बीसीसीआई सचिव देवाजीत सैकिया ने सोमवार को भारत और जापान के बीच होने वाले ऐतिहासिक टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले को क्रिकेट के वैश्विक विस्तार की दिशा में अहम कदम बताया।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारत और जापान के बीच क्रिकेट संबंधों में सितंबर 2026 में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारत और जापान पहली बार जापानी धरती पर टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में आमने-सामने होंगे। यह मैच 22 सितंबर 2026 को तोचिगी प्रांत के सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव देवजीत सैकिया ने इस मुकाबले को क्रिकेट के वैश्विक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनके मुताबिक, भारत-जापान मुकाबला क्रिकेट को उसके पारंपरिक बाजारों से बाहर नए क्षेत्रों और नए दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश का हिस्सा है।
जापान में पहली बार भिड़ेंगे भारत और जापान
भारत और जापान के बीच होने वाला यह टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला दोनों देशों के लिए कई मायनों में खास है। मैच का आयोजन सुजुकी कप के तहत किया जा रहा है और इसे भारत-जापान राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ से भी जोड़ा गया है। यह मुकाबला जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियाई खेलों से ठीक पहले खेला जाएगा। ऐसे में भारत और जापान के बीच क्रिकेट मुकाबला एशियाई खेलों से पहले क्षेत्र में इस खेल की मौजूदगी को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है।
देवजीत सैकिया ने बताया क्यों खास है मुकाबला
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BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस मुकाबले को क्रिकेट के वैश्विक सफर से जोड़ते हुए कहा कि खेल की अंतरराष्ट्रीय पहुंच ऐसे ही ऐतिहासिक अवसरों से आगे बढ़ती है। उन्होंने कहा कि 22 सितंबर को होने वाला भारत-जापान टी-20 मैच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को जापान तक पहुंचाने, नए दर्शकों से जोड़ने और इस क्षेत्र में क्रिकेट की संभावनाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सैकिया के अनुसार, क्रिकेट के लिए नए बाजारों और क्षेत्रों की तलाश करना जरूरी है। जापान जैसे देश में अंतरराष्ट्रीय मुकाबले का आयोजन खेल को उन दर्शकों तक पहुंचाने का अवसर देता है, जहां क्रिकेट की लोकप्रियता अभी अपने शुरुआती दौर में है।
जय शाह के विजन की भी तारीफ
देवजीत सैकिया ने इस पहल के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के अध्यक्ष जय शाह की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि BCCI सचिव और अब ICC अध्यक्ष के रूप में जय शाह ने क्रिकेट के भविष्य में इसके वैश्विक विस्तार को महत्वपूर्ण स्थान दिया है। सैकिया के मुताबिक, क्रिकेट को केवल उसके पारंपरिक देशों तक सीमित रखने के बजाय नए क्षेत्रों में ले जाना खेल के दीर्घकालिक विकास के लिए जरूरी है। भारत-जापान टी-20 मुकाबला इसी व्यापक विजन का हिस्सा माना जा रहा है।
भारत मजबूत दावेदार, जापान के लिए बड़ा मौका
मौजूदा स्थिति में भारतीय टीम इस मुकाबले में स्पष्ट रूप से मजबूत दावेदार के रूप में उतरेगी। भारत टी-20 विश्व कप का मौजूदा चैंपियन है और टी-20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष टीमों में शामिल है। दूसरी ओर जापान की टीम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अभी अपनी पहचान मजबूत करने के चरण में है और टी-20 रैंकिंग में 41वें स्थान पर है।
भारत की अगुवाई श्रेयस अय्यर करेंगे। टीम में उपकप्तान तिलक वर्मा के अलावा युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं। भारतीय टीम की गहराई और अंतरराष्ट्रीय अनुभव जापान के लिए बड़ी चुनौती पेश कर सकता है। हालांकि जापान के लिए यह मुकाबला केवल जीत या हार तक सीमित नहीं होगा। दुनिया की शीर्ष टीमों में से एक भारत के खिलाफ खेलने का अवसर जापानी क्रिकेट के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता दिखाने का बड़ा मंच होगा।









