ट्रंप का NATO पर बड़ा हमला, बोले- 'अमेरिका के बिना गठबंधन ‘कागजी शेर’, यूरोपीय देशों को कहा कायर

डोनाल्ड ट्रंप ने NATO पर तीखा हमला करते हुए कहा कि अमेरिका के बिना यह गठबंधन ‘कागजी शेर’ है। उन्होंने यूरोपीय देशों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। जानें पूरा बयान।

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान युद्ध को लेकर पश्चिमी देशों के रवैये की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने अमेरिका के सहयोगी देशों को “कायर” बताया और कहा कि वे ईरान के खिलाफ सैन्य मदद की उनकी मांगों को पूरा करने में नाकाम रहे हैं।

वॉशिंगटन: पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी विवाद के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों पर तीखा हमला बोला है। ट्रंप ने NATO देशों की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका के बिना NATO एक “कागजी शेर” है। ट्रंप ने यह बयान उस समय दिया जब उन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य और रणनीतिक कार्रवाई में सहयोग के लिए यूरोपीय देशों से समर्थन मांगा था, लेकिन उन्हें अपेक्षित मदद नहीं मिली। इस पर नाराजगी जताते हुए ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर कड़ा संदेश पोस्ट किया।

ट्रंप ने सहयोगियों को बताया कायर

ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि अमेरिका के बिना NATO की कोई ताकत नहीं है। उन्होंने कहा कि जब ईरान जैसे परमाणु क्षमता वाले देश को रोकने की बात आई, तो कई सहयोगी देश पीछे हट गए। ट्रंप ने लिखा कि अब जब सैन्य स्थिति अमेरिका के पक्ष में है और खतरा कम हो गया है, तब वही देश तेल की बढ़ती कीमतों की शिकायत कर रहे हैं, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने में मदद करने के लिए तैयार नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई सैन्य दृष्टि से कठिन नहीं है और जोखिम भी कम है, फिर भी सहयोगी देश आगे नहीं आ रहे। अपने संदेश में ट्रंप ने यूरोपीय देशों को “कायर” कहा और चेतावनी दी कि अमेरिका इस रवैये को याद रखेगा।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा तनाव

Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण यह मार्ग असुरक्षित हो गया है। रिपोर्टों के अनुसार, क्षेत्र में ड्रोन हमले, मिसाइल खतरे और समुद्री सुरंगों की आशंका के कारण कई देशों के जहाज इस मार्ग से गुजरने से बच रहे हैं। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है और तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है।

ट्रंप के बयान के बाद कई यूरोपीय देशों और जापान ने संयुक्त बयान जारी किया। इस बयान में ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड और जापान के नेताओं ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सहयोग करने की बात कही। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer के कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सभी देश वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने और समुद्री मार्गों को सुरक्षित बनाने के लिए “उचित प्रयास” करेंगे।

बयान में ईरान से यह भी मांग की गई कि वह धमकियां देना, ड्रोन और मिसाइल हमले करना तथा वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही रोकने जैसे कदम तुरंत बंद करे।

NATO में मतभेद खुलकर सामने

विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप के बयान से NATO के अंदर मौजूद मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। अमेरिका लंबे समय से चाहता रहा है कि यूरोपीय देश सुरक्षा मामलों में अधिक जिम्मेदारी लें, लेकिन कई बार इस मुद्दे पर मतभेद सामने आते रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच यह दूरी बढ़ती है, तो इसका असर वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है। NATO दुनिया का सबसे बड़ा सैन्य गठबंधन है और इसकी एकजुटता अंतरराष्ट्रीय संतुलन के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।

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