर अटैक लगातार बढ़ रहे हैं और यूजर्स के लिए चिंता का कारण हैं।
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ऐप्पल का जवाब और कार्रवाई
Apple ने नोटिस के बाद सरकार और CERT-In के साथ बैठक की। कंपनी ने स्पष्ट किया कि यूजर्स को भेजा गया नोटिफिकेशन केवल इंटरनल थ्रेट सिग्नल था और इसके पीछे किसी देश या सरकार का हाथ नहीं है। कंपनी ने यह भी कहा कि प्रभावित आईडी को रिमोटली कॉम्प्रोमाइज करने की कोशिश का पता चला।
CERT-In ने यूजर्स को निर्देश दिए कि वे अपने iPhone डिवाइस को अपडेट करें, लॉकडाउन मोड इनेबल करें और स्क्रीन पर किसी असामान्य प्रॉम्प्ट से सावधान रहें। जिन यूजर्स को अलर्ट मिला है, वे CERT-In से संपर्क कर अपने डिवाइस की जांच करवा सकते हैं।
स्पाईवेयर अलर्ट से सावधानी बरतें
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के साइबर खतरे बढ़ रहे हैं और यूजर्स को सतर्क रहना जरूरी है। नियमित सॉफ्टवेयर अपडेट, मजबूत पासवर्ड और सावधानीपूर्ण व्यवहार से इस तरह के हमलों से बचाव किया जा सकता है।









