Stanford Study में खोजी गईं Ruptoblast Cells, खतरे को खत्म कर खुद भी नष्ट होती हैं

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने Ruptoblast Cells की खोज की है, जो विदेशी कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए विस्फोट कर खुद भी समाप्त हो जाती हैं।

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने फ्लैटवर्म में ऐसी विशेष इम्यून कोशिकाएं खोजी हैं जो विदेशी कोशिकाओं और रोगजनकों को नष्ट करने के लिए विस्फोट कर देती हैं। इस प्रक्रिया को ‘रप्टोसिस’ नाम दिया गया है।

USA: स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने फ्लैटवर्म में एक अनोखी प्रतिरक्षा प्रणाली की पहचान की है। अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि कुछ विशेष कोशिकाएं, जिन्हें Ruptoblasts कहा गया है, खतरे का पता चलते ही विस्फोट कर आसपास मौजूद विदेशी कोशिकाओं को नष्ट कर देती हैं। यह खोज इम्यून सिस्टम की कार्यप्रणाली को समझने में नई दिशा दे सकती है।

Ruptosis नाम की नई प्रतिरक्षा प्रक्रिया की पहचान

शोध के दौरान वैज्ञानिक यह जानने की कोशिश कर रहे थे कि फ्लैटवर्म अपनी कोशिकाओं और दूसरे जीवों की कोशिकाओं में अंतर कैसे पहचानते हैं। प्रयोग में अलग-अलग फ्लैटवर्म के ऊतकों को जोड़ने पर देखा गया कि शरीर ने बाहरी ऊतकों को स्वीकार नहीं किया और उनके खिलाफ तेज प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया शुरू हो गई।

इसी दौरान शोधकर्ताओं ने एक नई जैविक प्रक्रिया की पहचान की, जिसे उन्होंने “Ruptosis” नाम दिया। इस प्रक्रिया में विशेष कोशिकाएं तेजी से फट जाती हैं और आसपास मौजूद विदेशी कोशिकाओं को नष्ट कर देती हैं।

कुछ मिनटों में खत्म कर देती हैं खतरा

वैज्ञानिकों के अनुसार Ruptoblasts नामक ये कोशिकाएं कुछ ही सेकंड या मिनटों में सक्रिय हो जाती हैं। इनके फटने पर विषैले तत्व निकलते हैं, जो आसपास मौजूद रोगजनकों और विदेशी कोशिकाओं को खत्म कर देते हैं। इसके बाद ये कोशिकाएं स्वयं भी नष्ट हो जाती हैं।

शोधकर्ताओं का कहना है कि स्तनधारी जीवों और कुछ बैक्टीरिया में भी विस्फोटक प्रकार की कोशिका मृत्यु देखी जाती है, लेकिन वहां यह प्रक्रिया कई घंटों में पूरी होती है। जबकि Ruptosis बेहद तेज गति से घटित होती है।

बैक्टीरिया और अन्य कोशिकाओं पर सफल परीक्षण

अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों ने Ruptoblasts को विभिन्न प्रकार के लक्ष्यों के खिलाफ परखा। इनमें E. coli बैक्टीरिया, मानव किडनी कोशिकाएं और चूहों की रक्त कोशिकाएं शामिल थीं। परीक्षणों में इन विशेष कोशिकाओं ने सभी लक्ष्यों को प्रभावी रूप से नष्ट कर दिया।

शोधकर्ताओं का मानना है कि यह खोज बताती है कि प्रकृति में प्रतिरक्षा तंत्र के कई अलग-अलग रूप मौजूद हैं, जिनके बारे में अभी बहुत कम जानकारी उपलब्ध है।

भविष्य की चिकित्सा शोध में मिल सकती है नई दिशा

वैज्ञानिकों का कहना है कि कम अध्ययन किए गए जीवों की प्रतिरक्षा प्रणाली को समझने से चिकित्सा विज्ञान को नई जानकारियां मिल सकती हैं। ऐसी खोजें भविष्य में संक्रमण, प्रतिरक्षा विकारों और अन्य जटिल बीमारियों के उपचार के नए रास्ते खोल सकती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार Ruptosis जैसी प्रक्रियाओं का अध्ययन यह समझने में मदद कर सकता है कि शरीर खतरनाक रोगजनकों के खिलाफ कितनी विविध और प्रभावी रणनीतियां विकसित कर सकता है।

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