छात्रा की राहुल गांधी से गुहार- ‘मुझे न्याय दिलाइए’, पिता पर हमले के आरोपी पर कार्रवाई की मांग

निशु आजाद ने पिता पर कथित हमले के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। राहुल गांधी ने समर्थन दिया, जबकि दिल्ली पुलिस ने मामले में FIR और जांच की जानकारी दी।

निशु आजाद ने जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान पिता संजय कुमार पर कथित हमले के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए राहुल गांधी से मदद मांगी। राहुल ने समर्थन दिया, जबकि दिल्ली पुलिस ने FIR, पूछताछ और चार्जशीट की जानकारी दी।

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर अपने पिता संजय कुमार पर कथित हमले को लेकर छात्रा निशु आजाद ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मदद मांगी है। निशु का आरोप है कि हमले के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ पुलिस प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है। राहुल गांधी ने निशु को समर्थन देते हुए कहा कि न्याय मिलने तक वे उनके साथ खड़े रहेंगे। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने घटना को लेकर अलग तथ्य बताए हैं और कहा है कि संजय कुमार को मामूली चोट लगी थी।

निशु ने वीडियो जारी कर राहुल गांधी से मांगी मदद

निशु आजाद ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपने पिता पर हुए कथित हमले के मामले में न्याय की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के दौरान उनके पिता संजय कुमार के सिर पर चोट लगी थी और इस मामले में पुलिस ने अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं की है।

निशु के मुताबिक, उन्होंने घटना के समय ही आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर भरोसा खत्म होने की बात कहते हुए राहुल गांधी से हस्तक्षेप की अपील की।

निशु ने कहा कि अब उन्हें राहुल गांधी से उम्मीद है कि वे इस मामले में न्याय दिलाने में मदद कर सकते हैं। उनका कहना है कि अगर किसी व्यक्ति को कानून का डर नहीं है और वह कथित गलती को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने के बावजूद खुलेआम घूम रहा है, तो यह गंभीर सवाल खड़ा करता है।

स्वतंत्र भारद्वाज के वायरल वीडियो का हवाला

निशु ने अपनी अपील में सोशल मीडिया पर वायरल एक पॉडकास्ट क्लिप का भी हवाला दिया। उनके अनुसार, इस वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज कथित तौर पर यह कहते नजर आ रहे हैं कि उन्होंने ही उनके पिता संजय कुमार के सिर पर हमला किया था।

निशु का दावा है कि हमले के बाद उनके पिता को गंभीर चोट लगी और उन्हें 60 टांके लगाने पड़े। उन्होंने आरोपी के खिलाफ भारतीय कानून की धारा 307 के तहत कार्रवाई की मांग भी की।

हालांकि, वायरल वीडियो में किए गए दावों और चोट की गंभीरता को लेकर पुलिस का पक्ष अलग है। इसलिए मामले में सामने आए आरोपों और पुलिस के आधिकारिक बयान को अलग-अलग देखना जरूरी है।

राहुल गांधी ने दिया समर्थन

निशु की अपील के कुछ घंटे बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने निशु के समर्थन में कहा कि वे उनके साथ खड़े हैं और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखेंगे।

राहुल गांधी ने निशु को छात्रों और उनके समुदाय के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाली छात्रा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

राहुल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी आरोपी को बचाने का आरोप लगाया और सवाल उठाया कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई कब होगी। हालांकि, ये राहुल गांधी द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं और इनके संबंध में संबंधित पक्ष का जवाब अलग हो सकता है।

राहुल के समर्थन के बाद निशु ने कहा कि उनका भरोसा बढ़ा है। उन्हें उम्मीद है कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होगी और आरोपी को कानून के मुताबिक सजा मिलेगी।

दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?

मामले पर दिल्ली पुलिस का बयान आरोपों से अलग तस्वीर पेश करता है। दिल्ली के DCP के अनुसार, 23 जून को जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान हाथापाई हुई थी। इस दौरान गाजियाबाद निवासी संजय कुमार के सिर में चोट लगी थी।

पुलिस के मुताबिक, संजय कुमार के सिर पर एक आरोपी के हाथ में पहने कड़े से चोट लगी। उन्हें RML अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चोट को मामूली बताया।

पुलिस ने सिर फूटने और गंभीर चोट से जुड़ी कुछ खबरों को अफवाह बताया है। पुलिस के अनुसार, संजय कुमार के बयान के आधार पर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में मामला दर्ज किया गया था।

जांच के दौरान सूरज कुमार और स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस ने दोनों को कानूनी नोटिस भी दिया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी होने के बाद जल्द ही अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले भी राहुल ने उठाई थी आवाज

यह विवाद CJP के लंबे प्रदर्शन से जुड़ा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर संगठन का धरना 20 जून से 25 जुलाई तक चला। कुल 36 दिनों तक चले इस प्रदर्शन में छात्रों, अभिभावकों और युवाओं ने हिस्सा लिया।

प्रदर्शन के दौरान पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी आंदोलन में शामिल हुए और भूख हड़ताल पर बैठे। प्रदर्शनकारियों की ओर से शिक्षा और छात्रों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया था।

20 जुलाई को CJP ने संसद मार्च का आयोजन किया था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी और छात्रों पर लाठीचार्ज किए जाने की बात सामने आई।

25 जुलाई को तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने अपना धरना समाप्त करने की घोषणा की थी।

राहुल गांधी ने दो बार प्रदर्शनकारियों के मुद्दे उठाए

जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों के साथ कम से कम दो बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इन मौकों पर उन्होंने छात्रों के कथित उत्पीड़न और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया।

5 अगस्त को राहुल गांधी अपने साथ चार प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं को मीडिया के सामने लेकर आए थे। एक छात्रा ने दावा किया था कि भारत माता की जय बोलने पर प्रदर्शनकारियों को देशद्रोही कहा गया और शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ने के दौरान पुलिस अधिकारी ने उनके शरीर के ऊपरी हिस्से पर प्रहार किया।

राहुल गांधी ने तब कहा था कि प्रदर्शनकारियों ने कुछ गलत नहीं किया और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले छात्रों को माफी मांगने की जरूरत नहीं है।

24 जुलाई को राहुल गांधी ने 10 जनपथ पर एक घायल छात्र के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने छात्र की टी-शर्ट उठाकर हाथ, पीठ और छाती पर मौजूद चोटों को दिखाया था। राहुल ने दावा किया था कि छात्र तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा था और इसी दौरान पैलेट गन से घायल हुआ।

मामले में अब आगे क्या होगा?

निशु आजाद की राहुल गांधी से अपील के बाद यह मामला राजनीतिक और सार्वजनिक बहस के केंद्र में आ गया है। एक ओर निशु और उनके समर्थक आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि मामले में FIR दर्ज की जा चुकी है, आरोपियों से पूछताछ हुई है और चार्जशीट जल्द अदालत में दाखिल की जाएगी।

अब इस मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच और अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगी। वायरल वीडियो में किए गए दावे, मेडिकल रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और पुलिस जांच के निष्कर्ष मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

फिलहाल, निशु आजाद को राहुल गांधी का सार्वजनिक समर्थन मिल चुका है। वहीं पुलिस ने अपने बयान में कार्रवाई की प्रक्रिया जारी होने की बात कही है। ऐसे में विवाद के राजनीतिक आरोपों से अलग, मामले का अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

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