भारतीय शेयर बाजार सोमवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 1,635 अंक टूटकर 71,948 पर आया। निफ्टी 22,331 पर बंद हुआ। मिडकैप, स्मॉलकैप और बैंकिंग शेयर भी कमजोर रहे, वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों का असर दिखा।
Stock Market Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को भारी कमजोरी देखने को मिली। वित्त वर्ष 2026 के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्स 1,635.67 अंक यानी 2.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71,947.55 पर बंद हुआ। निफ्टी 50 भी 488.20 अंक यानी 2.14 प्रतिशत टूटकर 22,331.40 पर आ गया। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे युद्ध के कारण आर्थिक विकास (Growth) और महंगाई (Inflation) को लेकर चिंता बढ़ गई है, जिसका असर बाजार पर सीधा देखने को मिला।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी
आज छोटे और मझोले शेयरों में भी कमजोरी रही। निफ्टी मिडकैप 2.68 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 2.66 प्रतिशत गिरकर बंद हुए। अधिकांश सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। ऑटो, FMCG, बैंकिंग, रियल्टी, टेलीकॉम और कैपिटल गुड्स सेक्टर में 2 से 4 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बड़ी गिरावट ने छोटे निवेशकों को ज्यादा नुकसान पहुंचाया।
बैंकिंग शेयरों पर दबाव
बैंकिंग सेक्टर पर आज सबसे ज्यादा दबाव रहा। इसकी मुख्य वजह रिजर्व बैंक का हालिया फैसला है। RBI ने बैंकों के विदेशी मुद्रा एक्सपोजर पर सख्ती बढ़ा दी है, जिससे बैंकों को अपनी पोजीशन घटानी पड़ सकती है। इस फैसले के बाद बैंकिंग शेयरों में बिकवाली तेज हो गई। निफ्टी PSU बैंक, निफ्टी बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली।
कच्चे तेल की कीमतों का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल भी बाजार की कमजोरी का कारण रहा। ब्रेंट क्रूड की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई। मध्यपूर्व में तनाव और युद्ध जैसे हालात सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा रहे हैं। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का खतरा होता है, जिसका असर सीधे शेयर बाजार पर पड़ता है। निफ्टी मेटल और निफ्टी ऑयल एंड गैस में गिरावट अपेक्षाकृत कम रही।
प्रमुख शेयरों की स्थिति
आज निफ्टी के प्रमुख गिरने वाले शेयरों में बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, एसबीआई और श्रीराम फाइनेंस शामिल रहे। वहीं, हिंदाल्को, कोल इंडिया और ONGC जैसे शेयरों में हल्की बढ़त देखने को मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
निवेशकों के लिए संकेत
विशेषज्ञ निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। ग्लोबल तनाव, कच्चे तेल की कीमतें और नीतिगत फैसले अब बाजार की दिशा तय करेंगे। ऐसे में जल्दबाजी में बड़े निवेश निर्णय लेने से बचना चाहिए। निवेशक छोटी अवधि के उतार-चढ़ाव के बजाय लंबी अवधि के लिए रणनीति बनाएं।








