तिहाड़ जेल में बंद MP इंजीनियर राशिद की यात्रा का खर्च सरकार उठाएगी? दिल्ली HC में सुनाया विभाजित फैसला

तिहाड़ जेल में बंद MP इंजीनियर राशिद की यात्रा का खर्च सरकार उठाएगी? दिल्ली HC में सुनाया विभाजित फैसला

दिल्ली हाईकोर्ट ने जेल में बंद बारामूला के सांसद इंजीनियर राशिद द्वारा दायर याचिका पर शुक्रवार को विभाजित फैसला सुनाया। सांसद ने याचिका में तिहाड़ जेल से संसद तक की यात्रा के खर्च को केंद्र सरकार द्वारा वहन करने के लिए निर्देश देने की मांग की थी।

Engineer Rashid Parliament Travel Case: दिल्ली हाईकोर्ट ने तिहाड़ जेल में बंद सांसद इंजीनियर राशिद की संसद यात्रा के खर्च पर विभाजित फैसला सुनाया है। मामला संसद में उपस्थित होने के दौरान यात्रा और सुरक्षा का खर्च कौन उठाएगा, इस पर केंद्र सरकार और सांसद के बीच विवाद का विषय बन गया है।

इंजीनियर राशिद जम्मू-कश्मीर के बारामूला सीट से निर्वाचित सांसद हैं और यूएपीए (UAPA) के तहत आतंकी फंडिंग मामले में तिहाड़ जेल में बंद हैं। 2024 में उन्होंने जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को हराकर लोकसभा सीट जीती थी।

हाईकोर्ट में सुनाया गया विभाजित फैसला

दिल्ली हाईकोर्ट में इस याचिका पर न्यायमूर्ति अनूप जयराम भमभानी और न्यायमूर्ति विवेक चौधरी की बेंच ने विभाजित निर्णय सुनाया। न्यायमूर्ति भमभानी ने कहा कि सरकार को सांसद की संसद यात्रा का खर्च वहन करना चाहिए। उनका तर्क था कि सांसद के निर्वाचित होने के नाते संसद में उपस्थित रहना उनका संवैधानिक अधिकार है और इसके लिए खर्च सरकार द्वारा उठाया जाना चाहिए।

न्यायमूर्ति चौधरी ने इस निर्णय से असहमति जताई और कहा कि सरकार को तिहाड़ में बंद सांसद की यात्रा का खर्च वहन करने की कोई कानूनी बाध्यता नहीं है। अब यह मामला मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय के समक्ष रखा जाएगा, जो अंतिम दिशा-निर्देश जारी करेंगे।

ट्रायल कोर्ट का निर्णय

इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने इंजीनियर राशिद को संसद में उपस्थित होने की सिमित अनुमति दी थी। कोर्ट ने कहा कि सांसद अपने यात्रा और सुरक्षा संबंधी खर्च स्वयं वहन करेंगे, जबकि सुरक्षा और प्रशासनिक सुविधाएं सरकारी अधिकारी उपलब्ध कराएंगे। इंजीनियर राशिद ने ट्रायल कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया, यह तर्क देते हुए कि निर्वाचित सांसद का संसद में उपस्थित होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसे आर्थिक रूप से रोकना उचित नहीं है।

इंजीनियर राशिद को 2019 में यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया गया था। वे बारामूला लोकसभा सीट से सांसद हैं और 2024 के चुनाव में उन्होंने दो लाख से अधिक मतों से जीत हासिल की थी।

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