मुख्य सचिव ने सभी सरकारी कर्मचारियों को 15 मई से पहले स्व-गणना प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। जनगणना के पहले चरण में 5 लाख से अधिक कर्मचारी शामिल होंगे, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर सही और सटीक आंकड़े सुनिश्चित किए जा सकें।
जयपुर: भारत में राष्ट्रीय जनगणना 2026 की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है। 1 मई से देशभर में पहले चरण के तहत मकानों की सूचीकरण और गणना का कार्य जारी है। इसी क्रम में सरकार ने डिजिटल माध्यम से “स्व-गणना (Self-Enumeration)” को बढ़ावा देते हुए आम नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों दोनों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य जनगणना को अधिक सटीक, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।
स्व-गणना प्रक्रिया: 1 से 15 मई तक महत्वपूर्ण चरण
जनगणना के पहले चरण में 1 मई से 15 मई तक “स्व-गणना” का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान नागरिकों को एक आधिकारिक पोर्टल पर जाकर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करनी होगी।
सरकारी पोर्टल:
इस डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से नागरिकों को जनगणना के प्रश्नों का ऑनलाइन उत्तर देना होगा, जिससे फील्ड स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों पर भार कम होगा और डेटा संग्रह तेज़ होगा।
मुख्य सचिव का आदेश: सभी सरकारी कर्मचारियों की अनिवार्य भागीदारी
राज्य के मुख्य सचिव ने सभी विभागों के प्रमुखों (HODs) को पत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उनके अधीन कार्यरत सभी सरकारी कर्मचारियों की 100 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
पत्र में कहा गया है कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में सरकारी कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को 15 मई से पहले स्व-गणना प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
नेतृत्व से उदाहरण: उच्च अधिकारियों की भागीदारी
मुख्य सचिव ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि 1 मई को राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधियों ने स्वयं स्व-गणना कर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।
इस पहल का उद्देश्य यह संदेश देना है कि जनगणना केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय दायित्व है जिसमें हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।
सरकारी तंत्र की व्यापक भागीदारी
राज्य के सरकारी ढांचे में लगभग 5 लाख से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें विभिन्न विभागों, संस्थानों और स्ववित्त-पोषित संगठनों के कर्मचारी शामिल हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि:
- सभी कर्मचारी समय पर अपनी स्व-गणना पूरी करें
- अन्य नागरिकों को भी इस प्रक्रिया के लिए प्रेरित करें
- डेटा संग्रह में किसी प्रकार की त्रुटि या देरी न हो
स्व-गणना में क्या भरना होगा?
जनगणना प्रक्रिया को सरल और डिजिटल बनाया गया है। नागरिकों को कुल 34 प्रश्नों में से 29 प्रश्नों के उत्तर ऑनलाइन भरने होंगे।

बाकी 5 प्रश्न जनगणना कर्मियों द्वारा घर-घर सत्यापन के दौरान पूरे किए जाएंगे।
इन 5 प्रश्नों में शामिल हैं:
- भवन की लाइन संख्या
- भवन संख्या
- मकान संख्या
- मकान का वास्तविक उपयोग
- अन्य भौतिक संरचना संबंधी विवरण
यह व्यवस्था डेटा की सटीकता और सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
डिजिटल जनगणना की ओर भारत का कदम
इस बार की जनगणना को डिजिटल और तकनीकी रूप से अधिक उन्नत बनाया गया है। ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से नागरिक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं, जिससे:
- प्रक्रिया तेज़ होगी
- मानवीय त्रुटियों में कमी आएगी
- डेटा अधिक विश्वसनीय बनेगा
यह भारत की डिजिटल गवर्नेंस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सरकारी कर्मचारियों की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण है?
सरकारी कर्मचारी इस पूरी प्रक्रिया की रीढ़ माने जाते हैं। उनके सहयोग से:
- आम नागरिकों में जागरूकता बढ़ती है
- डिजिटल प्रक्रिया को अपनाने में आसानी होती है
- डेटा संग्रह अधिक प्रभावी बनता है
मुख्य सचिव ने विशेष रूप से कहा कि कर्मचारियों को खुद उदाहरण बनकर समाज को प्रेरित करना चाहिए।
प्रशासनिक निर्देशों का सख्त अनुपालन
सरकार ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
HODs को जिम्मेदारी दी गई है कि वे:
- अपने विभाग के सभी कर्मचारियों की निगरानी करें
- समय सीमा से पहले स्व-गणना पूरी कराएं
- अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करें
- जनगणना का राष्ट्रीय महत्व
जनगणना केवल जनसंख्या का आंकड़ा नहीं होती, बल्कि यह देश की नीति निर्माण, बजट आवंटन और विकास योजनाओं की नींव होती है।
इसके आधार पर:
- शिक्षा और स्वास्थ्य योजनाएं बनती हैं
- रोजगार नीतियां तैयार होती हैं
- संसाधनों का वितरण तय होता है
- इसलिए इसकी सटीकता बेहद महत्वपूर्ण होती है।
- नागरिकों के लिए निर्देश और जागरूकता
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय पर पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज करें और किसी भी प्रकार की देरी से बचें।
साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि:
- सही और सटीक जानकारी दी जाए
- सभी आवश्यक विवरण पूरे किए जाएं
यदि आवश्यक हो तो जनगणना कर्मियों का सहयोग लिया जाए









