दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईशान किशन का शानदार प्रदर्शन, 150+ रन पर नाबाद; ईस्ट जोन का स्कोर 470 के पार

दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन ने 470+ रन बनाए। कप्तान ईशान किशन शानदार बल्लेबाजी करते हुए 150 से ज्यादा रन पर नाबाद हैं, जबकि कुमार कुशाग्र ने 101 रन बनाए।

चेन्नई में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन ने साउथ जोन के खिलाफ मजबूत स्थिति बना ली है। कप्तान ईशान किशन 150 से अधिक रन बनाकर नाबाद हैं, जबकि कुमार कुशाग्र ने 101 रन की शतकीय पारी खेली।

Daleep Trophy Final 2026: दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन ने साउथ जोन के खिलाफ अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। चेन्नई में खेले जा रहे मुकाबले में ईस्ट जोन ने 5 विकेट पर 470 से ज्यादा रन बना लिए हैं। टीम की इस बड़ी पारी के केंद्र में कप्तान और विकेटकीपर ईशान किशन हैं, जो 150 से अधिक रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए हैं।  ईशान ने पहले दिन नाबाद 111 रन बनाए थे और दूसरे दिन भी शानदार बल्लेबाजी जारी रखते हुए अपना स्कोर 150 के पार पहुंचाया। उनकी पारी ने ईस्ट जोन को फाइनल में मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।

कप्तान की पारी में धैर्य और आक्रामकता का संतुलित मिश्रण देखने को मिला। साउथ जोन के गेंदबाजों के खिलाफ लगातार रन बनाते हुए ईशान ने टीम को बड़े स्कोर की ओर बढ़ाया।

ईशान किशन का फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 10वां शतक

ईशान किशन के लिए यह पारी व्यक्तिगत रूप से भी खास रही। उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपना 10वां शतक पूरा किया।

पहले दिन 111 रन पर नाबाद रहने के बाद ईशान ने दूसरे दिन अपनी पारी को आगे बढ़ाया और 150 रन के आंकड़े को पार कर लिया। उनके नाबाद रहने से ईस्ट जोन के पास पारी को और बड़े स्कोर तक ले जाने का मौका बना हुआ है।

कप्तान की मौजूदगी ईस्ट जोन के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि टीम पहले ही 470 से अधिक रन बना चुकी है। अब ईशान की नजर अपनी पारी को और आगे ले जाने पर होगी।

कुमार कुशाग्र ने भी जड़ा शतक

ईस्ट जोन की बड़ी पारी में कुमार कुशाग्र का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 101 रन की शतकीय पारी खेली।

कुशाग्र और ईशान ने मिलकर टीम की पारी को स्थिरता दी और साउथ जोन के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। कुशाग्र के आउट होने के बाद भी ईशान ने मोर्चा संभाले रखा और टीम के स्कोर को आगे बढ़ाते रहे।

कुशाग्र का शतक ईस्ट जोन की बल्लेबाजी की गहराई को दर्शाता है। टीम के शीर्ष और मध्य क्रम के बल्लेबाजों ने लगातार उपयोगी पारियां खेलकर साउथ जोन के गेंदबाजों को विकेट के लिए संघर्ष करने पर मजबूर किया।

वैभव सूर्यवंशी ने बनाए 44 रन

ईस्ट जोन ने रविवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। टीम को शुरुआत में ही अच्छे रन मिले।

वैभव सूर्यवंशी ने केवल 37 गेंदों पर 44 रन की तेज पारी खेली। उनके साथ अभिमन्यु ईश्वरन ने 72 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 100 रन की साझेदारी की, जिससे ईस्ट जोन को मजबूत शुरुआत मिली।

इसके बाद शिखर मोहन ने भी 85 रन की उपयोगी पारी खेली। शीर्ष क्रम से मिले इन योगदानों के बाद ईशान किशन ने पारी को संभाला और टीम को विशाल स्कोर की दिशा में आगे बढ़ाया।

ईस्ट जोन की बल्लेबाजी में अलग-अलग चरणों में कई खिलाड़ियों के योगदान ने टीम को फाइनल में मजबूत स्थिति तक पहुंचाया।

मोहम्मद सिराज को नहीं मिली सफलता

साउथ जोन की गेंदबाजी अब तक अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सकी है। चामा मिलिंद और त्रिपुराना विजय ने दो-दो विकेट हासिल किए हैं, जबकि अभिमन्यु ईश्वरन रन आउट हुए।

हालांकि, भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज समेत साउथ जोन के अन्य गेंदबाज ईस्ट जोन के बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाने में सफल नहीं रहे।

दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईशान किशन का शानदार प्रदर्शन, 150+ रन पर नाबाद; ईस्ट जोन का स्कोर 470 के पार

सिराज ने 17 ओवर में 109 रन खर्च किए हैं, लेकिन उन्हें अभी तक एक भी विकेट नहीं मिला है। ईस्ट जोन के बल्लेबाजों ने उनकी गेंदबाजी का सामना करते हुए लगातार रन बनाए और साउथ जोन को विकेट हासिल करने के लिए संघर्ष करना पड़ा।

ईस्ट जोन के बल्लेबाजों ने संभाली पारी

ईस्ट जोन की पारी की शुरुआत वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन ने की। दोनों ने पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी कर टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई।

इसके बाद ईश्वरन 72 रन बनाकर आउट हुए, जबकि शिखर मोहन ने 85 रन की पारी खेलकर टीम के स्कोर को आगे बढ़ाया। मध्यक्रम में कुमार कुशाग्र के शतक और ईशान किशन की बड़ी नाबाद पारी ने ईस्ट जोन को विशाल स्कोर तक पहुंचाया।

कप्तान ईशान की पारी इस मुकाबले में अब तक सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन में शामिल रही है। 150 से अधिक रन पर नाबाद होने के कारण उनके पास स्कोर को और आगे बढ़ाने का अवसर मौजूद है।

दोनों टीमों की प्लेइंग-11


ईस्ट जोन

अभिमन्यु ईश्वरन, वैभव सूर्यवंशी, कुमार कुशाग्र, सुदीप कुमार घरामी, शिखर मोहन, ईशान किशन (विकेटकीपर/कप्तान), एमडी कौनैन कुरैशी, अनुकूल रॉय, मोहम्मद शमी, अभिजीत के सरकार और मुकेश कुमार।

साउथ जोन

रिकी भुई, नारायण जगदीसन (विकेटकीपर), देवदत्त पडिक्कल, शेख रशीद, तिलक वर्मा (कप्तान), स्मरण रविचंद्रन, श्रेयस गोपाल, त्रिपुराना विजय, मोहम्मद सिराज, चामा वी मिलिंद और एमडी निधिश।

फाइनल में ईस्ट जोन की पकड़ मजबूत

दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईस्ट जोन ने बल्लेबाजी के दम पर साउथ जोन के सामने मजबूत चुनौती पेश की है। टीम के कई बल्लेबाजों ने बड़ी पारियां खेलीं, जबकि कप्तान ईशान किशन अब भी क्रीज पर मौजूद हैं।

ईशान के 150 से अधिक रन पर नाबाद रहने और कुमार कुशाग्र के 101 रन बनाने से ईस्ट जोन का स्कोर 470 के पार पहुंच गया है। दूसरी ओर, साउथ जोन को अब जल्द विकेट हासिल करने होंगे, ताकि मुकाबले में वापसी का रास्ता बनाया जा सके।

फाइनल के इस चरण में ईशान किशन की नाबाद पारी ईस्ट जोन के लिए सबसे बड़ी ताकत बनी हुई है। साउथ जोन के गेंदबाजों के सामने अब कप्तान को आउट करने के साथ-साथ बाकी बल्लेबाजों को रोकने की भी चुनौती है।

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