हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र खट्टे-मीठे अनुभवों के साथ संपन्न हो गया। 10 बैठकों तक चले इस सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही कुल 45 घंटे 30 मिनट चली, जबकि सदन की उत्पादकता 91 प्रतिशत रही।
Himachal Pradesh Assembly Monsoon Session: हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र समाप्त हो गया है। करीब 10 बैठकों तक चले इस सत्र में सदन की कार्यवाही कुल 45 घंटे 30 मिनट चली। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया के अनुसार, इस दौरान सदन की उत्पादकता 91 प्रतिशत रही। सत्र में जनहित से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई और सरकार ने सात विधेयक पारित कराए।
मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस भी देखने को मिली। हालांकि, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच विधानसभा ने अपने विधायी और संसदीय कामकाज को जारी रखा। बेरोजगारी, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जनसरोकार से जुड़े विषयों को सदस्यों ने सदन में उठाया।
10 बैठकों में 45 घंटे से ज्यादा चला सदन
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सत्र के समापन पर सदन की कार्यवाही से जुड़े आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि 10 बैठकों के दौरान विधानसभा में कुल 514 तारांकित और 272 अतारांकित प्रश्न पूछे गए। सदस्यों की ओर से पूछे गए इन सवालों के जरिए अलग-अलग विभागों और सरकार की नीतियों से संबंधित मुद्दों पर जानकारी मांगी गई। इसके अलावा सदन में विभिन्न संसदीय नियमों के तहत चर्चा भी हुई।
सत्र के दौरान नियम-62 के तहत 14 विषय, नियम-101 के तहत पांच प्रस्ताव और नियम-130 के तहत दो विषय चर्चा के लिए लाए गए। वहीं नियम-324 के तहत 11 विषय सदन के सामने रखे गए। विधानसभा में कुल 44 प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किए गए। शून्यकाल के दौरान विधायकों ने 34 अलग-अलग मुद्दे उठाए। इन आंकड़ों से पता चलता है कि मानसून सत्र के दौरान प्रश्नों और चर्चाओं के जरिए सरकार से विभिन्न मुद्दों पर जवाब मांगा गया।
सात विधेयक हुए पारित
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में कुल सात विधेयक पारित किए गए। विधेयकों पर सदन में चर्चा के बाद उन्हें विधायी प्रक्रिया के तहत मंजूरी दी गई। विधानसभा अध्यक्ष ने सत्र के कामकाज को महत्वपूर्ण बताते हुए सदस्यों की भागीदारी का भी उल्लेख किया। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान प्रदेश से जुड़े नीतिगत और प्रशासनिक विषयों पर चर्चा हुई।
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विधायकों के वाहनों के लिए विशेष फ्लैग
सत्र के आखिरी दिन विधानसभा अध्यक्ष ने विधायकों से जुड़ी एक अहम घोषणा भी की। उन्होंने सभी विधायकों के वाहनों के लिए विशेष फ्लैग उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। अध्यक्ष के मुताबिक, हाल ही में निर्वाचित कुछ विधायकों को सार्वजनिक स्थानों पर अपनी पहचान बताने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसी समस्या को देखते हुए वाहनों पर विशेष फ्लैग लगाने का फैसला लिया गया है। इसका उद्देश्य विधायकों के वाहनों की पहचान को आसान बनाना है।
विपक्ष ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
मानसून सत्र के दौरान विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आरोप लगाया कि विधानसभा में विपक्ष की आवाज को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष ने जनता से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से सदन में उठाया, लेकिन सरकार की ओर से कई मामलों में संतोषजनक जवाब नहीं मिला। ठाकुर ने स्वास्थ्य व्यवस्था और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की बात कही।
उन्होंने सत्र के शुरुआती दिनों में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान से जुड़े विवाद का भी उल्लेख किया। विपक्ष के नेता के मुताबिक, इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री की ओर से लगाए गए आरोप बाद में उपलब्ध रिकॉर्डिंग के सामने आने के बाद स्पष्ट हुए।
सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच दिखा टकराव
हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर मतभेद सामने आए। जहां विपक्ष ने सरकार की नीतियों और कामकाज पर सवाल उठाए, वहीं सत्ता पक्ष ने अपने फैसलों और योजनाओं का बचाव किया। सत्र के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और अन्य सार्वजनिक मुद्दों पर बहस ने राजनीतिक माहौल को गर्म रखा। इसके बावजूद सदन ने अपना निर्धारित विधायी काम पूरा किया और सात विधेयकों को पारित किया।









