UPESC Exam सुरक्षा: कमांड कंट्रोल और तकनीकी निगरानी के साथ होगी परीक्षा

UPESC ने 2026 भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने और पारदर्शिता के लिए सीसीटीवी और बायोमेट्रिक मॉनिटरिंग वाला कमांड कंट्रोल तैयार किया।

उत्तर प्रदेश एजुकेशन सिलेक्शन कमीशन (UPESC) ने 2026 में प्रस्तावित भर्ती परीक्षाओं की निगरानी के लिए नया कमांड कंट्रोल तैयार किया है। सीसीटीवी कैमरों और बायोमेट्रिक सिस्टम के माध्यम से उम्मीदवारों की उपस्थिति और परीक्षा प्रक्रिया की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। यह कदम नकल रोकने और परीक्षा को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

UPESC Exam 2026: उत्तर प्रदेश एजुकेशन सिलेक्शन कमीशन (UPESC) ने 2026 में प्रस्तावित भर्ती परीक्षाओं जैसे UPTET, असिस्टेंट प्रोफेसर और TGT-PGT शिक्षक भर्ती के लिए नया कमांड कंट्रोल स्थापित किया है। इसका उद्देश्य परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरों और बायोमेट्रिक प्रणाली के जरिए उम्मीदवारों की उपस्थिति और परीक्षा प्रक्रिया की लाइव निगरानी करना है। यह पहल नकल रोकने, पारदर्शिता बढ़ाने और परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए की गई है।

कमांड कंट्रोल और आधुनिक निगरानी व्यवस्था

उत्तर प्रदेश एजुकेशन सिलेक्शन कमीशन (UPESC) ने 2026 में प्रस्तावित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं जैसे UPTET, असिस्टेंट प्रोफेसर और TGT-PGT शिक्षक भर्ती को नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए नया कमांड कंट्रोल स्थापित किया है। इस सेंटर से परीक्षा केंद्रों की लाइव निगरानी की जाएगी। सीसीटीवी कैमरों और बायोमेट्रिक सिस्टम के जरिए कैंडिडेट्स की उपस्थिति और परीक्षा प्रक्रिया पर सतत नजर रखी जाएगी।

कमांड कंट्रोल सेंटर से लाइव प्रसारण के माध्यम से अगर किसी केंद्र में गड़बड़ी पाई जाती है, तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी। रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाएगी, ताकि भविष्य में किसी भी विवाद या अनियमितता का निष्पक्ष समाधान किया जा सके।

UPESC Exam सुरक्षा: कमांड कंट्रोल और तकनीकी निगरानी के साथ होगी परीक्षा

सीसीटीवी और बायोमेट्रिक अटेंडेंस का महत्व

UPESC ने परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरों की मदद से केंद्र के अंदर और बाहर दोनों जगह निगरानी सुनिश्चित की है। साथ ही कैंडिडेट्स की बायोमेट्रिक अटेंडेंस लाइव मॉनिटरिंग में जुड़ी हुई है। यह कदम न केवल नकल रोकने के लिए है बल्कि परीक्षा की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए भी प्रभावी माना जा रहा है।

इस तकनीकी व्यवस्था से परीक्षा प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और नियंत्रण योग्य होगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे उम्मीदवारों और प्रशासन दोनों को भरोसा मिलेगा कि परीक्षा निष्पक्ष रूप से हो रही है।

असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा से शुरुआत

UPESC का यह नया निगरानी सिस्टम पहली बार 18 और 19 अप्रैल को आयोजित होने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में लागू होगा। यह परीक्षा प्रदेश के 53 केंद्रों पर दो पालियों में होगी और 910 पदों के लिए आयोजित की जा रही है। प्रयागराज, आगरा, मेरठ, लखनऊ, गोरखपुर और वाराणसी में बनाए गए केंद्रों पर उम्मीदवारों की सख्त निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।

आगामी UPTET और अन्य शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में भी इसी प्रणाली का पालन किया जाएगा, जिससे नकल और अनियमितताओं की पूरी रोकथाम हो सके।

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