Times Higher Education की एशिया रैंकिंग 2026 में भारत की 128 यूनिवर्सिटीज शामिल हैं, लेकिन टॉप 40 में कोई जगह नहीं मिली। Indian Institute of Science ही टॉप 100 में है, जिसकी रैंक भी गिरी है।
शिक्षा कैरियर: वैश्विक उच्च शिक्षा जगत की प्रतिष्ठित टाइम्स हायर एजुकेशन (THE) ने एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 जारी कर दी है। इस साल की रैंकिंग में भारत सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व करने वाला देश बनकर उभरा है, लेकिन शीर्ष स्थानों पर भारतीय संस्थानों की गैरमौजूदगी ने शिक्षा प्रणाली पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
रैंकिंग में कुल 929 विश्वविद्यालय शामिल हैं, जिनमें से 128 भारत से हैं। इसके बावजूद भारत की कोई भी यूनिवर्सिटी टॉप 40 में जगह नहीं बना पाई है, जो चिंता का विषय माना जा रहा है।
चीन का दबदबा बरकरार, लगातार 8वें साल शीर्ष पर
इस साल भी एशियाई रैंकिंग में चीन का वर्चस्व कायम रहा। त्सिंघुआ यूनिवर्सिटी लगातार आठवें वर्ष पहले स्थान पर रही, जबकि पेकिंग यूनिवर्सिटी दूसरे स्थान पर कायम है।
टॉप 10 में कुल पांच चीनी विश्वविद्यालय शामिल हैं, जो क्षेत्र में उनकी शिक्षा और रिसर्च क्षमता को दर्शाता है। इसके अलावा सिंगापुर और हांगकांग के दो-दो संस्थान भी इस सूची में जगह बनाने में सफल रहे, जबकि जापान की एक यूनिवर्सिटी ने भी शीर्ष 10 में स्थान हासिल किया।
भारत का व्यापक प्रतिनिधित्व, लेकिन शीर्ष में कमी
भारत 128 संस्थानों के साथ इस रैंकिंग में सबसे अधिक प्रतिनिधित्व वाला देश है, जबकि जापान 115 विश्वविद्यालयों के साथ दूसरे स्थान पर है।
हालांकि, यह संख्या गुणवत्ता के लिहाज से शीर्ष स्तर पर नहीं दिखती। टॉप 50 में भारत का सिर्फ एक संस्थान—इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) शामिल है।
IISc को इस साल 65.1 स्कोर के साथ 43वां स्थान मिला है, जो पिछले साल की 38वीं रैंक से पांच स्थान नीचे है। 2024 में यह संस्थान 32वें स्थान पर था, जिससे यह स्पष्ट है कि इसकी रैंकिंग में लगातार गिरावट आई है।

भारतीय संस्थानों की गिरती रैंकिंग
भारतीय विश्वविद्यालयों के प्रदर्शन में गिरावट का ट्रेंड इस साल भी जारी रहा।
आईआईटी इंदौर की रैंकिंग 2025 में 131 से गिरकर 2026 में 141 हो गई है। उल्लेखनीय है कि 2021 में यह संस्थान 78वें स्थान पर था, जिससे इसके प्रदर्शन में स्पष्ट गिरावट दिखाई देती है।
इसके अलावा, टॉप 200 में भारतीय संस्थानों की संख्या भी कम हुई है। 2025 में जहां 14 भारतीय विश्वविद्यालय इस सूची में थे, वहीं 2026 में यह संख्या घटकर 12 रह गई है।
टॉप 200 में नए और बाहर हुए संस्थान
इस साल कुछ प्रमुख भारतीय विश्वविद्यालय टॉप 200 से बाहर हो गए हैं, जिनमें अन्ना यूनिवर्सिटी, महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी, आईआईटी गुवाहाटी, UPES और IIIT हैदराबाद शामिल हैं।
वहीं, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन और दिल्ली विश्वविद्यालय ने टॉप 200 में अपनी जगह बनाई है।
साथ ही, सवीता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड टेक्निकल साइंसेज ने 21 स्थान की छलांग लगाकर 128वीं रैंक हासिल की, जबकि KIIT यूनिवर्सिटी 184 से सुधरकर 169वें स्थान पर पहुंची।
पाकिस्तान के दो विश्वविद्यालय टॉप 150 में
रैंकिंग में कायदे-ए-आजम यूनिवर्सिटी (रैंक 148) और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी (रैंक 150) ने टॉप 150 में जगह बनाई है।
हालांकि, इन दोनों संस्थानों की रैंकिंग में भी गिरावट दर्ज की गई है, जो क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा को और अधिक कड़ा बनाती है।










