U19 Cricket World Cup: हार कर भी ‘बाजीगर’ बना जापान, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विल मालास्जुक का ऐतिहासिक शतक

U19 क्रिकेट वर्ल्ड कप में जापान भले ही मैच हार गया, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विल मालास्जुक के ऐतिहासिक शतक ने इतिहास रच दिया। जानिए मैच का पूरा हाल, रिकॉर्ड्स

आईसीसी अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप में भले ही जापान को ऑस्ट्रेलिया के हाथों 8 विकेट से हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन इस मुकाबले में जापानी टीम ने ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जिन्होंने पूरी क्रिकेट दुनिया का ध्यान खींच लिया।

स्पोर्ट्स न्यूज़: ऑस्ट्रेलिया के बाएं हाथ के बल्लेबाज विल मालास्जुक ने आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के इतिहास में नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए जापान के खिलाफ मात्र 51 गेंदों में सबसे तेज शतक जड़ दिया। उनकी इस विस्फोटक पारी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने 202 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 8 विकेट से शानदार जीत दर्ज की। मालास्जुक ने 55 गेंदों में 102 रन बनाए और मैच पर पूरी तरह से ऑस्ट्रेलिया का दबदबा बना दिया। 

इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलियाई टीम ने टूर्नामेंट के सुपर सिक्स चरण में अपनी जगह पक्की कर ली। मालास्जुक की आक्रामक बल्लेबाजी ने न सिर्फ टीम को आसान जीत दिलाई, बल्कि उन्हें अंडर-19 वर्ल्ड कप के इतिहास में यादगार प्रदर्शन करने वाले बल्लेबाजों की सूची में भी शामिल कर दिया।

विल मालास्जुक का ऐतिहासिक शतक

ऑस्ट्रेलिया के बाएं हाथ के बल्लेबाज विल मालास्जुक ने जापान के खिलाफ महज 51 गेंदों में शतक लगाकर आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास का नया रिकॉर्ड बना दिया। उन्होंने 55 गेंदों में 102 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें कई आकर्षक चौके और छक्के शामिल थे। 202 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने मैच को पूरी तरह एकतरफा बना दिया। मालास्जुक की आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर कंगारू टीम ने 20 ओवर से ज्यादा शेष रहते जीत हासिल कर ली और सुपर सिक्स में अपनी जगह पक्की कर ली।

हालांकि स्कोरबोर्ड पर जापान की हार दर्ज हुई, लेकिन उनके युवा बल्लेबाजों ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं। खासतौर पर ह्यूगो केली और निहार परमार ने अपनी शानदार पारियों से जापान क्रिकेट के इतिहास में नया अध्याय जोड़ा।

ह्यूगो केली और निहार परमार की रिकॉर्ड साझेदारी

जापान की पारी में शुरुआती झटकों के बाद ह्यूगो केली और निहार परमार ने दूसरे विकेट के लिए 58 रनों की साझेदारी की। यह जापान अंडर-19 टीम के लिए विश्व कप वनडे इतिहास में दूसरे विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी रही। निहार परमार ने 33 रन बनाए, जबकि ह्यूगो केली ने पारी को संभाले रखा और अंत तक टिके रहे।

ह्यूगो केली ने 135 गेंदों में नाबाद 79 रन की संयमित और जुझारू पारी खेली। इस पारी के साथ उन्होंने 26 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया और जापान के लिए यूथ वनडे में दो बार 50+ स्कोर बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए। इससे पहले 1999 में नील डेट ने जापान के लिए अर्धशतक लगाया था, लेकिन कोई भी बल्लेबाज दो बार यह कारनामा नहीं कर पाया था।

ह्यूगो केली इससे पहले श्रीलंका अंडर-19 के खिलाफ 162 गेंदों में नाबाद 101 रन बना चुके हैं। वह जापान के लिए अंडर-19 वर्ल्ड कप में शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी भी हैं, जो उनके बढ़ते कद को दर्शाता है।

7वें विकेट के लिए भी ऐतिहासिक साझेदारी

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इसी मुकाबले में ह्यूगो केली ने मोंटगोमरी हिंजे के साथ 7वें विकेट के लिए 103 गेंदों में 72 रन की साझेदारी की। यह जापान यूथ वनडे इतिहास में 7वें विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी रही। इस साझेदारी ने यह भी साबित किया कि जापान की टीम अब केवल भागीदारी के लिए नहीं, बल्कि मुकाबला करने के इरादे से उतर रही है।

जापान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 8 विकेट पर 201 रन बनाए। ह्यूगो केली (79*), निहार परमार (33), चार्ली (24) और मोंटगोमरी हिंजे (29) ही दहाई के आंकड़े तक पहुंच सके। सलामी बल्लेबाज निखिल पोल बिना खाता खोले आउट हो गए थे। लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने विल मालास्जुक और नितेश सैमुअल की 135 रनों की ओपनिंग साझेदारी के दम पर मैच जल्दी खत्म कर दिया। सैमुअल 60 रन बनाकर नाबाद लौटे और ऑस्ट्रेलिया ने 20.5 ओवर शेष रहते जीत दर्ज की।

Leave a comment