तेलंगाना विधानसभा में स्पीकर गद्दम प्रसाद अपनी दिवंगत मां पर BRS MLC टाटा मधु की कथित टिप्पणी के मुद्दे पर भावुक होकर रो पड़े। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने घटना की निंदा की, जबकि सैफाबाद पुलिस ने टाटा मधु को गिरफ्तार किया।
हैदराबाद: तेलंगाना विधानसभा के स्पीकर गद्दम प्रसाद मंगलवार को सदन में भावुक होकर रो पड़े। मामला BRS के MLC टाटा मधु की ओर से स्पीकर की दिवंगत मां के बारे में कथित रूप से की गई अपमानजनक टिप्पणी से जुड़ा है। मंत्री सीताक्का ने सदन में इन टिप्पणियों की निंदा की। विवाद के बीच मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने घटना को तेलंगाना के लिए ‘काला दिन’ बताते हुए कहा कि यह राज्य के करीब 4 करोड़ लोगों का अपमान है। वहीं, टाटा मधु ने कथित टिप्पणी करने से इनकार किया है। बाद में सैफाबाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
मां पर टिप्पणी का जिक्र होते ही भावुक हुए स्पीकर
विधानसभा में मंत्री सीताक्का ने MLC टाटा मधु की कथित टिप्पणियों का विरोध किया। इस दौरान सीताक्का की आंखों में आंसू आ गए। स्पीकर गद्दम प्रसाद ने कहा कि यह देखकर उन्हें काफी दुख हुआ और अनजाने में उनकी आंखों से भी आंसू निकल आए।
स्पीकर ने कहा कि टाटा मधु की टिप्पणियां दुखद हैं। उन्होंने सीताक्का के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों का भी उल्लेख किया। प्रसाद ने कहा कि सीताक्का पिछले पांच वर्षों से उन्हें राखी बांध रही हैं।
गद्दम प्रसाद ने कहा कि विधानसभा में टाटा मधु की टिप्पणियों को लेकर प्रस्ताव पारित किया जाएगा और इसे विधान परिषद को भेजा जाएगा।
रेवंत रेड्डी ने कहा- यह तेलंगाना के लिए काला दिन
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने विधानसभा में स्पीकर के अपमान की निंदा की। उन्होंने कहा कि यह तेलंगाना के लिए ‘काला दिन’ है और राज्य के 4 करोड़ लोगों का अपमान है।
रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया कि भारत राष्ट्र समिति (BRS) लेजिस्लचर पार्टी की बैठक के दौरान उसके नेताओं ने संबंधित नेता को इस तरह का व्यवहार करने के लिए उकसाया और विधानसभा में भेजा। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि विधानसभा परिसर में पुलिस व्यवस्था पर हमला किया गया और इसके बाद स्पीकर के खिलाफ अनुचित भाषा का इस्तेमाल किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पीकर का पद विधानसभा के सभी सदस्यों के बराबर है। उनके मुताबिक, किसी स्पीकर के पद पर पहुंचने के बाद उन्हें सदन के सभी सदस्यों के समान सम्मान मिलना चाहिए।
रेवंत रेड्डी ने कहा कि इस घटना को दलितों और आदिवासियों के अपमान के तौर पर देखा जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने इसे केवल किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं रखते हुए पूरे समाज का अपमान बताया।
कांग्रेस ने लगाए आरोप, टाटा मधु ने किया इनकार
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि BRS MLC टाटा मधु ने संवैधानिक पद पर बैठे दलित नेता गद्दम प्रसाद के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। पार्टी ने इस कथित टिप्पणी की निंदा की और इसे विधानसभा की गरिमा से जोड़कर देखा।
दूसरी ओर, टाटा मधु ने कथित तौर पर ऐसी कोई टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने स्पीकर की दिवंगत मां के बारे में अपमानजनक बयान नहीं दिया।
आरोप और इनकार के बीच विधानसभा में दोनों दलों के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ गया। सत्तारूढ़ कांग्रेस ने जहां कथित टिप्पणी को गंभीर मुद्दा बताया, वहीं BRS ने आरोपों को स्वीकार नहीं किया।
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सैफाबाद पुलिस ने टाटा मधु को गिरफ्तार किया
विवाद बढ़ने के बाद BRS MLC टाटा मधु को मंगलवार को सैफाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक विवाद और तेज हो गया। BRS की ओर से विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया गया।
विधानसभा परिसर के बाहर बड़ी संख्या में BRS कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के जुटने से यातायात प्रभावित हुआ। विरोध प्रदर्शन के दौरान करीब 30 से 40 मिनट तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही।
प्रदर्शन के दौरान BRS नेताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। सामने आई तस्वीरों में पुलिसकर्मी BRS नेताओं को पीछे हटाते हुए दिखाई दिए।
BRS प्रदर्शन में कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारे
विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर रहे BRS कार्यकर्ताओं की टी-शर्ट पर कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारे लिखे हुए थे। इनमें “गारंटी लागू करने में कांग्रेस की विफलता” और “1000 दिन का शासन विफल” जैसे संदेश शामिल थे।
BRS ने स्पीकर विवाद के साथ-साथ कांग्रेस सरकार के चुनावी वादों और शासन को लेकर भी सवाल उठाए। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले जनता से किए गए वादों को पूरा नहीं किया है।
KTR का आरोप- 1000 दिन में एक भी वादा पूरा नहीं
BRS के कार्यकारी अध्यक्ष KT रामा राव (KTR) ने विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने लापरवाह और झूठे वादों के आधार पर सत्ता हासिल की और समाज के विभिन्न वर्गों को धोखा दिया।
KTR ने दावा किया कि कांग्रेस ने कुल 420 वादे किए थे और उन्हें 100 दिनों के भीतर लागू करने का भरोसा दिया था। उनके अनुसार, इन वादों को बॉन्ड पेपर पर लिखकर भी जनता के सामने रखा गया था।
BRS नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के 1000 दिन पूरे होने के बावजूद एक भी वादा पूरा नहीं किया गया। उन्होंने सरकार से अपने चुनावी वादों पर जवाब देने की मांग की।
हालांकि, इन आरोपों पर कांग्रेस की ओर से इस घटनाक्रम के संदर्भ में अलग से कोई जवाब सामने नहीं आया है।
विधानसभा में राजनीतिक टकराव बढ़ा
स्पीकर गद्दम प्रसाद के भावुक होने और टाटा मधु की गिरफ्तारी के बाद तेलंगाना की राजनीति में टकराव और बढ़ गया है। एक तरफ कांग्रेस ने कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को विधानसभा और संवैधानिक पद की गरिमा से जोड़ते हुए इसकी निंदा की है। दूसरी तरफ BRS ने टिप्पणी से जुड़े आरोपों को खारिज किया और सरकार पर अपने चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया।
घटना ने विधानसभा के भीतर राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ सदन के बाहर विरोध प्रदर्शन का रूप ले लिया। अब विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर उसे विधान परिषद को भेजने की स्पीकर की घोषणा के बाद इस मामले पर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी BRS के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगातार जारी हैं। स्पीकर के खिलाफ कथित टिप्पणी, MLC की गिरफ्तारी और उसके बाद हुए विरोध प्रदर्शन ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।









