अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडाई विमान निर्माता बॉम्बार्डियर को अमेरिकी बाजार में बिक्री रोकने की धमकी दी है। ट्रंप ने कहा कि कंपनी को अमेरिका में कारोबार करना है तो विमानों का निर्माण भी यहीं करना होगा। यह बयान बढ़ते टैरिफ विवाद के बीच आया है।
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडाई विमान निर्माता बॉम्बार्डियर को अमेरिकी बाजार में विमान बेचने पर रोक लगाने की धमकी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर कंपनी अमेरिका के बाजार तक पहुंच चाहती है तो उसे विमानों का निर्माण अमेरिका में करना होगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच टैरिफ विवाद फिर तेज हो गया है।
ट्रंप का बॉम्बार्डियर पर सीधा हमला
डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को Truth Social पर बॉम्बार्डियर को निशाना बनाते हुए कहा कि अमेरिका में कंपनी के विमानों की बिक्री नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर बॉम्बार्डियर अमेरिकी बाजार में कारोबार करना चाहती है तो उसे अमेरिका में ही निर्माण करना होगा।
ट्रंप ने कंपनी पर अमेरिका के बाजार का फायदा उठाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसे अमेरिका को ‘पिगी बैंक’ समझना बंद करना चाहिए। Reuters के मुताबिक, ट्रंप ने बॉम्बार्डियर के उत्पादों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाया और अमेरिकी बाजार में बिक्री रोकने की बात कही।
ट्रंप ने अपने पोस्ट में यह भी दावा किया कि बॉम्बार्डियर के 50% से ज्यादा राजस्व का संबंध अमेरिका से है। हालांकि, उपलब्ध कंपनी रिपोर्टिंग के आधार पर अमेरिका से होने वाली आय का यह सटीक अनुपात स्वतंत्र रूप से स्पष्ट नहीं है। इसलिए इस आंकड़े को ट्रंप के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
अमेरिका बॉम्बार्डियर का अहम बाजार
कनाडा की बॉम्बार्डियर बिजनेस जेट और विमान निर्माण क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में शामिल है। अमेरिकी बाजार कंपनी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अमेरिका में निजी और कॉरपोरेट जेट की मांग के कारण बॉम्बार्डियर के लिए यहां ग्राहक आधार और बिक्री नेटवर्क काफी बड़ा है।
इसी वजह से ट्रंप की ताजा चेतावनी कंपनी के कारोबार के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि अमेरिकी बाजार में बिक्री वास्तव में सीमित होती है, तो इसका असर नए विमानों के ऑर्डर, डिलीवरी, ग्राहक कंपनियों और विमान सेवा नेटवर्क पर पड़ सकता है।
हालांकि, ट्रंप का बयान फिलहाल एक राजनीतिक और व्यापारिक चेतावनी के रूप में सामने आया है। अमेरिकी प्रशासन ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि बॉम्बार्डियर के विमानों की बिक्री रोकने के लिए कौन-सी कानूनी या नियामकीय प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
अमेरिका में बॉम्बार्डियर की सप्लाई चेन भी मजबूत
बॉम्बार्डियर का अमेरिकी बाजार से संबंध केवल विमान बेचने तक सीमित नहीं है। कंपनी की अमेरिकी गतिविधियों से वहां रोजगार, सप्लाई चेन और विमानन क्षेत्र की कई कंपनियां जुड़ी हैं।
कंपनी ने अमेरिकी कारोबार के संदर्भ में बताया है कि उसकी सप्लाई चेन में अमेरिका के अलग-अलग राज्यों की बड़ी संख्या में कंपनियां शामिल हैं। उसके विमानों में अमेरिकी कंपनियों द्वारा बनाए गए इंजन, एवियोनिक्स और अन्य उपकरण भी इस्तेमाल होते हैं।
इसका मतलब यह है कि बॉम्बार्डियर और अमेरिका के बीच कारोबारी रिश्ता एकतरफा नहीं है। कंपनी अमेरिकी ग्राहकों को विमान बेचती है, लेकिन अमेरिकी कंपनियां भी बॉम्बार्डियर के उत्पादन और सप्लाई नेटवर्क का हिस्सा हैं।
ऐसे में अगर अमेरिकी बाजार में बॉम्बार्डियर के विमानों की बिक्री पर व्यापक रोक लगती है, तो इसका असर सिर्फ कनाडाई कंपनी पर नहीं बल्कि अमेरिकी सप्लायर्स और विमानन क्षेत्र के दूसरे कारोबारों पर भी पड़ सकता है।
जनवरी में भी ट्रंप ने दी थी कार्रवाई की धमकी
बॉम्बार्डियर को लेकर ट्रंप का यह पहला विवाद नहीं है। जनवरी 2026 में भी उन्होंने कंपनी के कुछ विमानों का अमेरिकी सर्टिफिकेशन रद्द करने और कनाडा में बने विमानों पर 50% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी।
उस समय विवाद का केंद्र अमेरिकी विमान निर्माता Gulfstream था। ट्रंप का आरोप था कि कनाडा ने अमेरिकी कंपनी के कुछ नए विमानों को आवश्यक प्रमाणन देने में बाधा डाली।
ट्रंप ने उस समय बॉम्बार्डियर के विमानों के अमेरिकी प्रमाणन पर कार्रवाई की बात कही थी, लेकिन बाद में ऐसी कार्रवाई लागू नहीं हुई। Reuters के अनुसार, कनाडा ने अगले महीने Gulfstream के कई विमानों को प्रमाणित कर दिया था।
अमेरिका-कनाडा ट्रेड वॉर फिर हुआ तेज
बॉम्बार्डियर को लेकर ट्रंप की नई चेतावनी अमेरिका और कनाडा के बीच चल रहे व्यापक व्यापार विवाद के बीच आई है।
अगस्त में अमेरिका ने कनाडा के लगभग 20 अरब डॉलर के सामान पर 50% अतिरिक्त टैरिफ लागू किया था। इन शुल्कों के दायरे में कई तरह के उत्पाद शामिल थे। ट्रंप प्रशासन ने कनाडा के अमेरिकी उत्पादों के साथ कथित भेदभावपूर्ण व्यवहार को इन कदमों की वजह बताया था।
इसके जवाब में कनाडा ने अमेरिकी सामान पर जवाबी शुल्क लगाने का फैसला किया। कनाडा की ओर से घोषित प्रतिशोधी शुल्क 8 सितंबर से प्रभावी हुए और करीब 20 अरब डॉलर के अमेरिकी आयात को प्रभावित कर रहे हैं। अलग-अलग उत्पादों पर 15%, 25% और 50% तक शुल्क लगाया गया है।
कनाडा के नए शुल्कों में स्टील, घरेलू उपकरण, कृषि उपकरण, डेयरी उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य वस्तुएं शामिल हैं। इससे दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रहा व्यापार विवाद और गंभीर हो गया है।
विवाद की जड़ में सिर्फ टैरिफ नहीं
अमेरिका-कनाडा विवाद अब केवल आयात शुल्क तक सीमित नहीं है। दोनों देशों के बीच व्यापार, सीमा सुरक्षा, कृषि और संप्रभुता से जुड़े कई मुद्दों पर मतभेद बढ़े हैं।
1. टैरिफ की लड़ाई
सबसे तत्काल विवाद अमेरिकी और कनाडाई उत्पादों पर लगाए गए शुल्क हैं। अमेरिका ने कनाडा के कुछ सामान पर 50% तक शुल्क लगाया, जिसके जवाब में कनाडा ने भी समान दरों पर अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क लागू किया।
2. कनाडा को 51वां राज्य बनाने की ट्रंप की टिप्पणी
ट्रंप कई बार कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाए जाने की बात कह चुके हैं। कनाडा ने इन टिप्पणियों को खारिज किया है। यह मुद्दा दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव का प्रतीक बन चुका है।
3. कनाडाई नेतृत्व पर ट्रंप के बयान
ट्रंप ने कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को कई बार ‘गवर्नर’ कहकर संबोधित किया। कनाडा में इन टिप्पणियों को देश की संप्रभुता के प्रति अपमानजनक माना गया।
अब कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ भी ट्रंप प्रशासन के संबंधों में व्यापार नीति को लेकर तनाव बना हुआ है। दोनों देशों के बीच अगस्त में व्यापार वार्ता भी विफल रही।
4. सीमा सुरक्षा और फेंटानिल
अमेरिकी प्रशासन लंबे समय से कनाडा की सीमा से अवैध प्रवास और फेंटानिल जैसी नशीली दवाओं की तस्करी को लेकर चिंता जताता रहा है। ट्रंप प्रशासन ने कनाडा से सीमा नियंत्रण और निगरानी मजबूत करने की मांग की है।
5. डेयरी और कृषि बाजार
अमेरिका और कनाडा के बीच कृषि व्यापार भी लंबे समय से विवाद का विषय रहा है। अमेरिका कनाडा की डेयरी और पोल्ट्री व्यवस्था को लेकर बाजार पहुंच बढ़ाने की मांग करता रहा है, जबकि कनाडा अपने घरेलू किसानों और उत्पादकों की सुरक्षा के लिए अपनी मौजूदा व्यवस्था बनाए रखना चाहता है।
बॉम्बार्डियर पर कार्रवाई आसान नहीं
ट्रंप की धमकी के बावजूद बॉम्बार्डियर के विमानों की अमेरिकी बिक्री पर तत्काल रोक लगाना आसान नहीं होगा। अमेरिकी विमानन क्षेत्र में किसी विमान की बिक्री और संचालन के लिए नियामकीय प्रमाणन की प्रक्रिया होती है।
इसलिए राष्ट्रपति की राजनीतिक घोषणा और वास्तविक नियामकीय कार्रवाई अलग-अलग चरण हैं। यदि प्रशासन बॉम्बार्डियर के विमानों पर प्रतिबंध लगाना चाहता है, तो उसके लिए संबंधित अमेरिकी एजेंसियों और कानूनी प्रक्रियाओं का सहारा लेना पड़ सकता है।
इसके अलावा, बॉम्बार्डियर के अमेरिकी ग्राहकों और वहां की सप्लाई चेन को देखते हुए किसी व्यापक प्रतिबंध का असर दोनों देशों के विमानन उद्योग पर पड़ सकता है।
आगे क्या होगा?
ट्रंप की ताजा चेतावनी से यह संकेत मिलता है कि अमेरिका-कनाडा व्यापार विवाद अब केवल टैरिफ तक सीमित नहीं रहा। अमेरिकी बाजार तक पहुंच को स्थानीय उत्पादन से जोड़ने की नीति बॉम्बार्डियर जैसी विदेशी कंपनियों के लिए नई चुनौती बन सकती है।
दूसरी ओर, कनाडा ने अमेरिकी शुल्कों का जवाब देकर यह स्पष्ट कर दिया है कि वह दबाव के सामने एकतरफा रियायत देने के बजाय जवाबी व्यापारिक कदम उठाने को तैयार है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बॉम्बार्डियर को लेकर ट्रंप का बयान केवल दबाव बनाने की रणनीति साबित होता है या इसके बाद कोई औपचारिक अमेरिकी कार्रवाई भी होती है। फिलहाल, किसी नए प्रतिबंध या प्रमाणन रद्द किए जाने की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। इस घटनाक्रम ने अमेरिका-कनाडा व्यापार संबंधों में जारी अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है।









