ईरान में हिंसक प्रदर्शनों ने गंभीर रूप ले लिया है। हजारों लोगों की मौत और गिरफ्तारियों के बीच ट्रंप ने सत्ता परिवर्तन की धमकी दी है, जबकि खामेनेई ने अमेरिका को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
Iran Protest: ईरान इस समय अपने इतिहास के सबसे गंभीर दौर से गुजर रहा है। देश के कई हिस्सों में हालात बेकाबू हो चुके हैं। सड़कों पर हिंसक प्रदर्शन जारी हैं, सरकारी इमारतों और सार्वजनिक संपत्तियों को आग के हवाले किया जा रहा है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन प्रदर्शनों और हिंसा में अब तक 5000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग गिरफ्तार किए गए हैं।
ट्रंप की खुली धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि वह खामेनेई की 37 साल पुरानी सत्ता को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे। उन्होंने दावा किया कि ईरान अब नए नेतृत्व की मांग कर रहा है और मौजूदा शासन देश को पूरी तरह बर्बादी की ओर ले गया है।
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि खामेनेई के नेतृत्व में ईरान भय और दमन के सहारे चलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता बनाए रखने के लिए आम नागरिकों की जान ली जा रही है, जो किसी भी सभ्य शासन की पहचान नहीं हो सकती।
खामेनेई पर तीखा हमला, ‘बीमार व्यक्ति’ बताया
डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई को लेकर बेहद तीखी भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने खामेनेई को “बीमार व्यक्ति” बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में ईरान नरक से भी बदतर हो चुका है। ट्रंप का कहना है कि आज ईरान पूरी दुनिया में सबसे अस्थिर और भयावह जगहों में शामिल हो गया है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि खामेनेई का सबसे “अच्छा फैसला” यही रहा कि उन्होंने 800 से ज्यादा लोगों को फांसी नहीं दी, वरना हालात और भयावह हो सकते थे। उन्होंने ईरानी शासन पर आरोप लगाया कि वह हिंसा और डर के दम पर देश चला रहा है।
ईरान में हिंसा का कहर

ईरान में चल रहे प्रदर्शनों ने अब खतरनाक रूप ले लिया है। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, अब तक 5000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। इनमें बड़ी संख्या आम प्रदर्शनकारियों की है, जबकि 200 से अधिक सुरक्षाकर्मी और सरकारी कर्मचारी भी मारे गए हैं।
तेहरान सहित कई बड़े शहरों में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। मुर्दाघरों के बाहर लाशों की कतारें लगी हुई हैं। कई इलाकों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन के तमाम प्रयासों के बावजूद हालात पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है।
हजारों गिरफ्तार
ईरान में सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए 10 हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, अब तक गिरफ्तार लोगों की सटीक संख्या सार्वजनिक नहीं की गई है। कई मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि असली आंकड़े इससे कहीं ज्यादा हो सकते हैं।
गिरफ्तार किए गए लोगों में छात्र, महिलाएं, मजदूर और आम नागरिक शामिल हैं। आरोप है कि कई जगहों पर बिना किसी ठोस वजह के लोगों को हिरासत में लिया गया है।
खामेनेई का पलटवार
डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने भी कड़ा पलटवार किया है। खामेनेई ने कहा कि ईरान में हो रही हिंसा और मौतों के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप जिम्मेदार हैं।
खामेनेई ने ट्रंप को अपराधी करार देते हुए आरोप लगाया कि अमेरिका ईरान में साजिशें रच रहा है और देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि ईरानी नेतृत्व ने विदेशी साजिशों की कमर तोड़ दी है और देश अपनी संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा।
1979 की क्रांति से भी ज्यादा मौतें
मानवाधिकार संगठन HRANA की रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा हिंसा में मरने वालों की संख्या 1979 की इस्लामिक क्रांति के दौरान हुई मौतों से भी ज्यादा हो चुकी है। यह आंकड़ा ईरान के इतिहास में एक बेहद गंभीर और चिंताजनक स्थिति को दर्शाता है।










