भारत सरकार CNAP (Calling Name Presentation) सिस्टम की टेस्टिंग कर रही है, जो Truecaller जैसी कॉलर आइडेंटिटी सुविधा प्रदान करता है, लेकिन सरकारी वेरिफिकेशन के साथ। यह सिस्टम कॉल आने पर Aadhaar-लिंक्ड कॉलर का असली नाम दिखाता है और स्पैम व फ्रॉड कॉल्स को कम करने में मदद करता है। फिलहाल यह टेस्टिंग फेज में है और डेटा प्राइवेसी पर दिशानिर्देश आने की संभावना है।
CNAP Caller Identification System: भारत सरकार ने कॉलर आइडेंटिफिकेशन को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए CNAP (Calling Name Presentation) सिस्टम की टेस्टिंग शुरू की है। इस नई तकनीक के तहत 2025 में कॉल आने पर सबसे पहले कॉल करने वाले का Aadhaar-लिंक्ड असली नाम दिखेगा। यह कदम स्पैम और फ्रॉड कॉल्स को कम करने के लिए उठाया गया है और Truecaller जैसी निजी सेवाओं पर निर्भरता को घटाएगा। फिलहाल सिस्टम टेस्टिंग फेज में है और भविष्य में इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा।
नई तकनीक से कॉलर आइडेंटिटी होगी भरोसेमंद
भारत सरकार CNAP (Calling Name Presentation) सिस्टम की टेस्टिंग कर रही है, जो Truecaller जैसी सुविधा प्रदान करता है, लेकिन सरकारी वेरिफिकेशन के साथ। इस सिस्टम में कॉल आने पर सबसे पहले Aadhaar-लिंक्ड कॉलर का असली नाम दिखाई देगा। इससे यूजर्स अनजान नंबर उठाने में अधिक भरोसा कर सकेंगे और स्पैम या फ्रॉड कॉल की घटनाएं कम होंगी।
CNAP सिस्टम कॉलर की पहचान को अधिक पारदर्शी बनाता है। पहले यूजर्स अनसेव्ड नंबर के लिए Truecaller जैसे ऐप्स पर निर्भर रहते थे, लेकिन CNAP सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर नाम दिखाता है। नंबर के बाद आपका सेव किया गया नाम स्क्रीन पर दिखाई देगा, जिससे पहचान और अधिक सटीक हो जाएगी।

कैसे काम करता है CNAP
CNAP का फुल फॉर्म Calling Name Presentation है। जब कोई कॉल करता है, तो पहले उस नंबर से जुड़े Aadhaar नाम को स्क्रीन पर दिखाया जाता है। इसके बाद यूजर के द्वारा सेव किया गया नाम दिखाई देता है। यह प्रक्रिया कॉलर की असली पहचान को प्राथमिकता देती है और गैर-सत्यापित डेटा पर निर्भरता को खत्म करती है।
इस तकनीक के जरिए स्पैम और फ्रॉड कॉल्स को कम करने में मदद मिलेगी। यूजर्स को अनजान नंबर उठाने में अधिक भरोसा होगा। CNAP सरकारी रिकॉर्ड से वेरिफिकेशन करता है, जिससे कॉलर का असली नाम तुरंत स्क्रीन पर आता है।
प्राइवेसी और शुरुआती सवाल
हालांकि CNAP के साथ डेटा प्राइवेसी और नाम से संबंधित सवाल उठ रहे हैं। जैसे क्या यूजर्स अपने Aadhaar-लिंक्ड नाम को बदल सकते हैं, और क्या हर कॉल रिसीवर को नाम दिखाई देगा। फिलहाल यह सिस्टम टेस्टिंग फेज में है, और भविष्य में दिशानिर्देश जारी किए जाने की संभावना है।







