ठाणे के ‘मिशन भरारी’ कार्यक्रम के तहत 9500 में से चुने गए 59 ग्रामीण छात्रों को ISRO दौरे का अवसर मिला, जिससे विज्ञान के प्रति रुचि और शैक्षणिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
Thane: Mission Bharari ISRO Visit के तहत महाराष्ट्र के ठाणे जिले से चयनित 59 ग्रामीण छात्रों को ISRO का शैक्षणिक दौरा करने का अवसर मिला है, जिसे 27 अप्रैल 2026 को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह पहल उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ‘ग्रामीण से अंतरिक्ष’ विजन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक सोच, आत्मविश्वास और आधुनिक तकनीक के प्रति जिज्ञासा बढ़ाना है।
चयन प्रक्रिया के जरिए प्रतिभाशाली छात्रों का चुनाव
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महाराष्ट्र के ठाणे जिले से ग्रामीण पृष्ठभूमि के 59 छात्रों को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का दौरा करने का विशेष अवसर दिया गया है। यह पहल उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ‘मिशन भरारी’ कार्यक्रम के तहत शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण छात्रों को विज्ञान और अंतरिक्ष क्षेत्र से जोड़ना है।
इस कार्यक्रम के लिए कक्षा 5वीं से 8वीं तक के छात्रों के बीच बहु-स्तरीय परीक्षा आयोजित की गई। लगभग 9500 छात्रों में से चयन की प्रक्रिया के बाद अंततः 59 विद्यार्थियों को चुना गया, जिनमें अधिकांश मराठी माध्यम और कुछ उर्दू माध्यम के छात्र शामिल हैं।
शैक्षणिक यात्रा के जरिए विज्ञान से जुड़ने का मौका
यह यात्रा केवल एक शैक्षणिक भ्रमण नहीं, बल्कि छात्रों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसके तहत छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान, अनुसंधान प्रक्रियाओं और आधुनिक तकनीकों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा, जिससे उनकी वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम के अनुसार, छात्र तिरुवनंतपुरम में स्थित प्रमुख वैज्ञानिक और पर्यटन स्थलों का दौरा करेंगे। इसमें विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर, थुंबा इक्वेटोरियल रॉकेट लॉन्चिंग स्टेशन और अन्य संस्थानों का भ्रमण शामिल है, जहां उन्हें अंतरिक्ष अनुसंधान से जुड़ी गतिविधियों को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
विशेष सुविधाएं और भविष्य के लिए प्रेरणा
इस यात्रा के दौरान छात्रों के लिए ठहरने, परिवहन और स्वास्थ्य से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्हें फाइव-स्टार स्तर की सुविधाएं, वातानुकूलित बसें और आवश्यक वस्त्र व किट उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि वे बिना किसी बाधा के इस अनुभव का लाभ उठा सकें।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस पहल को ग्रामीण छात्रों के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि यह अवसर उनके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा। यात्रा से लौटने के बाद ये छात्र अपने अनुभव साझा करेंगे, जिससे अन्य विद्यार्थियों में भी विज्ञान और नवाचार के प्रति रुचि विकसित होगी।







