शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रह सकती है। Gift Nifty में गिरावट दिख रही है। ITC, Vedanta, Tata Motors, Paytm और Adani Power सहित कई शेयर तिमाही नतीजों के कारण निवेशकों के रडार पर रहेंगे।
Stocks to Watch: शुक्रवार 30 जनवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रुख के साथ हो सकती है। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं, जिसका सीधा असर घरेलू सेंटीमेंट पर दिख रहा है। सुबह 8:30 बजे गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) फ्यूचर्स करीब 130 अंकों की गिरावट के साथ 25,386 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
यह संकेत देता है कि बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी-50 (Nifty-50) की शुरुआत दबाव में हो सकती है। ऐसे माहौल में निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए जरूरी है कि वे उन शेयरों पर खास नजर रखें, जहां तिमाही नतीजे, कॉर्पोरेट अपडेट या सेक्टर से जुड़ी बड़ी खबरें आई हैं।
Q3Results: आज नतीजे जारी करने वाली कंपनियां
शुक्रवार को कई अहम कंपनियां अपने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी करने वाली हैं। इनमें पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया, टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन, वेलस्पन कॉर्प, रिलायंस पावर, रिलैक्सो फुटवेयर्स, त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज, स्ट्राइड्स फार्मा साइंस, सुब्रॉस, रतनइंडिया पावर, सीमैेक, टूरिज्म फाइनेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, पीएसपी प्रोजेक्ट्स, विंडसर मशीनें, स्टीलकास्ट, सर्वोटेक रिन्यूएबल पावर सिस्टम, सेंट-गोबैन सेक्यूरिट, स्कोडा ट्यूब्स, योगी, यूनाइटेड फूडब्रांड्स, ट्रांसइंडिया रियल एस्टेट, प्रदीप मेटल्स, सुदिदित इंडस्ट्रीज और सिकैजन इंडिया शामिल हैं।
इन कंपनियों के नतीजों का असर संबंधित सेक्टर के शेयरों पर दिख सकता है। खासतौर पर पावर, स्टील, इंफ्रास्ट्रक्चर और कंज्यूमर से जुड़े शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।
ITC: तिमाही नतीजों में स्थिरता का संकेत
एफएमसीजी और सिगरेट से लेकर होटल और पैकेज्ड फूड कारोबार करने वाली आईटीसी (ITC) ने दिसंबर तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं। वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 4,931.19 करोड़ रुपये रहा। यह आंकड़ा पिछले साल की समान तिमाही के 4,934.80 करोड़ रुपये के करीब है।
कंपनी के मुनाफे पर नई श्रम संहिता (New Labour Code) के लागू होने से जुड़े एक बार के प्रावधान और वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही के असाधारण मदों का असर देखने को मिला। हालांकि, मुख्य कारोबार से मिलने वाली स्थिर आय यह दिखाती है कि आईटीसी का बिजनेस मॉडल अभी भी मजबूत बना हुआ है।
Vedanta: मुनाफे में मजबूत उछाल
खनन और मेटल सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांता (Vedanta) ने तीसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। वित्त वर्ष 2025-26 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कंपनी का एकीकृत शुद्ध मुनाफा 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 7,807 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह आंकड़ा 4,876 करोड़ रुपये था।
इस दौरान कंपनी की एकीकृत परिचालन आय बढ़कर 45,899 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले 38,526 करोड़ रुपये थी। मजबूत कमोडिटी प्राइस और बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी ने कंपनी के नतीजों को सपोर्ट किया।
TataMotors: एकमुश्त खर्चों का असर
टाटा मोटर्स (Tata Motors) के वाणिज्यिक वाहन (Commercial Vehicle) कारोबार के नतीजों पर एकमुश्त खर्चों का साफ असर देखने को मिला। दिसंबर तिमाही में कंपनी के सीवी बिजनेस का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 48 प्रतिशत घटकर 705 करोड़ रुपये रह गया।
हालांकि, कर पूर्व लाभ (PBT) 65 प्रतिशत बढ़कर 2,568 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने बताया कि नए लेबर कोड से जुड़े 603 करोड़ रुपये, डीमर्जर खर्च 962 करोड़ रुपये और अधिग्रहण लागत 82 करोड़ रुपये जैसे एक बार के खर्चों ने मुनाफे को प्रभावित किया। इस तिमाही में राजस्व 16.1 प्रतिशत बढ़कर 21,847 करोड़ रुपये रहा।
Paytm: मुनाफे की राह पर वापसी
डिजिटल पेमेंट और फिनटेक सेक्टर की प्रमुख कंपनी पेटीएम (Paytm) को संचालित करने वाली वन97 कम्युनिकेशंस ने तीसरी तिमाही में मुनाफा दर्ज किया है। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 225 करोड़ रुपये रहा।
पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 208 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इससे पहले सितंबर तिमाही में भी कंपनी ने 21 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। यह संकेत देता है कि पेटीएम की फाइनेंशियल स्थिति धीरे-धीरे मजबूत हो रही है।
AdaniPower: एकमुश्त आय की कमी
अदाणी पावर (Adani Power) के लिए तीसरी तिमाही थोड़ी कमजोर रही। वित्त वर्ष 2025-26 की दिसंबर तिमाही में कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ 15 प्रतिशत से ज्यादा घटकर 2,488 करोड़ रुपये रह गया।
कंपनी ने बताया कि पिछली अवधि में मिली एकमुश्त आय (One-time Income) की कमी के कारण मुनाफे में गिरावट आई है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 2,940 करोड़ रुपये था।
DaburIndia: एफएमसीजी में स्थिर ग्रोथ
डाबर इंडिया (Dabur India) ने दिसंबर तिमाही में संतुलित प्रदर्शन किया है। वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में कंपनी का एकीकृत शुद्ध मुनाफा 7.32 प्रतिशत बढ़कर 553.61 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी के अनुसार, विभिन्न सेगमेंट में अच्छे प्रदर्शन के चलते मुनाफे में यह बढ़ोतरी संभव हो पाई। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 515.82 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया था।
ColgatePalmolive: मुनाफा स्थिर
ओरल केयर सेगमेंट की प्रमुख कंपनी कोलगेट पामोलिव इंडिया (Colgate Palmolive India) का दिसंबर तिमाही में शुद्ध मुनाफा लगभग स्थिर रहा। कंपनी ने 323.9 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया।
हालांकि, इस दौरान कंपनी की आय बढ़कर 1,486.1 करोड़ रुपये हो गई, जो सालाना आधार पर 1.7 प्रतिशत ज्यादा है। नियामकीय बदलावों का असर मुनाफे पर देखने को मिला।
REC: खर्च बढ़ने का दबाव
आरईसी (REC) ने बताया कि वित्त वर्ष 2026 की दिसंबर तिमाही में उसका समेकित शुद्ध मुनाफा 0.58 प्रतिशत की हल्की गिरावट के साथ 4,052.44 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के कुल खर्च इस तिमाही में बढ़कर 9,903.89 करोड़ रुपये हो गए, जिससे मुनाफे पर दबाव बना।
KPIT: लेबर कोड का असर
आईटी सर्विसेज कंपनी केपीआईटी (KPIT) का शुद्ध मुनाफा तीसरी तिमाही में 29 प्रतिशत घटकर 133 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 187 करोड़ रुपये था। कंपनी ने बताया कि नए लेबर कोड के लिए 60 करोड़ रुपये के प्रावधान के कारण मुनाफे में यह गिरावट आई है।
GilletteIndia: मजबूत वृद्धि
जिलेट इंडिया (Gillette India) ने दिसंबर तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 36.9 प्रतिशत बढ़कर 172.46 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान ऑपरेशंस से होने वाली आय 15.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 790 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।










