तरैया में दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। आरोप है कि एक लाख रुपये की मांग को लेकर ससुराल वालों ने गर्भवती महिला के साथ मारपीट की और उसे घर से निकाल दिया। घटना के बाद पीड़िता ने थाने पहुंचकर पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
पीड़िता के अनुसार, उसकी शादी कुछ समय पहले हुई थी। शादी के बाद शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन कुछ ही समय बाद पति और ससुराल के अन्य सदस्य दहेज में एक लाख रुपये लाने का दबाव बनाने लगे। महिला का आरोप है कि मांग पूरी न होने पर उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। वह गर्भवती है, इसके बावजूद उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई।
महिला ने बताया कि हाल ही में ससुराल वालों ने एक बार फिर पैसों की मांग की। जब उसने असमर्थता जताई तो पति ने गाली-गलौज करते हुए उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान ससुराल के अन्य सदस्य भी मौजूद थे और किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की। मारपीट के बाद महिला को घर से बाहर निकाल दिया गया। पीड़िता किसी तरह अपने मायके पहुंची, जहां परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।
घटना की जानकारी मिलते ही मायके पक्ष में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने महिला को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत की जांच की। बताया जा रहा है कि फिलहाल महिला की स्थिति स्थिर है, लेकिन मानसिक रूप से वह काफी परेशान है।
पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने पति सहित ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और मारपीट से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है। आरोपियों से पूछताछ की जाएगी और दोष सिद्ध होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दहेज के लिए गर्भवती महिला के साथ हिंसा करना बेहद अमानवीय है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़िता को न्याय दिलाने के साथ-साथ आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि समाज में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और पीड़िता को कानूनी व चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।









