तमिलनाडु CM विजय की पत्नी संगीता ने वापस ली तलाक याचिका

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की पत्नी संगीता ने चेंगलपट्टू अदालत से अपनी तलाक याचिका वापस ले ली। अदालत ने मामला बंद किया, आरोपों पर कोई फैसला नहीं दिया।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की पत्नी संगीता ने चेंगलपट्टू अदालत में दायर अपनी तलाक याचिका वापस ले ली। अदालत ने याचिका को वापस लिया हुआ मानते हुए मामला बंद कर दिया। आरोपों पर अदालत ने कोई निर्णय या टिप्पणी नहीं की।

चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पत्नी संगीता ने अपनी तलाक याचिका वापस ले ली है। इसके साथ ही चेंगलपट्टू की अदालत ने मामले का निपटारा करते हुए कानूनी कार्यवाही समाप्त कर दी। अदालत में याचिका वापस लेने के फैसले के बाद यह मामला, जो पिछले कई महीनों से राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा का विषय बना हुआ था, नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालती सूत्रों के अनुसार, सुनवाई के दौरान संगीता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश हुईं और उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अब अपनी तलाक याचिका को आगे नहीं बढ़ाना चाहतीं। इसके बाद अदालत ने याचिका को वापस लिया हुआ मानते हुए मामला बंद कर दिया।

फरवरी 2026 में दायर की गई थी तलाक याचिका

संगीता ने वर्ष 2026 की शुरुआत में विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के तहत चेंगलपट्टू अदालत में विवाह विच्छेद की याचिका दायर की थी। इस मामले की सुनवाई पहले भी कई बार हुई और जून में अदालत ने अगली सुनवाई के लिए अगस्त की तारीख तय की थी। अब याचिका वापस लेने के बाद तलाक से जुड़ी पूरी न्यायिक प्रक्रिया समाप्त हो गई है। अदालत ने इस मामले में किसी भी आरोप या दावे पर कोई निर्णय नहीं दिया, क्योंकि याचिका वापस लेने के साथ ही सुनवाई समाप्त हो गई।

याचिका में लगाए गए थे कई आरोप

तलाक याचिका में वैवाहिक संबंधों के टूटने से जुड़े कई आरोप लगाए गए थे। इनमें मानसिक प्रताड़ना, उपेक्षा और वैवाहिक संबंधों के बिगड़ने जैसी बातें शामिल थीं। याचिका में कुछ अन्य व्यक्तिगत आरोप भी दर्ज किए गए थे। हालांकि, इन आरोपों की अदालत में अंतिम सुनवाई या न्यायिक पुष्टि नहीं हुई। याचिका वापस लिए जाने के कारण अदालत ने इन आरोपों की सत्यता पर कोई टिप्पणी नहीं की और न ही किसी पक्ष को दोषी ठहराया।

लंबे समय से चल रही थीं अटकलें

पिछले कुछ वर्षों से विजय और संगीता के सार्वजनिक जीवन को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। राजनीतिक कार्यक्रमों और सार्वजनिक आयोजनों में संगीता की अनुपस्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर विभिन्न तरह की चर्चाएं होती रही थीं। हालांकि, दोनों पक्षों ने लंबे समय तक इन अटकलों पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। बाद में जब अदालत में तलाक याचिका दायर हुई, तभी इस मामले की आधिकारिक जानकारी सामने आई। अब याचिका वापस लेने के बाद माना जा रहा है कि कानूनी विवाद समाप्त हो गया है, हालांकि परिवार की ओर से इस फैसले के पीछे की वजह पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।

अदालत ने नहीं की आरोपों पर कोई टिप्पणी

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि जब कोई पक्ष अपनी याचिका वापस ले लेता है तो अदालत सामान्यतः मामले का निपटारा कर देती है। ऐसी स्थिति में याचिका में लगाए गए आरोपों पर अदालत कोई निर्णय नहीं देती। इसी कारण इस मामले में भी अदालत ने केवल याचिका वापस लेने के आधार पर कार्यवाही समाप्त की है। इसका अर्थ यह नहीं है कि याचिका में लगाए गए आरोप सिद्ध या असिद्ध घोषित हुए हैं।

राजनीतिक गतिविधियों पर नहीं पड़ा असर

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विजय अपनी राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों में लगातार सक्रिय रहे। राज्य सरकार के कार्यक्रमों, बैठकों और सार्वजनिक आयोजनों में उनकी भागीदारी सामान्य रूप से जारी रही। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निजी जीवन से जुड़े मामलों और सार्वजनिक दायित्वों के बीच संतुलन बनाए रखना किसी भी निर्वाचित नेता के लिए महत्वपूर्ण होता है। यही कारण है कि सरकार के कामकाज पर इस कानूनी विवाद का कोई प्रत्यक्ष प्रभाव देखने को नहीं मिला।

परिवार की निजता का सम्मान जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों के निजी मामलों को लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक संयम बरतना आवश्यक होता है। अदालत में दायर किसी भी याचिका के आरोपों को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता, जब तक न्यायिक प्रक्रिया पूरी न हो जाए। याचिका वापस लेने के बाद यह मामला कानूनी रूप से समाप्त हो चुका है। अब भविष्य में यदि किसी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया जाता है, तभी इस मामले में नई जानकारी सामने आएगी।

क्या है आगे की स्थिति?

फिलहाल अदालत द्वारा मामला बंद किए जाने के बाद मुख्यमंत्री विजय और उनकी पत्नी संगीता के बीच तलाक से संबंधित कोई सक्रिय न्यायिक प्रक्रिया नहीं बची है। दोनों पक्षों की ओर से इस फैसले पर विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। ऐसे में मामला फिलहाल यहीं समाप्त माना जा रहा है।

Leave a comment