तेजस्वी यादव के मार्च को लेकर बीजेपी ने सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक स्टंट करार दिया है। बीजेपी का कहना है कि यह मार्च जनता के मुद्दों से ज्यादा तेजस्वी यादव के राजनीतिक करियर को बचाने के लिए आयोजित किया गया है।
पटना: बिहार की राजनीति में बुधवार को एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव छात्र मुद्दों को लेकर लोकभवन मार्च करने जा रहे हैं। इस मार्च को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। तेजस्वी यादव ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर आशंका जताई है, जबकि बीजेपी ने उनके आंदोलन को राजनीतिक दिखावा करार दिया है।
छात्र आंदोलन के समर्थन में मार्च
तेजस्वी यादव का यह मार्च छात्रों से जुड़े मुद्दों और हाल के दिनों में हुए छात्र आंदोलनों में पुलिस की कार्रवाई के विरोध में आयोजित किया जा रहा है। RJD की ओर से बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं के मार्च में शामिल होने का दावा किया गया है। तेजस्वी यादव ने कहा है कि सरकार को छात्रों की आवाज सुननी चाहिए और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
मार्च से पहले तेजस्वी यादव ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई को लेकर चिंता भी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि कई छात्रों को पहले ही हिरासत में लिया जा चुका है। साथ ही उन्होंने आशंका जताई कि बुधवार को मार्च में शामिल होने के लिए पटना पहुंचने वाले युवाओं को ट्रेनों में सवार होने से रोका जा सकता है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि आंदोलनकारियों का हौसला कम नहीं हुआ है। हालांकि, उन्हें आशंका है कि पुलिस की ओर से अत्यधिक बल प्रयोग किया जा सकता है। उन्होंने हाल के दिनों में छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई का भी हवाला दिया।
गिरिराज सिंह ने तेजस्वी पर बोला हमला

तेजस्वी यादव के मार्च को लेकर केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह ने तीखा हमला बोला। उन्होंने तेजस्वी यादव की राजनीतिक सक्रियता और आंदोलन के उद्देश्य पर सवाल उठाए। गिरिराज सिंह ने कहा कि तेजस्वी यादव को विपक्ष के नेता के रूप में छात्रों और आम लोगों के बीच लगातार मौजूद रहना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्हें क्षेत्र में लगातार पदयात्रा और जनसंपर्क करना चाहिए था, तब वह विदेश यात्रा पर थे।
केंद्रीय मंत्री ने मार्च को दिखावटी राजनीतिक गतिविधि बताते हुए कहा कि इसमें न तो पर्याप्त छात्र नजर आ रहे हैं और न ही कोई वास्तविक आंदोलन है। उन्होंने तेजस्वी यादव पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि "एक चोर चोरी के खिलाफ बोल रहा है।"
मार्च से पहले बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
तेजस्वी यादव के लोकभवन मार्च ने बिहार में सियासी तापमान बढ़ा दिया है। RJD इसे छात्रों और युवाओं की आवाज से जोड़कर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है, वहीं बीजेपी इसे तेजस्वी यादव के राजनीतिक भविष्य को बचाने की कवायद बता रही है। मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था और पुलिस की भूमिका पर भी नजर रहेगी। तेजस्वी यादव पहले ही अत्यधिक बल प्रयोग की आशंका जता चुके हैं। ऐसे में प्रशासन के लिए प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती हो सकती है।












