टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले वीजा विवाद खत्म, आईसीसी ने दी बड़ी राहत

टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले वीजा विवाद खत्म, आईसीसी ने दी बड़ी राहत

T20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले वीजा विवाद खत्म हो गया है। ICC ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तानी मूल के सभी पात्र खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को तय समय पर भारतीय वीजा जारी कर दिया जाएगा।

T20 World Cup 2026: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर लंबे समय से चल रही वीजा की टेंशन अब खत्म होती नजर आ रही है। खास तौर पर पाकिस्तानी मूल (Pakistani-origin) के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को लेकर जो अनिश्चितता बनी हुई थी, उस पर अब इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बड़ा और साफ अपडेट दिया है। आईसीसी ने भरोसा दिलाया है कि सभी पात्र खिलाड़ियों और अधिकारियों को समय रहते भारतीय वीजा मिल जाएगा और टूर्नामेंट की तैयारियों में किसी तरह की बाधा नहीं आएगी।

यह अपडेट ऐसे समय में आया है, जब टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत में ज्यादा वक्त नहीं बचा है और टीमें अपनी अंतिम तैयारियों में जुटी हुई हैं। वीजा से जुड़ी खबरों ने पिछले कुछ दिनों से क्रिकेट जगत में चिंता बढ़ा दी थी, लेकिन अब आईसीसी के बयान के बाद राहत की सांस ली जा रही है।

भारत-श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होगा टूर्नामेंट

आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में किया जाना है। टूर्नामेंट की शुरुआत 7 फरवरी से होगी और इसमें कुल 20 टीमें हिस्सा लेंगी।

पाकिस्तान की टीम अपने सभी मुकाबले श्रीलंका में खेलेगी, लेकिन इसके बावजूद वीजा का मुद्दा इसलिए सामने आया क्योंकि कई पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ी और अधिकारी दूसरी टीमों का हिस्सा हैं। ये खिलाड़ी इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों की टीमों के लिए खेलते हैं और उनके कुछ मैच भारत में निर्धारित हैं। ऐसे में भारत में प्रवेश के लिए वीजा मिलना जरूरी है।

पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों को लेकर क्यों बनी चिंता

पिछले कुछ दिनों से लगातार ऐसी खबरें सामने आ रही थीं कि पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को भारतीय वीजा मिलने में देरी हो रही है। इससे यह आशंका पैदा हो गई थी कि कहीं यह मामला आखिरी समय तक लटक न जाए और खिलाड़ियों की उपलब्धता पर असर न पड़े।

क्रिकेट फैंस के साथ-साथ संबंधित बोर्ड और आईसीसी भी इस स्थिति को लेकर सतर्क हो गए थे। वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में किसी भी खिलाड़ी का बाहर होना न सिर्फ टीम के लिए नुकसानदायक होता है, बल्कि टूर्नामेंट की छवि पर भी असर डाल सकता है।

इंग्लैंड टीम के खिलाड़ियों का नाम आया सामने

इस वीजा विवाद में सबसे पहले इंग्लैंड टीम के कुछ प्रमुख खिलाड़ियों के नाम सामने आए। इंग्लैंड की टी20 वर्ल्ड कप स्क्वाड में शामिल आदिल राशिद, रेहान अहमद और तेज गेंदबाज साकिब महमूद पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ी हैं।

इन खिलाड़ियों को लेकर खबरें आई थीं कि उन्हें भारत का वीजा मिलने में सामान्य से ज्यादा समय लग रहा है। इसके बाद यह साफ हो गया कि यह सिर्फ एक टीम का मामला नहीं है, बल्कि अलग-अलग देशों की टीमों में शामिल पाकिस्तानी मूल के कई खिलाड़ी और अधिकारी इस प्रक्रिया से गुजर रहे हैं।

आईसीसी का बड़ा कदम

वीजा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आईसीसी ने स्थिति को संभालते हुए बड़ा कदम उठाया है। आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तानी मूल के लगभग 42 खिलाड़ियों और अधिकारियों के वीजा से जुड़ी प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के लिए जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इन सभी के लिए वीजा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अगले सप्ताह अपने अंतिम चरण में पहुंच जाएगी। इसके लिए तारीख भी लगभग तय कर ली गई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि अब ज्यादा देरी की संभावना नहीं है।

31 जनवरी तय की गई अंतिम तारीख

आईसीसी की तरफ से यह भी जानकारी दी गई है कि टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए वीजा जारी करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी तय की गई है।

आईसीसी लगातार भारत सरकार और विभिन्न देशों में स्थित भारतीय उच्चायोगों (Indian High Commission) के संपर्क में है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सभी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के वीजा आवेदन बिना किसी अड़चन के समय पर निपटा दिए जाएं।

वीजा मिलने में देरी की असली वजह

अब सवाल यह उठता है कि आखिर वीजा मिलने में इतना समय क्यों लग रहा था। इस पर भी आईसीसी और सूत्रों की तरफ से स्थिति साफ की गई है।

बताया गया है कि पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों और अधिकारियों के वीजा आवेदन की गहन जांच (detailed verification) की जा रही है। सुरक्षा से जुड़े कारणों के चलते यह प्रक्रिया सामान्य वीजा प्रक्रिया की तुलना में अधिक समय लेती है।

यही वजह है कि बाकी खिलाड़ियों के मुकाबले इन आवेदनों पर निर्णय आने में देरी हो रही थी। हालांकि आईसीसी ने यह भी साफ कर दिया है कि यह एक रूटीन प्रक्रिया है और इसमें किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जा रहा है।

खिलाड़ियों और टीम मैनेजमेंट को मिली राहत

आईसीसी के इस अपडेट के बाद अब संबंधित खिलाड़ियों, टीम मैनेजमेंट और क्रिकेट बोर्ड्स को बड़ी राहत मिली है। टूर्नामेंट से ठीक पहले इस तरह की अनिश्चितता खिलाड़ियों के मानसिक दबाव को बढ़ा सकती थी।

अब जबकि वीजा प्रक्रिया के जल्द पूरा होने के संकेत मिल चुके हैं, टीमें पूरी तरह से अपनी रणनीति और तैयारियों पर फोकस कर सकेंगी।

20 टीमों वाला बड़ा टूर्नामेंट

भारत और श्रीलंका की मेजबानी में होने वाला टी20 वर्ल्ड कप 2026 बेहद खास होने वाला है। इसमें दुनिया की कुल 20 टीमें हिस्सा लेंगी और मुकाबले हाई वोल्टेज होने की उम्मीद है।

भारत में खेले जाने वाले मैचों को लेकर पहले से ही जबरदस्त उत्साह है। ऐसे में सभी प्रमुख खिलाड़ियों की उपलब्धता टूर्नामेंट की सफलता के लिए बेहद जरूरी मानी जा रही है।

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