Stock Market Update: मिडिल ईस्ट तनाव का असर, सेंसेक्स 50 अंक की बढ़त के साथ खुला; निफ्टी 23150 के आसपास ट्रेड

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सोमवार को शेयर बाजार उतार-चढ़ाव के साथ खुला। सेंसेक्स और निफ्टी मे हल्की बढ़त, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक संकेतों पर निवेशकों की नजर।

सोमवार 16 मार्च को भारतीय शेयर बाजार उतार-चढ़ाव के साथ खुला। मिडिल ईस्ट तनाव और तेल कीमतों में तेजी के बीच सेंसेक्स और निफ्टी में हल्की बढ़त देखी गई, जबकि निवेशक वैश्विक संकेतों पर सतर्क नजर बनाए हुए हैं।

Stock Market: सोमवार 16 मार्च को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत उतार-चढ़ाव के साथ हुई। हफ्ते के पहले ट्रेडिंग सेशन में बाजार ने सपाट रुख के साथ ओपनिंग दी, लेकिन शुरुआती कारोबार के दौरान हल्की तेजी और गिरावट दोनों देखने को मिली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच लंबे समय तक संघर्ष की आशंकाओं ने निवेशकों के सेंटीमेंट्स को प्रभावित किया है।

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, रुपये की कमजोरी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जैसे कारकों ने बाजार पर दबाव बनाया हुआ है। हालांकि इसके बावजूद शुरुआती कारोबार में प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में हल्की बढ़त देखने को मिली।

सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआती चाल

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स गिरावट के साथ करीब 74,415 के स्तर पर खुला। हालांकि बाजार खुलने के तुरंत बाद इसमें तेजी आई और यह लगभग 74,846 तक पहुंच गया।

सुबह करीब 9:22 बजे सेंसेक्स 26.38 अंक यानी लगभग 0.04 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 74,590.30 पर कारोबार करता दिखाई दिया। इससे यह संकेत मिला कि निवेशकों में अभी भी सतर्कता बनी हुई है और वे वैश्विक हालात पर नजर रखकर ही ट्रेडिंग कर रहे हैं।

इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स निफ्टी-50 भी लगभग सपाट रुख के साथ 23,116 के स्तर पर खुला। शुरुआती कारोबार में निफ्टी में हल्की तेजी देखने को मिली और सुबह 9:22 बजे यह 2.30 अंक यानी करीब 0.01 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,153.40 के आसपास ट्रेड करता नजर आया।

बाजार की यह शुरुआती चाल दिखाती है कि निवेशक फिलहाल सावधानी के साथ ट्रेडिंग कर रहे हैं और वैश्विक आर्थिक संकेतों का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है।

मिडिल ईस्ट संकट का असर

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ा दी है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित लंबे संघर्ष की आशंकाओं ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। इस स्थिति का सीधा असर शेयर बाजार के सेंटीमेंट्स पर पड़ा है। निवेशक जोखिम भरे निवेश से बचने की कोशिश कर रहे हैं और कई विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसे निकालते हुए दिखाई दे रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार दोनों पर पड़ सकता है। यही वजह है कि बाजार में फिलहाल उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

एशियाई बाजारों में कमजोरी

सोमवार को एशिया के ज्यादातर शेयर बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट देखने को मिली। निवेशकों को चिंता है कि ऊर्जा की बढ़ती कीमतें महंगाई को बढ़ा सकती हैं और इससे वैश्विक आर्थिक वृद्धि पर असर पड़ सकता है।

जापान का प्रमुख इंडेक्स Nikkei 225 करीब 0.73 प्रतिशत गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। वहीं दक्षिण कोरिया का Kospi इंडेक्स भी लगभग 0.20 प्रतिशत नीचे ट्रेड करता दिखाई दिया।

एशियाई बाजारों की कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला, जिसके कारण बाजार की शुरुआत सतर्क माहौल में हुई।

अमेरिकी बाजारों का हाल

पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी शेयर बाजारों में भी दबाव देखने को मिला था। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने निवेशकों की धारणा को कमजोर किया।

अमेरिका का प्रमुख इंडेक्स S&P 500 लगभग 0.61 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं Dow Jones Industrial Average करीब 0.26 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।

अमेरिकी बाजारों की यह कमजोरी वैश्विक निवेशकों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है और इसका असर एशियाई बाजारों के साथ-साथ भारतीय बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी एक बड़ी चिंता बनकर सामने आई है। इसका प्रमुख कारण Strait of Hormuz का बंद होना बताया जा रहा है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है।

इस मार्ग के बंद होने से तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। एशियाई कारोबार में Brent crude का मई वायदा अनुबंध करीब 0.50 प्रतिशत बढ़कर लगभग 103.75 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड करता दिखाई दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के प्रमुख तेल केंद्र खारग द्वीप पर एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो इससे मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ सकता है और तेल की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।

तेल की कीमतों में यह बढ़ोतरी भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों के लिए चिंता का विषय बन सकती है क्योंकि इससे महंगाई और व्यापार घाटे पर असर पड़ सकता है।

आज खुला GSP Crop Science IPO

सोमवार को निवेशकों के लिए एक और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। एग्रोकेमिकल क्षेत्र की कंपनी GSP Crop Science का IPO आज यानी 16 मार्च से निवेश के लिए खुल गया है। कंपनी ने इस इश्यू का प्राइस बैंड 304 रुपये से 320 रुपये प्रति शेयर तय किया है। निवेशक इस IPO में 18 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं।

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