हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बाद तेजी देखने को मिली और प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 413.66 अंक की मजबूती के साथ 74,729.27 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 148.81 अंक चढ़कर 23,146.15 पर बंद हुआ।
बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली। शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों बढ़त के साथ बंद हुए। टेक महिंद्रा के मजबूत तिमाही नतीजों से आईटी शेयरों में खरीदारी बढ़ी, जिससे बाजार को सहारा मिला। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, बॉन्ड यील्ड में गिरावट और रुपये में मजबूती ने भी निवेशकों की धारणा को समर्थन दिया। हालांकि, वित्तीय सेवाओं, एफएमसीजी और तेल-गैस जैसे कुछ क्षेत्रों में बिकवाली का दबाव बना रहा।
सेंसेक्स और निफ्टी में कितनी तेजी आई?
कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 413.66 अंक यानी करीब 0.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,729.27 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 148.81 अंक चढ़कर 23,146.15 अंक पर पहुंच गया। बाजार में यह रिकवरी ऐसे समय देखने को मिली, जब निवेशक घरेलू कंपनियों के नतीजों और वैश्विक संकेतों पर नजर बनाए हुए थे।
लार्ज-कैप शेयरों में खरीदारी ने प्रमुख सूचकांकों को ऊपर जाने में मदद की। महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) और भारती एयरटेल के शेयरों में करीब 2 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। वहीं, फार्मा, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स क्षेत्रों के चुनिंदा शेयरों में भी निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई।
IT शेयरों में तेजी की क्या रही वजह?
![]()
आईटी सेक्टर बाजार की तेजी के प्रमुख केंद्रों में शामिल रहा। टेक महिंद्रा के मजबूत नतीजों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा और आईटी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आईटी शेयरों में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में बढ़त जारी रही। आईटी कंपनियों के तिमाही नतीजे निवेशकों के लिए अहम हैं, क्योंकि इनसे कारोबार की स्थिति, मांग और भविष्य की संभावनाओं का संकेत मिलता है।
मजबूत प्रदर्शन की खबरों से पूरे सेक्टर के प्रति धारणा बेहतर हो सकती है। हालांकि, आगे शेयरों की दिशा कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन, वैश्विक मांग और कारोबारी लागत जैसे कारकों पर भी निर्भर करेगी।
बाजार में तेजी के पीछे रहे ये प्रमुख कारण
शेयर बाजार की रिकवरी के पीछे कई कारकों ने भूमिका निभाई।
- आईटी शेयरों में खरीदारी: टेक महिंद्रा के नतीजों से सेक्टर में सकारात्मक माहौल बना और प्रमुख आईटी शेयरों को समर्थन मिला।
- बॉन्ड यील्ड में गिरावट: बॉन्ड यील्ड में नरमी से शेयर बाजार को राहत मिली। ब्याज दरों और बॉन्ड बाजार में बदलाव निवेशकों के निवेश संबंधी फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं।
- कच्चे तेल की कीमतों में नरमी: भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। तेल की कीमतों में गिरावट से आयात बिल और महंगाई के दबाव को लेकर चिंताएं कम हो सकती हैं।
- रुपये में मजबूती: कारोबार के दौरान भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 4 पैसे मजबूत होकर 94.95 के अस्थायी स्तर पर पहुंचा। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, रुपये में लगातार पांचवें सत्र में मजबूती दर्ज की गई।
आईटी शेयरों के अलावा मीडिया, मेटल्स, सीमेंट और ऑटो सेक्टर में भी तेजी देखने को मिली। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में मामूली बढ़त दर्ज की गई। दूसरी ओर, वित्तीय सेवाओं, एफएमसीजी, तेल एवं गैस और निजी बैंकों के कुछ शेयरों पर बिकवाली का दबाव रहा।











