पश्चिम एशिया संघर्ष का रियल एस्टेट पर असर, UP RERA ने प्रोजेक्ट्स को 4 महीने की राहत दी

पश्चिम एशिया संघर्ष के असर से प्रभावित पात्र रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को UP RERA ने 4 महीने का एक्सटेंशन दिया है। जानें पात्रता और जरूरी शर्तें।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के प्रभाव को देखते हुए यूपी रेरा ने पात्र रियल एस्टेट परियोजनाओं को चार महीने का अतिरिक्त समय दिया है। यह राहत निर्धारित शर्तें पूरी करने वाली परियोजनाओं पर लागू होगी।

लखनऊ: पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष से प्रभावित रियल एस्टेट परियोजनाओं को यूपी रेरा ने राहत दी है। प्राधिकरण ने पात्र पंजीकृत परियोजनाओं की पंजीकरण और completion अवधि चार महीने बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह विस्तार उन परियोजनाओं को मिलेगा जिनकी मूल, संशोधित या पहले से विस्तारित completion date 28 फरवरी से 31 अक्टूबर के बीच है।

पश्चिम एशिया संघर्ष से रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स प्रभावित

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण निर्माण गतिविधियों और रियल एस्टेट परियोजनाओं की गति पर पड़े असर को देखते हुए उत्तर प्रदेश भू-संपदा नियामक प्राधिकरण (UP RERA) ने पात्र परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त समय की व्यवस्था की है। इसके तहत संबंधित पंजीकृत रियल एस्टेट परियोजनाओं को पंजीकरण और परियोजना पूरी करने की अवधि में चार महीने की अतिरिक्त मोहलत दी जाएगी।

यह फैसला उन परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है, जिनकी समयसीमा मौजूदा परिस्थितियों के कारण प्रभावित हुई है। यूपी रेरा के अनुसार, विस्तार मौजूदा पंजीकरण की अंतिम वैधता तिथि से प्रभावी होगा।

किन रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को मिलेगा विस्तार

यूपी रेरा के मुताबिक, जिन पंजीकृत परियोजनाओं की मूल, संशोधित या पहले से बढ़ाई गई completion date 28 फरवरी से 31 अक्टूबर के बीच आती है, वे इस चार महीने के extension के दायरे में होंगी।

हालांकि, सभी परियोजनाओं को यह राहत स्वतः नहीं मिलेगी। परियोजना प्रवर्तकों को निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा। इन शर्तों के पूरा होने के बाद संबंधित परियोजना का पंजीकरण चार महीने के लिए स्वतः बढ़ाया जाएगा।

इससे उन बिल्डरों और परियोजना प्रवर्तकों को अतिरिक्त समय मिलेगा, जिनकी परियोजनाओं की progress पश्चिम एशिया में बने असाधारण हालात से प्रभावित हुई है।

किन शर्तों को पूरा करना होगा

चार महीने की अतिरिक्त अवधि का लाभ लेने के लिए परियोजना प्रवर्तकों को कुछ जरूरी regulatory requirements पूरी करनी होंगी। इनमें 28 फरवरी 2026 को स्वीकृत नक्शे, लेआउट या भवन योजना का वैध होना शामिल है।

इसके अलावा, परियोजना की मौजूदा registration validity समाप्त होने तक सभी लंबित Quarterly Progress Reports (QPR) जमा करनी होंगी। प्रवर्तकों को वित्तीय वर्ष 2024-25 की वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट REG-5 भी दाखिल करनी होगी।

यूपी रेरा ने स्पष्ट किया है कि इन सभी आवश्यकताओं को पूरा करने वाली पात्र परियोजनाओं का पंजीकरण चार महीने के लिए आगे बढ़ाया जाएगा। इससे परियोजनाओं को पूरा करने के लिए अतिरिक्त operational window मिल सकेगी।

केंद्रीय मंत्रालय की सलाह के बाद लिया फैसला

यूपी रेरा का यह निर्णय केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की 31 जुलाई की सलाह के आधार पर लिया गया है। मंत्रालय ने असाधारण परिस्थितियों से प्रभावित रियल एस्टेट परियोजनाओं को राहत देने के लिए सामूहिक आदेश के माध्यम से चार महीने की अवधि बढ़ाने का सुझाव दिया था।

पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण बने हालात का असर विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ा है और रियल एस्टेट परियोजनाएं भी इससे प्रभावित हुई हैं। ऐसे में यूपी रेरा की ओर से दिया गया यह extension पात्र परियोजनाओं को अपनी निर्माण और completion timeline को संभालने के लिए अतिरिक्त समय देगा।

हालांकि, यह राहत केवल निर्धारित eligibility criteria पूरा करने वाली registered projects तक सीमित रहेगी। परियोजना प्रवर्तकों को सभी लंबित regulatory filings और आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा करने होंगे।

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